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IPL: जयपुर में मैच न होने से लगेगा करीब 300 करोड़ रुपये का फटका, पढ़ें क्या पड़ेगा असर

आरसीए को प्रति मैच मैच 30 लाख रुपए मिलते हैं. आरसीए से MOU के तहत क्रीड़ा परिषद को प्रति मैच 20 लाख रुपए दिए जाते हैं. (IPL/Twitter)

आरसीए को प्रति मैच मैच 30 लाख रुपए मिलते हैं. आरसीए से MOU के तहत क्रीड़ा परिषद को प्रति मैच 20 लाख रुपए दिए जाते हैं. (IPL/Twitter)

IPL Match: आईपीएल के 14वें सीजन में राजस्‍थान की राजधानी जयपुर (Jaipur) में कोई भी मैच नहीं होंगे. इससे प्रदेश के क्रिकेट प्रेमियों समेत विभिन्न व्यवसायों से जुड़े लोग निराश हैं.

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जयपुर. राजस्थान के क्रिकेट प्रेमियों को इस बार फिर निराशा हाथ लगी है. गुलाबी नगरी में आईपीएल मैचों (IPL matche) के आायोजन नहीं होने से जहां क्रिकेट प्रेमी मायूस हैं. वहीं, क्रिकेट के सालाना उत्सव आईपीएल की बाट जोहने वाले इससे जुड़े व्यवसाय और रोजगार पर भी इसकी जबर्दस्त मार पड़ेगी. जयपुर में आईपीएल का आयोजन नहीं होने से मोटे तौर पर करीबन 300 करोड़ रुपये से ज्यादा का व्यवसाय प्रभावित होगा. इसकी सबसे बड़ी मार टूरिज्म इंडस्ट्री पर पड़ेगी.

आईपीएल के 14वें सीजन के शेड्यूल जारी होने के बाद से ही राज्य के क्रिकेट प्रेमियों में निराशा देखने को मिल रही है. इस बार बीसीसीआई ने 9 अप्रैल से शुरू होने वाले आईपीएल मुकाबलों के लिए 6 शहरों का चयन किया है. इन शहरों में आईपीएल के 56 मुकाबले आयोजित किए जाएंगे. मैचों का आयोजन मुंबई के अलावा अहमदाबाद, बेंगलुरू, चेन्नई, दिल्ली और कोलकाता में किया जाएगा. जयपुर के एसएमएस स्टेडियम पर हर सीजन में होने वाले 7 आईपीएल मुकाबले इस बार यहां आयोजित नहीं होंगे. इस बार किसी भी टीम को घरेलू मैदान नहीं दिया जा रहा है.

होम ग्राउंड पर नहीं खेल पाएंगी टीमें
आईपीएल के इतिहास में पहली बार हो रहा है कि टूर्नामेंट भारत में है, लेकिन किसी भी टीम को अपने होम ग्राउंड पर खेलने का मौका नहीं मिलेगा. राजस्थान रणजी प्लेयर राजेश बिश्नोई जूनियर का कहना है कि यह राज्य की क्रिकेट के लिए नुकसानदायक है, क्योंकि जब आईपीएल जैसे मुकाबले यहां खेले जाते हैं तो इस खेल को और इसमें अभ्यास करने वाले खिलाड़ियों को भी एक बूस्ट अप मिलता है. वहीं आरसीए से लेकर राज्य की खेल परिषद और अन्य विभागों को भी होने वाले राजस्व का नुकसान हुआ है.
व्‍यापक असर पड़ने की संभावना


आरसीए को प्रति मैच 30 लाख रुपए मिलते हैं. आरसीए से MOU के तहत क्रीड़ा परिषद को प्रति मैच 20 लाख रुपए दिए जाते हैं. जयपुर में होने वाले इन मैचों के आयोजन और इससे जुड़े व्यवसायों पर भी इसका विपरीत असर पड़ेगा. इस आयोजन के अभाव में राज्य में पर्यटन, होटल इंडस्ट्री, एविएशन इंडस्ट्री, रोड ट्रांसपोर्ट, रेल- बस ट्रांसपोर्ट, ट्रेवल्स इंडस्ट्री, फूड इंडस्ट्री, प्राइवेट सिक्योरिटी, हाउस कीपिंग और इवेंट इंडस्ट्री पर बड़ी मार पड़ी हैं.

टूरिज्म की उम्मीदों पर भी पानी फिरा
कोरोना काल में पहले से मंदी की मार झेल रहे इन सेक्टर्स में आईपीएल मैचों के आयोजन की उम्मीद थी. लेकिन उस पर भी मैचों के नहीं होने से उन्हें बड़ा नुकसान हुआ है. टूरिस्ट गाइड बृज मोहन खत्री का कहना है कि इससे टूरिज्म की उम्मीदों पर भी पानी फिर गया है. होटल इंडस्ट्री से ताल्लुक रखने वाले दीपेन्द्र लूणीवाल बताते हैं कि होटल व्यवसाय को आईपीएल से गर्मियों में काफी व्यवसाय मिलता है, लेकिन इस बार वह भी अवसर नहीं मिलेगा.
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