Rajasthan: अब चाइनीज मार्बल मूर्तियों पर रोक की उठी बुलंद आवाज, जयपुर में प्रदर्शन

मूर्तिकारों ने चीन में बनी मूर्तियों को तोड़कर अपने गुस्से का इज़हार किया.
मूर्तिकारों ने चीन में बनी मूर्तियों को तोड़कर अपने गुस्से का इज़हार किया.

गलवान घाटी (Galvan Valley) में भारत और चीन में हुए खूनी संघर्ष (Indo-China dispute) के बाद पूरा देश गुस्से में नजर आ रहा है. जयपुर में मूर्तिकारों ने चीन के खिलाफ प्रदर्शन कर सरकार से चाइनीज मूर्तियों (Chinese idols) पर भी रोक लगाने की मांग की है.

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जयपुर. गलवान घाटी (Galvan Valley) में भारत और चीन में हुए खूनी संघर्ष (Indo-China dispute) के बाद पूरा देश गुस्से में नजर आ रहा है. इस खूनी संघर्ष में देश के 20 जवान शहीद हो गए. इसके बाद सरकार चाइना को हर क्षेत्र में मात देने की कोशिश में लगी है. भारत और चीन के बीच हुए खूनी संघर्ष के बाद लगातार देश में जगह-जगह चायनीज उत्पादों का बहिष्कार किया जा रहा है. लोगों में चीन के प्रति इतना रोष व्याप्त है कि जगह-जगह चीन के उत्पादों की होली जला रहे हैं. इसी कड़ी में राजधानी जयपुर में मूर्तिकारों ने चीन के खिलाफ प्रदर्शन कर सरकार से चाइनीज मूर्तियों (Chinese idols) पर भी रोक लगाने की मांग की है.

गौड़ ब्राह्मण मूर्ति कला संस्था ने किया प्रदर्शन
राजधानी जयपुर में आदि गौड़ ब्राह्मण मूर्ति कला संस्था ने मंगलवार शाम को चीन और चीन में निर्मित वस्तुओं के बहिष्कार को लेकर विरोध प्रदर्शन किया. संस्था ने केंद्र और राज्य सरकार से चीन से आने वाली मार्बल की मूर्तियों पर रोक लगाने की मांग की है. शहीद स्मारक पर आयोजित प्रदर्शन में भारत चीन सीमा पर शहीद हुए भारतीय सेना के वीर जवानों को श्रंद्धाजलि भी दी गई. इस दौरान मूर्तिकारों ने चीन में बनी मूर्तियों को तोड़कर अपने गुस्से का इज़हार किया.

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चीनी मूर्तियों को भारत के बाजारों में प्रतिबंधित किया जाना चाहिए


पद्मश्री मूर्तिकार अर्जुन प्रजापति ने बताया भारत को आत्मनिर्भर बनाने की श्रृंखला में एक प्रयास मूर्तिकारों ने भी शुरू किया है. उन्होंने भारत सरकार और राज्य सरकार से मांग करते हुए कहा चीन से आने वाली मार्बल की मूर्तियों को भारत के बाजारों में पूर्ण रूप से प्रतिबंधित किया जाये. इसके साथ ही चीन से आने वाली सभी सजावटी कलाकृतियों व मार्बल पाउडर से बनी सभी सजावटी मूर्तियों को भी भारत के बाजारों में प्रतिबंधित किया जाना चाहिए.

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भारतीय मूर्तिकला और हैण्डीकाफ्ट इण्डस्ट्री विशेष पहचान रखती है
प्रजापति ने कहा भारतीय मूर्तिकला और हैण्डीकाफ्ट इण्डस्ट्री दुनिया में अपनी विशेष पहचान रखती है. लेकिन कुछ वर्षों से चीन से आने वाली मूर्तियों और सजावटी सामान ने हमारे उद्योगों को क्षति पहुंचाने का काम किया है. उन्होंने मांग करते हुए कहा कि भारतीय मूर्तिकला, हस्तशिल्प कला और हैण्डीकाफ्ट इण्डस्ट्री से जुड़ी छोटी-बड़ी सभी इकाइयों को सरकार विशेष प्रोत्साहन पैकेज दे ताकि भारत की मूर्तिकला को और अधिक बढ़ावा मिले और रोजगार के अवसर प्रदान हो.
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