जल स्वावलंबन अभियान का असर, जल संकट से बाहर आया राजस्थान

राजस्थान में जल संसाधन विभाग द्वारा भूजल स्तर के सबसे चिंताजनक बने करीब तीन सौ डार्क जोन में सौ से अधिक इलाकों की स्थिति में सुधार हुआ है. जल संसाधन विभाग की रिवर बेसिन अथॉरिटी द्वारा मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना के दो चरण पूरे करने पर सौ डार्क जोन में जल स्तर में व्यापक सुधार हुआ है.

Rakesh sharma | News18 Rajasthan
Updated: June 14, 2018, 9:13 AM IST
जल स्वावलंबन अभियान का असर, जल संकट से बाहर आया राजस्थान
जल स्वावलंबन अभियान के तहत राजस्थान
Rakesh sharma | News18 Rajasthan
Updated: June 14, 2018, 9:13 AM IST
प्रदेश में मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे का जल स्वावलंबन अभियान अब धरातल पर कारगर साबित होने लगा है. मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान के दो चरण सफलता पूर्वक संपन्न होने के बाद तीसरे और चौथे चरण की तैयारियां युद्ध स्तर पर शुरू कर दी गई हैं. मुख्यमंत्री वुसंधरा राजे के जल बचाओं नीती से राजस्थान के एक तिहाई क्षेत्र अब जलसंकट से बाहर आ चुके हैं. रिवर बेसिन अथॉरिटी की बैठक में जल स्वावलंबन योजना को त्वरित पूरा करने के निर्देश सभी विभागों को जारी कर दिए गए हैं.

मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे द्वारा तेजी से गिर रहे भूजल में सुधार लाने के प्रयास अब रंग दिखाने लगे हैं. राजस्थान में जल संसाधन विभाग द्वारा भूजल स्तर के सबसे चिंताजनक बने करीब तीन सौ डार्क जोन में सौ से अधिक इलाकों की स्थिति में सुधार हुआ है. जल संसाधन विभाग की रिवर बेसिन अथॉरिटी द्वारा मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना के दो चरण पूरे करने पर सौ डार्क जोन में जल स्तर में व्यापक सुधार हुआ है. प्रथम दो चरणों में जल स्वावलंबन क्षेत्र में किए गए कार्य से अंडरग्राउंड वाटर की स्थिति में दशकों बाद पहली बार सुधार दिखा है. जल स्वावलंबन योजना की समीक्षा के लिए आयोजित बैठक में सभी विभागों द्वारा पेश किए गए आंकड़ों बेहद सकारात्मक सामने आए हैं. जल स्वावलंबन योजना की खास बात ये है कि इस योजना के आने के बाद जहां ग्रामीण क्षेत्रों में भूजल स्तर बढा है वहीं शहरी क्षेत्रों में भी ग्राउंड वाटर के आंकड़ों में व्यापक सुधार आया है.

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प्रदेश के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में जल स्वावलंबन योजना की समीक्षा के लिए रिवर बेसिन अथॉरिटी अध्यक्ष श्रीराम वेदीरे की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई. बैठक में IAS कुलदीप रांका, IAS कुंजीलाल मीणा, IAS अनुराग भारद्वाज, IAS टी. रविकांत, IAS शिकर अग्रवाल, IAS एम. एस. काला और पी. सी. किशन सहित योजना से जुड़े कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे. बैठक में जल स्वावलंबन अभियान के दो चरण पूरे करने के बाद तीसरे चरण शुरु करने की कार्य योजना पर चर्चा की गई.

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रिवर बेसिन अथ्योरिटी अध्यक्ष श्रीराम वेदीरे ने सभी विभागों से तीसरे चरण की कार्य योजना को संचालित करने के साथ साथ चौथे चरण के सर्वे कार्य शुरू करने के निर्देश दिए हैं. जल स्वावलंबन अभियानके अब तक के सभी चरणों में तैयार की गई योजनाओं में आगामी मानसून से पहले हर हाल में पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं. विभाग का ने जुलाई में मानसून आने से पहले जून अंत तक सभी कार्य हर हाल में ग्रामीण क्षेत्र और शहरी क्षेत्रों में योजना को पूरे करने की बात कही है.

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रिवर बेसिन अथॉरिटी ने सभी विभागाध्यक्षों को मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान को गंभीरता से लेने के निर्देश जारी किए हैं. अभियान में आ रही तकनीकी और व्यावहारिक समस्याओं से सभी विभागों को मिलकर दूर करने की बात कही गई हैं. रिवर बेसिन अथ्योरिटी का मानना है की आगामी मानसून में जल स्वावलंबन योजनाओं के जरिए प्रदेश के भूजल स्तर में और व्यापक सुधार किया जा सकता है.

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