खुशखबरी: जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर जल्द एक साथ पार्क हो सकेंगे 46 विमान, बढ़ेगी फ्रीक्‍वेंसी

पार्किंग क्षमता बढ़ने से दिल्ली से डायवर्ट होने वाले विमानों के लिए अधिक संख्या में पार्किंग स्थान उपलब्ध रहेंगे.
पार्किंग क्षमता बढ़ने से दिल्ली से डायवर्ट होने वाले विमानों के लिए अधिक संख्या में पार्किंग स्थान उपलब्ध रहेंगे.

जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Jaipir International Airport) तेजी से विकास के नये आयाम छू रहा है. एयरपोर्ट पर जल्द ही 46 विमानों को एक साथ पार्क किये जाने की क्षमता विकसित की जा रही है.

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जयपुर. राजधानी जयपुर के इंटरनेशनल एयरपोर्ट (International Airport) पर जल्द ही एक साथ 46 विमान पार्क हो सकेंगे. जंबो जेट विमानों को शामिल किया जाए तो इसकी पार्किंग क्षमता (Parking capacity) 40 विमानों की होगी. एयरपोर्ट अथॉरिटी ने इसके लिये दो जगहों को चिन्हित किया है. वहां पर नए एप्रन बनाने का काम शुरू कर दिया गया है. पहले एप्रन में 19 नए पार्किंग-बे बनकर तैयार हो चुके हैं. इनके निर्माण कार्य पर लगभग 110 करोड़ खर्च होने का अनुमान है. वर्तमान में यहां सिर्फ 14 विमानों की ही पार्किंग क्षमता उपलब्ध है. पिछले साल फरवरी से एयरपोर्ट अथॉरिटी ने नए पार्किंग-बे विकसित करने का काम शुरू किया था.

यहां इंटरनेशनल एयरपोर्ट को सेपरेट करने के काम के साथ साथ एयरपोर्ट पर एप्रन बनाने का काम अब तेजी पकड़ रहा है. इनमें से एक एप्रन टैंगो टैक्सी पर और दूसरा एप्रन एटीसी टावर से आगे जगतपुरा नाले की तरफ बनाने का काम चल रहा है. पहले एप्रन में 19 नए पार्किंग-बे बनकर तैयार हो चुके हैं. इनमें से 8 पार्किंग-बे टर्मिनल-1 के हिस्से की तरफ विकसित किए गए हैं. आने वाले समय में जब एयरपोर्ट का नया टर्मिनल बनकर तैयार हो जाएगा और पुराने एयरपोर्ट टर्मिनल-1 से भी इंटरनेशनल फ्लाइट संचालित होंगी, तब दोनों तरफ से यात्रियों के आवागमन के लिए विमान टैंगो टैक्सी पर पार्क हो सकेंगे.

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इन श्रेणियों के विमान हो सकेंगे पार्क
पार्किंग क्षमता बढ़ने से दिल्ली से डायवर्ट होने वाले विमानों के लिए अधिक संख्या में पार्किंग स्थान उपलब्ध रहेंगे. इसके साथ ही एयरलाइंस के लिए यहां अपना बेस स्टेशन स्थापित करने में भी आसानी रहेगी. अभी 72 सीटर विमान एटीआर-72 या 90 सीटर विमान क्यू-400 के लिए पार्किंग हैं. एयरपोर्ट पर 19 नए पार्किंग-बे कैटेगरी सी के बनाए गए हैं. वहीं अब 13 और नए पार्किंग-बे बनाए जाएंगे. वो एटीसी टॉवर से जगतपुरा नाले के बीच बनेंगे. ये 13 पार्किंग बे भी कैटेगरी सी के विमानों के लिए बनेंगे. इन 13 पार्किंग बे के क्षेत्र में 7 बड़े विमान यानी कैटेगरी ई के विमान भी पार्क हो सकेंगे. कैटेगरी ई में 250 से लेकर 420 तक यात्री क्षमता वाले बड़े विमान शामिल होते हैं. बोइंग 747 जम्बोजेट, बोइंग 777, एयरबस 330, एयरबस 340 जैसे विमान कैटेगरी E में शामिल हैं. इस तरह कुल 32 पार्किंग-बे नए बनेंगे. ये इसी साल बनकर तैयार होंगे.
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