Rajasthan: 93 वर्षीय शेखावत ने रामजन्म भूमि आंदोलन को घर-घर पहुंचाया, लेकिन शिलान्यास नहीं देख पाये
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Rajasthan: 93 वर्षीय शेखावत ने रामजन्म भूमि आंदोलन को घर-घर पहुंचाया, लेकिन शिलान्यास नहीं देख पाये
शेखावत ने 1990 में राम जन्मभूमि आंदोलन में राजस्थान के स्वयंसेवकों के जत्थे का नेतृत्व किया था.

अयोध्या की राम जन्मभूमि को बचाने की खातिर राजस्थान में जन जागरण कर आंदोलन का नेतृत्व करने वाले विश्व हिंदू परिषद के नेता जयबहादुर सिंह शेखावत खाचरियावास आखिरकार राममंदिर का शिलान्यास नहीं देख सके.

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जयपुर. अयोध्या की राम जन्मभूमि को बचाने की खातिर राजस्थान में जन जागरण कर आंदोलन का नेतृत्व करने वाले विश्व हिंदू परिषद के नेता जयबहादुर सिंह शेखावत (Jaibahadur Singh Shekhawat) खाचरियावास आखिरकार राममंदिर का शिलान्यास नहीं देख सके. राममंदिर शिलान्यास (Ayodhya Ram Mandir Nirman) से तीन दिन पहले 93 वर्षीय खाचरियावास का रविवार को निधन हो गया. उन्होंने अपना पूरा जीवन संघ और उसकी गतिविधियों को समर्पित कर दिया था.

भारत माता मंदिर की स्थापना में अहम भूमिका रही
शेखावत का जन्म 3 जून, 1927 को खाचरियावास ठाकुर एवं न्यायाधीश कल्याण सिंह के यहां पर हुआ था. जयबहादुर सिंह शुरू से ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ गए थे. 1950 में जयबहादुर सिंह अपने पैतृक गांव खाचरियावास को छोड़कर जयपुर बस गए थे. बाद में उन्होंने अपना पूरा जीवन संघ और उनकी गतिविधियों में लगा दिया. लेकिन आखिर सांस तक उनका अपने गांव से जुड़ाव बना रहा. शेखावत 1956 से 1966 तक आरएसएस के जयपुर महानगर के कार्यवाहक रहे. शेखावत अंतिम समय तक हिंदू समाज, देश और धर्म की सेवा में जुटे रहे. पूर्व उपराष्ट्रपति भैरोंसिंह शेखावत के चचेरे भाई जयबहादुर सिंह राजस्थान में मंदिरों को बचाने के लिए हुए आंदोलन की अगुवाई करने वाले नेता रहे. जयपुर में भारत माता मंदिर की स्थापना में जयबहादुर सिंह की भूमिका सबसे अग्रणी रही.

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1966 से 1993 तक विश्व हिंदू परिषद के संयुक्त महामंत्री रहे


शेखावत 1970 के कर्मचारी आंदोलन के दौरान भी जेल गए. 1990 में राम जन्मभूमि आंदोलन में राजस्थान के स्वयंसेवकों के जत्थे का नेतृत्व किया. रामजन्म भूमि आंदोलन को प्रदेश में घर घर पहुंचाने का श्रेय उन्हीं को जाता है. 14 दिसंबर 1992 को गिरफ्तारी भी दी. शेखावत गौ हत्या रोकने के आंदोलन से तो शुरू से ही जुड़ गए थे. वे राजस्थान में गोवंश संवर्धन परिषद के अध्यक्ष रहे. 1966 से 1993 तक विश्व हिंदू परिषद के संयुक्त महामंत्री रहे.

"सनातन पुरुष" की उपाधि से सम्मानित थे शेखावत
1997 में सरकार ने उनको गौ सेवा आयोग का उपाध्यक्ष बनाया. वे वनवासियों व गौशालाओं को हर माह रकम भेजते रहे. राजस्थान "सनातन पुरुष" की उपाधि से सम्मानित शेखावत भगवत गीता ज्ञान प्रचार ट्रस्ट के संयोजक और गांधी विद्या मंदिर सरदारशहर ट्रस्ट के उपाध्यक्ष भी रहे. सरसंघचालक गुरु गोलवलकर और देवरस से उनका सीधा संपर्क रहा. गुरुजी के कई पत्र आज भी उनके संग्रह में मौजूद हैं.

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अंतिम यात्रा में शामिल हुए कई बड़े नेता
उनकी अंतिम यात्रा में परिवहन मंत्री प्रतापसिंह खाचरियावास और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया समेत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के अनेक बड़े नेता शामिल हुए. सभी ने सनातन पुरुष शेखावत को नम आंखों से श्रद्धांजलि अर्पित कर अंतिम विदाई दी.
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