10 मीटर एयर राइफल रैंकिंग में वर्ल्ड नंबर एक खिलाड़ी बनी जयपुर की अपूर्वी चंदेला

Mahendra Singh | News18 Rajasthan
Updated: August 29, 2019, 2:41 PM IST
10 मीटर एयर राइफल रैंकिंग में वर्ल्ड नंबर एक खिलाड़ी बनी जयपुर की अपूर्वी चंदेला
शूटर, अपूर्वी चंदेला

जयपुर की अपूर्वी चंदेला 10 मीटर एयर राइफल रैंकिंग में वर्ल्ड नंबर एक खिलाड़ी बन गई है. इंटरनेशनल शूटिंग स्पोर्ट्स फेडरेशन (ISSF) ने अभी वर्ल्ड रैंकिंग जारी की है.

  • Share this:
इंटरनेशनल शूटिंग स्पोर्ट्स फेडरेशन (ISSF) ने वर्ल्ड रैंकिंग जारी की है. भारत की शूटर अपूर्वी चंदेला 10 मीटर एयर राइफल रैंकिंग में वर्ल्ड नंबर एक (World Number one)  खिलाड़ी बनी है. अपूर्वी ने 1926 पाइंट के साथ वर्ल्ड रैंकिंग में टॉप स्थान हासिल किया है. अपूर्वी ने शूटिंग कैरियर में यह सबसे बड़ा मुकाम हासिल किया है. जयपुर की निशानेबाज (Shooter) अपूर्वी चंदेला ने देश को एक के बाद एक पदक (Medal) दिलाकर देश और प्रदेश को गौरवान्वित किया है. साथ ही महिला सशक्तिकरण का मजबूत उदाहरण पेश किया है. अपूर्वी ने कॉमनवेल्थ गेम्स, ग्लासगो में 10 मीटर एयर राइफल शूटिंग इवेंट में 206.7 के स्कोर के साथ भारत को दूसरी बार निशानेबाजी में स्वर्ण पदक दिलाकर नया इतिहास रचा.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अपूर्वी चंदेला


2020 ओलिंपिक का कोटा हासिल कर लिया है अपूर्वी ने

जयपुर की लाडली अपूर्वी चंदेला के अलावा कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ भी डबल ट्रेप में नंबर वन पायदान पर रह चुके हैं. अपूर्वी चंदेला उन पांच भारतीय निशानेबाजों में शामिल है, जिसने देश के लिए 2020 ओलिंपिक का कोटा हासिल कर लिया है. चंदेला ने फरवरी में आईएसएसएफ विश्व कप में 252.9 के विश्व रिकॉर्ड स्कोर से गोल्ड जीता था. इससे पहले, कॉमनवेल्थ गेम्स में जयपुर की अपूर्वी चंदेला ने नया रिकॉर्ड बनाकर फाइनल में प्रवेश किया. अपूर्वी ने 10 मीटर एयर रायफल के क्वालिफायर मुकाबले में रिकॉर्ड तोड़ा. चंदेला ने क्वालीफायर में 423.2 अंक के साथ फाइनल में प्रवेश किया है.

मिल चुका है अर्जुन अवार्ड
अपूर्वी चंदेला 2011 में खबरों में तब आईं जब उन्होंने जूनियर स्तर पर एशियाई निशानेबाजी चैंपियनशिप में 391 का स्कोर बनाकर नौवां स्थान हासिल किया था. चंदेला ने 2012 में राष्ट्रीय स्पर्धा जीती थी. अपूर्वी चंदेला ने साल 2013 में कांस्य पदक भी जीता था. 2014 में भी अपूर्वी ने दोबारा जीत हासिल की, लेकिन साल 2014 में सबसे अहम पल तब आया, जब चंदेला ने ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों में भारत के लिए स्वर्ण पदक जीता. साल 2015 में चंगवन में हुए वर्ल्डकप में चंदेला ने कांस्य पदक जीतकर रियो ओलंपिक में अपनी जगह सुनिश्चित कर ली. इससे पहले, म्यूनिख विश्व कप में चंदेला ने चांदी का पदक जीता था. इसके लिए उन्हे अर्जुन अवॉर्ड और महाराणा प्रताप अवॉर्ड सहित कई नेशनल और राज्यस्तरीय अवॉर्डों से भी नवाजा जा चुका है.

एक नजर में उपलब्धियां 
Loading...

2012- सीनियर नेशनल में स्वर्ण
2014 कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण
2014- विश्व कप में रजत पदक
2015- विश्व कप में कांस्य और ओलंपिक टिकट
2016- स्वीडन ग्रां प्री में दो स्वर्ण (विश्व रिकॉर्ड तोड़ा और बेस्ट शूटर बनीं)
2018 के एशियाई खेलों में 10 मीटर मिश्रित राइफल स्पर्धा में कांस्य पदक जीता था.

महारानी गायत्री देवी गर्ल्स स्कूल से की है पढ़ाई

जयपुर में जन्मी अपूर्वी सिंह चंदेला की स्कूली शिक्षा महारानी गायत्री देवी गर्ल्स स्कूल पूरी की है. चंदेला ने दिल्ली विश्वविद्यालय से समाजशास्त्र की पढ़ाई की है. चंदेला  महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में 2016 रियो ओलंपिक के लिए 51 प्रतियोगिताओं में से क्वालिफिकेशन राउंड में 34 वें स्थान पर रही थी. अपूर्वी के पिता कुलदीप चंदेला ने बताया कि ओलंपिक में मेडल हासिल नहीं करने के बाद उसने कड़ी मेहनत की.

7 घंटे प्रैक्टिस के अलावा योग, तैराकी, मेडिटेशन भी है रूटीन में शामिल

पिता कुलदीप चंदेला ने बताया कि वह दिन में 7 घंटे सिर्फ शूटिंग की प्रैक्टिस करती थी. घर में बनी शूटिंग रेंज के साथ-साथ बेंगलुरु और दिल्ली में भी ट्रेनिंग ली. उन्होंने बताया कि हर दिन 7 घंटे शूटिंग की प्रैक्टिस के अलावा योग, तैराकी, मेडिटेशन भी उसके डेली रूटीन में शामिल हैं. मेंटल कंडीशनिंग कोच वैभ‌व अगाशे से भी समय-समय पर डिस्कस करती रहती है. कुलदीप चंदेला ने बताया कि 2008 में ओलंपिक में अभिनव बिंद्रा के स्वर्ण पदक से मोटिवेट हुई तो खुद भी निशानेबाजी की जिद की. बिंद्रा उसे शूटिंग रेंज ले गए. वे चाहते थे कि वह पिस्टल में हाथ आजमाए, लेकिन अपूर्वी को राइफल पसंद आई. अपूर्वी ने राइफल चलाने की जिद की और स्वीडन में विश्व रिकॉर्ड बना दिया.

 

 

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए चंडीगढ़ से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: August 29, 2019, 1:51 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...