लोंगेवाला युद्ध में दुश्‍मन के टैंकों का कब्रिस्‍तान बनाने वाला 'हीरो' अब करेगा ये काम

लौगेंवाला पोस्ट को बचाए रखने के लिए मेजर चांदपुरी की अगुवाई में भारतीय सेना के 80 जवानों ने जिस बहादुरी और वीरता के साथ पाकिस्तान के 45 टैंकों और 2 हजार से ज्यादा जवानों ढेर कर दिया था.

Abhijeet Dave | News18 Rajasthan
Updated: August 7, 2019, 10:41 PM IST
लोंगेवाला युद्ध में दुश्‍मन के टैंकों का कब्रिस्‍तान बनाने वाला 'हीरो' अब करेगा ये काम
लोंगेवाला युद्ध के भारतीय टैंक बस्टर आरसीएल जीप ने दुश्मन के टैंकों का कब्रिस्तान बना डाला था.
Abhijeet Dave
Abhijeet Dave | News18 Rajasthan
Updated: August 7, 2019, 10:41 PM IST
भारतीय सेना की बहादुरी के यूं तो हजारों किस्से हैं, लेकिन 1971 में हुए भारत-पाक के बीच लोंगेवाला युद्ध का इतिहास राजस्थान के नजरिए से कभी ना भूलने वाला है. दुश्मन के 40 से ज्यादा टैंक और दो हजार से ज्यादा सैनिकों को हमारे महज 80 जाबांज सिपाहियों ने धूल चटा दी थी और इस जीत का हीरो था टैंक बस्टर आरसीएल जीप, जिसने दुश्मन टैंकों का कब्रिस्तान बना डाला था. 38 साल बाद इस टैंक बस्टर आरसीएल जीप को भारतीय सेना ने अजमेर के मेयो कॉलेज को उपहार स्वरुप भेंट किया है.

राजस्‍थान की धरा में है खास बात
राजस्थान की धरा को वीरता और शौर्य का प्रतीक माना जाता है. साहस और बहादुरी यहां के खून में है. इतिहास के पन्नों में दर्ज ऐसे अनगिनत किस्से हैं, जिसके चलते इस माटी की महिमा और बढ़ जाती है. ऐसा ही एक किस्सा है 1971 में भारत पाक के बीच हुई लोंगेवाला पोस्ट की जंग. इस पोस्ट को बचाए रखने के लिए मेजर चांदपुरी की अगुवाई में भारतीय सेना के 80 जवानों ने जिस बहादुरी और वीरता के साथ पाकिस्तान के 45 टैंकों और 2 हजार से ज्यादा जवानों को नाको तले चने चबवाए. वह सबको पता है. लेकिन इस लड़ाई में हमारे बहादुर जवानों के अलावा एक हीरो और भी था और वह था टैंक बस्टर आरसीएल जीप. इसके बिना दुश्मन को शिकस्त दे पाना शायद मुमकिन नहीं था. इस जीत में आरसीएल गन माउंटेड जीप का भी अहम योगदान माना गया और इस एंटी टैंक वैपन ने दुश्मनों को धूल चटा दी थी. उस जीत के असली नायक को आज भारतीय सेना ने उपहार स्वरुप अजमेर के मेयो कॉलेज को भेंट किया. इस मौके पर दक्षिण पश्चिम कमांड के जीओसी एन चीफ चैरिस मैथसन खुद अजमेर पहुंचे.

देश की युवा पीढ़ी को मिलेगी प्रेरणा

देश की युवा पीढ़ी को भारतीय सेना के शौर्य और साहस के गौरवमयी इतिहास से रू-ब-रू करवाने के साथ ही उनमें देशभक्ति और देशसेवा का भाव जगाने के मकसद से भारतीय सेना की और से लगातार इस तरह के प्रयास किए जाते रहे हैं और कोशिश है कि ऐसे वीर योद्धाओं का पाठ नई पीढ़ी पाठ्यक्रम के जरिए पढ़े. यही कारण है कि पिछले महीने गोवा मुक्ति संग्राम और बांग्लादेश मुक्ति युद्ध में निर्णायक भूमिका निभाने वाले राजस्थान के वीर योद्धा लेफ्टिनेंट जनरल सगत सिंह के जन्म शताब्दी समारोह के मौके पर जयपुर में सेना के अफसरों ने वीर सगत सिंह के शौर्य को पाठ्यक्रम में शामिल करने के लिए मुख्य सचिव से कहा भी था.

भारत पाकिस्तान के बीच हालात सामान्य कम और तनावपूर्ण ज्यादा रहे हैं. इतिहास के झरोखों में ऐसे कई लम्हें हैं जब पाकिस्तान की नापाक हरकतों को हमारे सैनिकों ने मुंह तोड जवाब दिया है,फिर चाहे वह आमने सामने का युद्ध हो या फिर पाक प्रायोजित आंतकवाद जैसा प्रोक्सी वॉर. हाल ही में जम्मू कश्मीर से आर्टिकल 370 समाप्त करने के बाद एक बार फिर जब पाकिस्तान युद्ध की गीदड़ भभकी दे रहा है तो हमारी फौज सीना तानकर उससे निपटने और उन्हें धूल चटाने के लिए तैयार है.

ये है असली मकसद
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स्कूली बच्चों को फौज में जाने के लिए प्रेरित करने के लिए भारतीय सेना ने यह आरसीएल गन माउंटेड जीप मेयो कॉलेज को भेंट की है. इससे पहले मई महीने में भारतीय नौसेना ने अपने लड़ाकू विमान सी-हैरियर को मेयो कॉलेज को उपहार स्वरुप भेंट किया था. मेयो कॉलेज परिसर में भारतीय सेना के शौर्य के रूप में अब जल, थल और नभ तीनों सेनाओं के विजेता विमान और शस्त्र मौजूद है, जो युवा पीढ़ी को भारतीय सेना के प्रति समर्पित और आर्कषित कर रहे हैं.

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First published: August 7, 2019, 10:38 PM IST
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