लाइव टीवी

अहम फैसला: शहरी निकायों को अब बोर्ड मिटिंग के बिन्दु करने होंगे सार्वजनिक
Jaipur News in Hindi

Dinesh Sharma | News18 Rajasthan
Updated: January 2, 2020, 3:22 PM IST
अहम फैसला: शहरी निकायों को अब बोर्ड मिटिंग के बिन्दु करने होंगे सार्वजनिक
आयोग ने कहा है कि अगर बैठकों की कार्यवाही विवरणों को सार्वजनिक किया जाए तो पारदर्शिता को बढ़ावा मिलने के साथ ही सूचना आवेदनों का भार भी कम हो सकेगा.

प्रदेश के शहरी निकायों (Urban bodies) को अब अपनी बोर्ड मीटिंग्स (Board meetings) के मिनट्स (बिन्दु) वेबसाइट पर सार्वजनिक (Public) करने होंगे. राज्य सूचना आयोग (State information commission) ने यह महत्वपूर्ण फैसला (Important decision) दिया है.

  • Share this:
जयपुर. प्रदेश के शहरी निकायों (Urban bodies) को अब अपनी बोर्ड मीटिंग्स (Board meetings) के मिनट्स (बिन्दु) वेबसाइट पर सार्वजनिक (Public) करने होंगे. राज्य सूचना आयोग (State information commission) ने यह महत्वपूर्ण फैसला (Important decision) दिया है. मुख्य सूचना आयुक्त आशुतोष शर्मा (Ashutosh Sharma) की कोर्ट ने इस संबंध में स्वायत शासन विभाग के प्रमुख शासन सचिव को निर्देशित किया है कि वह सूचना प्रौद्योगिकी विभाग और स्थानीय निकाय विभाग के सहयोग से यह व्यवस्था 3 महीने में सुनिश्चित करें.

अधिशासी अधिकारी पर लगाया 25 हजार रुपए का जुर्माना
आयोग ने एक मामले में कुचामन नगरपालिका के अधिशासी अधिकारी श्रवण कुमार पर 25 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है. अधिशासी अधिकारी ने आरटीआई के तहत मांगी गई सूचना को तृतीय पक्षकार की बताते हुए सूचना उपलब्ध करवाने से इनकार कर दिया था. कुचामन नगरपालिका के पार्षद अहमद अली खान ने पालिका की एम्पावर्ड कमेटी की बैठक के मिनिट्स की सूचना चाही थी, लेकिन अधिशाषी अधिकारी ने यह उपलब्ध नहीं करवाई और इसके साथ ही सूचना आयोग के नोटिस पर स्पष्टीकरण भी नहीं दिया.

बोर्ड मीटिंग की मिनट्स सार्वजनिक दस्तावेज

फैसले में मुख्य सूचना आयुक्त आशुतोष शर्मा ने कहा है कि बोर्ड मीटिंग की मिनट्स सार्वजनिक दस्तावेज है और इन्हें वेबसाइट पर स्वेच्छिक रूप से सार्वजनिक किया जाना चाहिए. आयोग ने अपने फैसले में जन सूचना पोर्टल की भी सराहना की है. निर्णय में कहा गया है कि शहरी निकाय एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक इकाई है. राज्य के लगभग सभी शहरी निकायों की इंटरनेट वेबसाइट्स अस्तित्व में हैं, लेकिन लगता है कि अधिकतर निकायों की वेबसाइट्स लापरवाही से निष्क्रिय पड़ी है. आयोग ने कहा है कि अगर बैठकों की कार्यवाही विवरणों को सार्वजनिक किया जाए तो पारदर्शिता को बढ़ावा मिलने के साथ ही सूचना आवेदनों का भार भी कम हो सकेगा. आयोग इससे पहले भी समय-समय पर सूचना से जुड़े अहम निर्णय दे चुका है.

 

कैबिनेट ने किया 'टिड्डी टेरर' पर मंथन, सरकार प्रभावित किसानों को देगी मुआवजा 

पाकिस्तान से आई हिन्दू शरणार्थी छात्रा के सामने आया शिक्षा का संकट

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए जयपुर से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: January 2, 2020, 3:18 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर