आईपीएल मैच की तैयारियों के टेंडरों से उपजा विवाद, आरसीए में अंर्तकलह जारी

आईपीएल मैचों में एक तरफ राजस्थान रॉयल्स और जयपुर नगर निगम का विवाद जारी है. वहीं दूसरी तरफ इसे लेकर आरसीए में अंदरुनी मनमुटाव भी गहराते जा रहे हैं. मैचों की तैयारियों में खर्चों के भुगतान से जुड़े मसलों का समाधान अभी तक भी नहीं निकल पाया है.

Mahesh Dadhich | News18Hindi
Updated: April 17, 2018, 12:34 PM IST
आईपीएल मैच की तैयारियों के टेंडरों से उपजा विवाद, आरसीए में अंर्तकलह जारी
आरसीए। फोटो: न्यूज 18 राजस्थान
Mahesh Dadhich | News18Hindi
Updated: April 17, 2018, 12:34 PM IST
आईपीएल मैचों में एक तरफ राजस्थान रॉयल्स और जयपुर नगर निगम का विवाद जारी है. वहीं दूसरी तरफ इसे लेकर आरसीए में अंदरुनी मनमुटाव भी गहराते जा रहे हैं. मैचों की तैयारियों में खर्चों के भुगतान से जुड़े मसलों का समाधान अभी तक भी नहीं निकल पाया है. मामले में अब आरसीए सचिव गुट आंदोलन की राह पर आ सकता है.

आईपीएल मैचों की तैयारियों में टेंडरों के भुगतान को लेकर आरसीए पदाधिकारियों में आपसी खींचतान लगातार बनी हुई है. आरसीए सचिव और अध्यक्ष के गुट में बंटा हुआ है. सचिव आरएस नांदू ने अध्यक्ष सीपी जोशी पर करोड़ों के भुगतान में दबाव के आरोप लगाए हैं. सचिव नांदू का कहना है कि आईपीएल के कार्यों के लिए 2.59 करोड़ के टेंडर किए गए हैं. लेकिन अध्यक्ष सीपी जोशी अब उन पर चार करोड़ रुपए के चैक के भुगतान पर साइन कराना चाहते हैं. अब तक एक करोड़ सत्तर लाख रुपए के भुगतान किए जा चुके हैं. इस मामले में जोशी और नांदू गुट के बीच हुई वार्ता के दौरान जोशी की नाराजगी भी साफ जाहिर हुई थी।

एक तरफा कार्रवाई कर दबाव बना रहे हैं अध्यक्ष
सचिव आरएस नांदू का कहना है कि आरसीए में एकतरफा कार्रवाई कर अध्यक्ष उन पर दबाव बना रहे हैं. आईपीएल की आयोजन समितियां बना दी गई, लेकिन उनसे पूछा तक नहीं गया. नांदू ने आरोप लगाया कि एक पार्टी विशेष के लोगों को पासेज बांटे गए हैं. अब उन्होंने क्रिकेट की राजनीति के खिलाफ आंदोलन की चेतावनी दी है.

वर्क ऑर्डर पर सचिव ने भी दी थी सहमति
वहीं, सीपी जोशी से जुड़े जिला संघ पदाधिकारी इन आरोपों पर पलटवार कर रहे हैं. जोशी के नजदीकी और टोंक जिला संघ सचिव विवेक व्यास का कहना है कि स्टेडियम में कार्य की शुरूआत के बाद छह हजार सीटों की बढ़ोतरी की गई थी. उसके कारण पैसा खर्च हुआ. इसमें जो भी टेंडर हुए उनके वर्क ऑर्डर पर सचिव ने भी सहमति दी थी. उन्होंने कहा कि सिर्फ मीडिया में बयानबाजी के कारण सचिव ऐसा कर रहे हैं. उल्लेखनीय है कि आरसीए अध्यक्ष और सचिव की ओर से मीडिया में कई बार एकजुटता दिखाई गई. लेकिन वो चार दिन भी नहीं टिक पाई.
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