Rajasthan: प्रदेश में मापदंडों पर खरे नहीं उतरने वाले ITI कॉलेज होंगे बंद, आदेश जारी

श्रम आयुक्त नीरज के पवन ने कहा कि अब स्कूलों और महाविद्यालयों में प्रत्येक शनिवार को कौशल परिचर्चा भी आयोजित की जाएगी.

राज्य में मापदंडों पर खरा नहीं उतरने वाले आईटीआई कॉलेज (ITI colleges) बंद किये जायेंगे. राज्य सरकार ने इसके आदेश जारी (Order issued) कर दिये हैं. वहीं स्कूलों और महाविद्यालयों में अब प्रत्येक शनिवार को कौशल परिचर्चा (Skill discussion) भी आयोजित की जाएगी.

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जयपुर. राज्य में नीति आयोग (NITI Aayog) के सुझावों के अनुसार मापदण्डों पर खरे नहीं उतरने वाले प्राइवेट आईटीआई कॉलेजों (ITI Colleges) को बंद करवाने के आदेश जारी कर दिये गये हैं. श्रम आयुक्त नीरज के पवन ने बताया कि राज्य में 229 सरकारी और 1700 प्राइवेट आईटीआई कॉलेज हैं. उन्होंने कहा कि केन्द्रीय नीति आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार छात्राओं को आईटीआई में प्रवेश के लिये व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा.

शिक्षा, कौशल एवं रोजगार सेक्टर पर नीति आयोग के सुझावों और राज्य को दी जाने वाली रैंकिंग पर चर्चा के दौरान श्रम आयुक्त नीरज के पवन ने कहा कि स्कूलों और महाविद्यालयों में प्रत्येक शनिवार को कौशल परिचर्चा भी आयोजित की जाएगी. शासन सचिवालय में आयोजना विभाग की ओर से तैयार पावर पॉइन्ट प्रजेंटेशन की बैठक में श्रम आयुक्त ने मुख्य सचिव निरजंन आर्य को यह जानकारी दी.

मुख्य सचिव ने कार्य योजना बनाने के दिये निर्देश
मुख्य सचिव निरंजन आर्य ने भारतीय प्रशासनिक सेवाओं के अधिकारियों से आह्वान किया कि वे भारत सरकार के नीति आयोग की ओर से राज्य के विभागों को दी गई ग्रेडिंग और रैंकिंग का अध्ययन कर राज्य की अर्थव्यवस्था, मानव संसाधन एवं स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए कार्ययोजना तैयार करें. आर्य बुधवार को शासन सचिवालय में आयोजना विभाग की ओर से तैयार पावर पॉइन्ट प्रजेंटेशन बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे. बैठक में विभिन्न विभागों के लगभग 70 भारतीय प्रशासनिक सेवाओं के अधिकारियों ने भी वेबिनार के माध्यम से भाग लिया.

नीति आयोग की ओर से दी गई रैकिंग का ध्यान रखें
बैठक में मुख्य सचिव ने कहा कि नीति आयोग ने 6 फरवरी को और 20 फरवरी को प्रधानमंत्री ने देश के मुख्यमंत्रियों की नीति आयोग की गर्वनिंग काउंसिल को लेकर बैठक ली थी. इस दौरान यह सामने आया था कि उद्योग, कृषि, आधारभूत ढांचा, शिक्षा, स्वास्थ्य पोषण और ई-गर्वेन्स में न केवल केन्द्र बल्कि राज्य सरकार की प्राथमिकता के भी क्षेत्र शामिल हैं. मुख्य सचिव ने अधिकारियों से कहा कि इन विशेष सेक्टरों में नीति आयोग द्वारा दी गई रैंकिंग का विशेष अध्ययन कर देखें कि हम कहाँ पर काम कर रहें हैं और हमारे विभाग में सुधार की कितनी गुंजाइश है.

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