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जयपुर: कुर्की के दौरान मासूम को मकान में बंद करने का मामला, रूपनगढ़ SDM-SHO सस्पेंड

ग्रामीणों की शिकायत पर ये कार्रवाई की गई है. (सांकेतिक तस्वीर)
ग्रामीणों की शिकायत पर ये कार्रवाई की गई है. (सांकेतिक तस्वीर)

अजमेर (Ajmer) जिले के रूपनगढ़ उपखंड के निकट कांस्या की ढाणी में 9 महीने की मासूम बच्ची (Innocent baby girl) को कुर्क किए गए मकान में 8 घंटे बंद रखने के मामले में राज्य सरकार (State government) ने शनिवार को बड़ा एक्शन (Big action) लेते हुए उपखंड अधिकारी (SDM) अंजू शर्मा और थानाप्रभारी (SHO) सुनील बेड़ा को सस्पेंड (Suspend) कर दिया है.

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जयपुर. प्रदेश के अजमेर (Ajmer) जिले के रूपनगढ़ उपखंड के निकट कांस्या की ढाणी में 9 महीने की मासूम बच्ची (Innocent baby girl) को कुर्क किए गए मकान में 8 घंटे बंद रखने के मामले में राज्य सरकार (State government) ने शनिवार को बड़ा एक्शन (Big action) लेते हुए उपखंड अधिकारी (SDM) अंजू शर्मा और थानाप्रभारी (SHO) सुनील बेड़ा को सस्पेंड (Suspend) कर दिया है. दो दिन पहले यह मामला विधानसभा (Assembly) में उठाया गया था.

कार्मिक विभाग ने जारी किए आदेश
इस मामले को लेकर एक विधायक पीड़ित 9 महीने की मासूम बच्ची को शुक्रवार को विधानसभा में लाए थे. इस पर संसदीय कार्य मंत्री शांति धारीवाल ने उत्तेजित विपक्षी सदस्यों को पूरे मामले की जांच करने के बाद कार्रवाई का आश्वासन दिया था. सरकार ने इस मामले में रूपनगढ़ एसडीएम को लापरवाही बरतने और मामले को गंभीरता से नहीं लेने का दोषी पाया है. राज्य के कार्मिक विभाग ने शनिवार को एसडीएम अंजू शर्मा को सस्पेंड करने के आदेश जारी कर दिए.

एसडीएम ने नहीं समझी मामले की गंभीरता
कांस्या ढाणी निवासी ओमप्रकाश कुमावत पर एसके पिन कोर्ड फाइनेंस कंपनी की किशनगढ़ शाखा का ऋण बकाया था. निजी फाइनेंस कंपनी के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर मकान की कुर्की की कार्रवाई कर दी. उस दौरान 9 माह की बच्ची मकान के अंदर ही थी. बच्ची के परिजनों ने कुर्की करने वाले अधिकारियों को इस बारे में बताया भी, लेकिन उन्होंने उनकी एक नहीं सुनी और मकान कुर्क कर दिया.



कलक्टर के दखल पर हुई बच्ची को बाहर निकाला गया
इस पर परिजन एसडीएम अंजू शर्मा के पास पहुंचे. शर्मा ने उन्हें थानाधिकारी सुनील बेड़ा के पास भेजा, लेकिन वहां भी सुनवाई नहीं होने पर वे अजमेर आ गए. बाद में परिजनों ने जिला कलक्टर विश्वमोहन शर्मा के समक्ष गुहार लगाई. कलक्टर के दखल पर बाद में एसडीएम शर्मा और थानाधिकारी बेड़ा मौके पर पहुंचे और मकान का ताला तुड़वाकर मासूम बच्ची को बाहर निकाला. इस कार्रवाई में करीब 8 घंटे बीत गए. बाद में बेसुध हालात में मिली मासूम को किशनगढ़ के राजकीय चिकित्सालय लाया गया. वहां उसका उपचार कराया गया था.

 

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