Inside Story: जयपुर ग्रेटर नगर निगम की BJP मेयर सौम्या गुर्जर के खिलाफ क्यों लिया गया एक्शन? यह है वजह

हाल ही में हुई बैठक में मेयर 
सौम्या गुर्जर ने कमिश्नर पर गंभीर आरोप लगाए थे.

हाल ही में हुई बैठक में मेयर सौम्या गुर्जर ने कमिश्नर पर गंभीर आरोप लगाए थे.

Inside story of jaipur greater municipal corporation politics: जयपुर ग्रेटर नगर निगम में उठे सियासी तूफान के पीछे कचरा उठाने वाले कंपनी बीवीजी को लेकर महापौर तथा अन्य पार्षदों का कमिश्नर यज्ञमित्र देव सिंह के बीच विवाद हुआ है.

  • Share this:

जयपुर. कांग्रेस और बीजेपी (BJP Vs Congress) के बीच की तनातनी राजधानी जयपुर के नगर निगम कार्यालय तक पहुंच गई है. जयपुर ग्रेटर नगर निगम की महापौर सौम्या गुर्जर (Mayor Soumya Gurjar) और कमिश्नर के बीच कचरा उठाने वाली कंपनी को लेकर हुए विवाद में सरकार रविवार देर रात शहरी सरकार का तख्तापलट करने के मोड में आ गई. राज्य सरकार ने मेयर समेत दो कमेटियों के चेयरमैन और एक पार्षद को तत्काल प्रभाव से निलंबित (Suspended) कर दिया है.

राजस्‍थान में पहली बार किसी निर्वाचित मेयर को निलंबित किया गया है. दरअसल, 3 जून को मेयर सौम्या गुर्जर ने कमिश्नर यज्ञमित्र देव सिंह को पत्रावली भेजी की बीवीजी कंपनी हड़ताल पर जा रही है. जनहित के कार्य को रोक कर कंपनी द्वारा अनावश्यक रूप से नगर निगम पर दबाव बनाया जा रहा है. अगले ही दिन कंपनी को पेमेंट करने समेत अन्य मुद्दों पर हुई बैठक में मेयर ने कमिश्नर पर गंभीर आरोप लगाए. मेयर का आरोप है कि कमिश्नर कंपनी के साथ मिलकर जेबें भरने में लगे हैं.

कमिश्नर ने दर्ज कराई थी रिपोर्ट

बैठक में विवाद इतना बढ़ा कि कमिश्नर मीटिंग छोड़कर चले गए. शुक्रवार देर रात कमिश्नर ने ज्योति नगर थाने में मेयर के खिलाफ अभद्र भाषा बोलने और पार्षद पारस जैन समेत कुछ पार्षदों पर मारपीट करने का भी आरोप लगाया.
देर जारी किया गया सस्‍पेंशन का आदेश

यूडीएच मिनिस्टर शांति धारीवाल ने डीएलबी में पदस्थापित आरएएस अधिकारी रेणू खंडेलवाल को पूरे मामले की जांच सौंपी. इस बीच कमिश्नर ने मेयर की सुरक्षा में लगे चारों होमगार्ड हटवा दिए. रेणू खंडेलवाल की जांच के आधार पर रविवार देर रात 11.30 बजे आदेश जारी कर चारों को सस्पेंड कर दिया गया.

सदस्यता भी संकट में



डीएलबी ने राजस्थान नगरपालिका अधिनियम 2009 की धारा 39 (6) के तहत तुरंत प्रभाव से मेयर और तीन अन्य पार्षदों के निलंबन और पद से हटाने के आदेश जारी किए हैं. मेयर सौम्या गुर्जर के अलावा दो चेयरमैन (वार्ड 39 के पार्षद अजय सिंह चौहान व वार्ड 72 के पार्षद पारस जैन) और वार्ड 103 के पार्षद शंकर शर्मा को निलंबित किया गया है. अब धारा 39(3) के तहत न्यायाधीश रैंक के किसी न्यायायिक अधिकारी से जांच कराई जाएगी. महापौर को हटाने से पहले उन्‍हें सुनवाई और स्पष्टीकरण देने का पूरा अवसर दिया जाएगा.

बीजेपी की तीखी प्रतिक्रिया

बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने कहा है यह निलंबन प्रदेश सरकार के पतन का कारण बनेगा. सौम्या गुर्जर ने कहा कि सरकार अपनी हठधर्मिता के चलते जबरन उन पर दोष मढ़ रही है. निगम में बीजेपी बहुमत में है, इसके बावजूद कांग्रेस की सरकार काम करने देना नहीं चाह रही.

अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज