जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के रन-वे पर सियारों की चहलकदमी ! कभी हो सकता है बड़ा हादसा

पिछले कुछ दिनों से जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के रन-वे पर सियारों की चहलकदमी देखने को मिल रही है. जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर 60 से ज्यादा डोमेस्टिक और 8 के कऱीब इंटरनेशनल फ्लाइट्स का रोज़ अप-डाउन होता है.

Asif Khan | News18 Rajasthan
Updated: June 18, 2019, 11:06 PM IST
जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के रन-वे पर सियारों की चहलकदमी ! कभी हो सकता है बड़ा हादसा
फोटो : न्यूज 18 राजस्थान ।
Asif Khan | News18 Rajasthan
Updated: June 18, 2019, 11:06 PM IST
पिछले कुछ दिनों से जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के रन-वे पर सियारों की चहलकदमी देखने को मिल रही है. इसको देखते हुए एटीसी विभाग वन विभाग को लगातार सूचित कर रहा है कि रात के अंधेरे में रोज़ रन-वे पर सियार नज़र आते हैं. ऐसी सूचनाएं पहले भी आती रही हैं और वन विभाग ने समय समय पर सियारों को रन-वे से बाहर भी किया है. लेकिन अब ये घटनाएं एक बार फिर से बढ़ गई हैं.

सियार पकड़ने के लिए लगवाए बड़े पिंजरे
सियारों को रन-वे पर फिर से देखने के बाद एयरपोर्ट प्रशासन और सीआईएसएफ फोर्स फिर से हरक़त में आई है. दीवारों की तरफ बड़े पिंजरे लगवा दिए गए हैं. इन पिंजरों में गोश्त के टुकड़े भी लगाए गए हैं ताकि सियार उसकी खुशबू से पिंजरे की तरफ आए और पकड़े जाए. लेकिन फिलहाल कोई सफलता नहीं मिली है.

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सियार स्वभाव से बड़े चालाक होते हैं
सियार स्वभाव से बड़े चालाक होते हैं. लिहाजा पिंजरों की तरफ रूख नहीं कर रहे हैं. सियार रन-वे के आस पास लगी घास में छिपते हैं और घास में दाना चुगने आए परिंदों का शिकार करते हैं. सियार एयरपोर्ट की चाक चौबंद सुरक्षा को धत्ता बताकर एयरपोर्ट के रन-वे तक कैसे पहुंचते हैं इसके पीछे की वजह है नाला. दरअसल एयरपोर्ट के भीतर का सारा पानी सीवरेज के ज़रिए जगतपुरा नाले में मिलता है. यही वो जगह है जहां से सियार एयरपोर्ट के रन-वे पर सीधे पहुंच जाते हैं. सीवरेज से निकलने वाले पानी के लिए दीवार में लगाई गई लोहे की जाली में इतनी जगह आसानी से मिल जाती है कि सियार आराम से अंदर घुस जाते हैं.

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मुस्तैदी है, लेकिन नतीजे सामने नहीं आ पा रहे हैं.
हालांकि इस मुद्दे से जुड़े सभी विभाग मुस्तैद ज़रूर है, लेकिन नतीजे सामने नहीं आ पा रहे हैं. ऐसे में रात के समय फ्लाइ्टस के आवागमन पर अगर इन सियारों का झुंड लैंडिग के समय सामने आ जाता है तो किसी बड़े हादसे से इंकार नहीं किया जा सकता. देश और दुनिया में प्लेन के बर्ड हिटिंग के कई मामले अब तक सामने आ चुके हैं, जिसमें एक पक्षी के चलते विमान दुर्घटनाग्रस्त हुए हैं. समय रहते इन सियारों की एयरपोर्ट पर चहलकदमी नहीं रोकी गई तो फिर दुर्घटना के कारणों को खोजते रहने के अलावा कुछ नहीं कर पाएंगे. जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर 60 से ज्यादा डोमेस्टिक और 8 के कऱीब इंटरनेशनल फ्लाइट्स का रोज़ अप-डाउन होता है.

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