केंद्र सरकार के कृषि विधेयकों के विरोध में किसान संगठनों का 25 सितंबर को भारत बंद का ऐलान

देश के कई हिस्सों में किसान सड़कों पर उतर कर केंद्र सरकार के कृषि अध्यादेशों का विरोध कर रहे हैं (फोटो: न्यूज 18)
देश के कई हिस्सों में किसान सड़कों पर उतर कर केंद्र सरकार के कृषि अध्यादेशों का विरोध कर रहे हैं (फोटो: न्यूज 18)

अखिल भारतीय किसान सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमराराम ने सोमवार को जयपुर में प्रेस कॉन्फ्रेंस (Press Conference) कर कहा कि समन्वय समिति में 237 संगठन शामिल हैं जो एकजुट होकर सरकार के खिलाफ मोर्चा (Farmers Protest) खोलेंगे

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 21, 2020, 8:14 PM IST
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जयपुर. केंद्र सरकार के कृषि विधेयकों (Central Government Farm Bills) और अन्य मांगों को लेकर अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति ने 25 सितंबर को भारत बंद (Bharat Band) का ऐलान किया है. अखिल भारतीय किसान सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमराराम ने सोमवार को जयपुर में प्रेस कॉन्फ्रेंस (Press Conference) कर कहा कि समन्वय समिति में 237 संगठन शामिल हैं जो एकजुट होकर सरकार के खिलाफ मोर्चा (Farmers Protest) खोलेंगे. उन्होंने कहा कि 25 सितंबर को बुलाए बंद के अखिल भारतीय आह्वान को राजस्थान में भी सफल बनाया जाएगा. प्रदेश में विभिन्न जिलों में अलग-अलग परिस्थितियों के अनुसार बंद ,रास्ता रोको, ग्रामीण स्तर पर बंद, विरोध सभाओं आदि के जरिए व्यापक स्तर पर विरोध होगा. इसके अलावा 27 सितंबर को शहीद-ए-आजम भगत सिंह की जयंती पर युवाओं को रोजगार के सवाल को लेकर भी सड़कों पर उतरा जाएगा.

यह भी हैं किसानों के मुद्दे

केंद्र सरकार के विधेयकों को जहां कृषि क्षेत्र को बर्बाद करने वाला बताया जा रहा है वहीं डीजल-पेट्रोल की बढ़ती कीमतों को लेकर भी किसान संगठनों में आक्रोश है. किसानों को बिजली बिल में रियायत नहीं देने को लेकर भी उनमें राज्य सरकार के प्रति गुस्सा है. किसान नेता अमराराम ने कहा कि कोरोना के इस संकट काल में आखिर ऐसी क्या आपात स्थिति आ गई कि इस तरह के अध्यादेश लाये गए? उन्होंने कहा कि कृषि राज्यों का विषय है लेकिन अध्यादेश लाने से पहले किसी भी राज्य सरकार से कोई सलाह नहीं ली गई, और ना ही किसान संगठनों और कृषि विशेषज्ञों से इस पर बात की गई. उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में लाए गए तीनों बिल पूरी तरह से किसान, खेतिहर मजदूर, व्यापारी और ग्रामीण जनता के हितों के खिलाफ हैं.




पंचायत चुनाव में राजनीतिक पार्टियों को चटाएं धूल

किसान नेता ने कहा कि भले ही संसद में बिल पारित करवा लिए गए हों लेकिन इन्हें जनता में लागू नहीं होने दिया जाएगा. उन्होंने बिजली बिलों के मामले को लेकर राज्य सरकार को भी घेरा. अमराराम ने कहा कि आगामी दिनों में राजस्थान में पंचायत चुनाव होने जा रहे हैं, किसान-मजदूर उनके हितों की उपेक्षा करने वाली पार्टियों के समर्थकों को धूल चटाएं. किसान संघर्ष समन्वय समिति ने राज्य के सभी किसानपक्षीय राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और जन संगठनों से भी अपील की है कि वो किसानों, खेतिहर मजदूरों और दलित-आदिवासियों के इस महत्वपूर्ण संघर्ष में उनका खुलकर समर्थन करें.
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