IPS की तबादला सूची: बजरी के दाग धोने की कवायद, सरकार ने की भरतपुर रेंज की सर्जरी

अवैध बजरी दोहन, भ्रष्टाचार व जातिवाद की शिकायतों और कुख्यात डकैत जगन गुर्जर के सरेंडर प्रकरण में चली खाकी की अंदरुनी खींचतान के बाद राज्य सरकार ने शुक्रवार को जारी की 36 आईपीएस की तबादला सूची में पूरे भरतपुर पुलिस रेंज की सर्जरी कर दी है.

News18 Rajasthan
Updated: July 5, 2019, 10:04 PM IST
IPS की तबादला सूची: बजरी के दाग धोने की कवायद, सरकार ने की भरतपुर रेंज की सर्जरी
आईपीएस अधिकारियों के तबादले।
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Updated: July 5, 2019, 10:04 PM IST
अवैध बजरी दोहन, भ्रष्टाचार व जातिवाद की शिकायतों और कुख्यात डकैत जगन गुर्जर के सरेंडर प्रकरण में चली खाकी की अंदरुनी खींचतान के बाद राज्य सरकार ने शुक्रवार को जारी की 36 आईपीएस की तबादला सूची में पूरे भरतपुर पुलिस रेंज की सर्जरी कर दी है. भरतपुर रेंज आईजी समेत धौलपुर, करौली और सवाई माधोपुर के पुलिस अधीक्षकों के तबादले और विवादित सीओ को एपीओ कर सरकार ने पुलिस की छवि को सुधारने की कवायद की है.

भरतपुर रेंज के अधिकारियों से सरकार की नाराजगी हुई जाहिर
36 आईपीएस की इस तबादला सूची में भरतपुर रेंज के पुलिस अधिकारियों से सरकार की नाराजगी साफ जाहिर हो रही है. मामला चाहे अवैध बजरी के दोहन और उसमें खाकी के गठजोड़ का हो या फिर जाति विशेष के प्रति झुकाव का या फिर डकैत जगन के सरेंडर प्रकरण में आपसी खींचतान का. सरकार ने सभी पहलुओं पर गंभीरता से विचार कर रेंज के मौजूदा बड़े पुलिस अधिकारियों को हटाकर पुलिस की छवि को फिर से सुधारने का प्रयास किया है. यह बात दीगर है कि सरकार का यह प्रयास कितना सफल हो पाएगा.

रेंज में चल रही थी कई गड़बड़ियां

दरअसल भरतपुर रेंज में पुलिस महकमे में चल रही तमाम गड़बड़ियों को लेकर आईजी भूपेन्द्र साहू की कार्यशैली को पर सवाल उठते रहे हैं. इनके साथ ही पिछले दिनों हैड कांस्टेबल से एएसआई में पदोन्नती प्रकरण में भी गड़बड़ी की शिकायतें सामने आई थी. इस मामले में शिकायत होने के बाद पुलिस मुख्यालय ने उनकी ओर से जारी सूची को खारिज कर दिया था. धौलपुर में एसपी अजय सिंह और डीएसपी दिनेश शर्मा का विवाद, अवैध बजरी खनन और वसूली की शिकायतों को सरकार ने गंभीरता से लिया.

डकैत जगन गुर्जर सरेंडर प्रकरण में सामने आई थी खींचतान
वहीं पिछले दिनों प्रदेश की पुलिस की नाक में दम करने वाले कुख्यात डकैत जगन गुर्जर के सरेंडर प्रकरण में धौलपुर-करौली पुलिस की आपसी खींचतान से रेंज पुलिस चल रही राजनीति खुलकर सामने आ गई. इस प्रकरण में धौलपुर पुलिस ने बाजी मार ली. उसके बाद धौलपुर में एसपी और डीएसपी के बीच वसूली प्रकरण और उसको लेकर हुए विभागीय पत्राचार के विवाद को हवा देने में करौली पुलिस की आला अधिकारी की भूमिका भी सरकार को खटक गई.
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सवाई माधोपुर व टोंक में भी हुए कई विवाद
दूसरी तरफ सवाईमाधोपुर पुलिस अधीक्षक समीर कुमार सिंह की कार्यशैली पर भी लगातार सवाल उठते रहे हैं. पुलिस अधीक्षक की कार्यशैली को लेकर एडीजे सवाई माधोपुर उनके खिलाफ विभाग को पत्र लिख चुके हैं. जबकि टोंक पुलिस के मुखिया चुनाराम भी पिछले काफी समय से जातिवाद के आरोप के साथ ही कई मामलों में विवादित रहे.

कांग्रेस विधायक कर चुके हैं पुलिस के खिलाफ आमरण अनशन
पीपलू थाने में अवैध बजरी खनन व परिवहन को लेकर भ्रष्टाचार का मामला हो या फिर उनियारा थाना इलाके में ट्रैक्टर चालक की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का प्रकरण. इन मामलों में उनियारा से कांग्रेस विधायक पूर्व डीजीपी हरीश मीणा टोंक पुलिस को कई बार निशाने पर ले चुके थे. यहां तक की आमरण अनशन कर चुके थे.  सरकार को चेता चुके थे. लिहाजा पुलिस ने आचार संहिता हटने के बाद पहली सूची में इसी रेंज की बड़ी सर्जरी कर बजरी समेत अन्य मामलों के दाग धोने का कार्य किया है.

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First published: July 5, 2019, 9:25 PM IST
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