पिंकसिटी का हैरिटेज बिगाड़ेगा नगर निगम का तुगलकी फरमान!

राजस्थान की राजधानी जयुपर में 26 साल पुराने आदेश बदलते हुए नगर निगम कमिश्नर रवि जैन ने बेसमेंट को लेकर नया फरमान जारी किया है.

ETV Rajasthan
Updated: March 15, 2018, 12:42 AM IST
पिंकसिटी का हैरिटेज बिगाड़ेगा नगर निगम का तुगलकी फरमान!
जयपुर का हवामहल.
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Updated: March 15, 2018, 12:42 AM IST
जयपुर नगर निगम का एक नया फरमान इन दिनों चर्चा का विषय बन गया हैं. कमिश्नर रवि जैन ने 26 साल पुराने आदेश बदलकर चारदीवारी में शर्तों के साथ बेसमेंट निर्माण की स्वीकृति देने का आदेश जारी किया हैं. लेकिन इस आदेश पर अब निगम के जानकारों ने सवाल खड़े कर दिए हैं. वहीं, आमजन भी इन आदेशों से सहमत नजर नही आ रहा हैं.

दरअसल, जयपुर के चारदीवारी इलाके में यातायात और पार्किंग की बढ़ती समस्या को दूर करने के बहाने जयपुर नगर निगम के कमिश्नर रवि जैन ने पिछले दिनों नया फरमान जारी कर दिया हैं. जहां तंग गलियों में भी सशर्त बेसमेंट निर्माण की अनुमति पार्किंग के नगर निगम की ओर से दी जाएगी.

खास बात यह हैं कि 26 साल पुराने आदेश को बदलकर ये नए आदेश जारी किए गए हैं. जयपुर नगर परिषद ने 13 जनवरी 1992 को जयपुर शहर की बसावट एवं यातायात की समस्या को देखते हुए बेसमेंट निर्माण की स्वीकृति नहीं दिए जाने के आदेश जारी किए थे. लेकिन, अब 26 साल बाद कुछ शर्तों के साथ बेसमेंट की स्वीकृति फिर से दी जाएगी.

पार्किंग की समस्या को दूर करने के बहाने भले ही यह आदेश जारी किया गया हो. लेकिन, निगम के कानूनों को जानने वाले लोग इस नए आदेश पर सवाल उठा रहे हैं. उधर, आमजन भी इस आदेश से सहमत नजर नही आ रहा हैं क्योकिं, लोगों को आशंका हैं कि पार्किंग के बहाने बनाए गए बेसमेंट में भविष्य में व्यवसायिक गतिविधि शुरू हो जाएगी.

बेसमेंट के लिए रखी गई शर्तें
- भूखंड एक हजार वर्गमीटर से अधिक क्षेत्रफल का होगा
- बेसमेंट का उपयोग केवल पार्किंग के प्रयोजनार्थ होगा
- भूखंड  पर एवं बेसमेंट  में वाहनों का आवागमन सुगम रूप से सुनिश्चित हो
- न्यूनतम 10 कारों का प्रावधान बेसमेंट में किया जाएगा
- सड़क की ओर 6 मीटर तक अन्य सभी ओर न्यूनतम 3 मीटर छोडना होगा


नगर निगम कमिश्नर रवि जैन की दलील हैं कि बेसमेंट की अनुमति सिर्फ पार्किंग के लिए दी जाएगी. यदि कोई अनुमति का दुरूपयोग करेगा तो हम सीज और निर्माण को हटाने की कार्रवाई भी कर सकते हैं. लेकिन, दुरूपयोग के डर से क्या हम अच्छे काम की अनुमति ही ना दें. हम आपको बता दें कि चारदीवारी में ही रायसर प्लाजा समेत कई काँम्पलेक्स संचालित हो रहे हैं, जहां बेसमेंट में भी व्यवसायिक गतिविधियों का संचालन हो रहा हैं.

अधिकारी अपने स्तर पर ऐसा आदेश जारी नही कर सकते हैं. यदि बिल्डिंग बाँयलाज में परिवर्तन किया जाना हैं तो फिर उसके लिए पहले प्रस्ताव साधारण सभा में लाकर उसे पारित किया जाए और उसके बाद उसे राज्य सरकारी की अनुमति के लिए भेजा जाए.
मनीष पारीक, पूर्व डिप्टी मेयर और पूर्व चेयरमैन(नियम-उपनियम समिति)

(रिपोर्ट- दीपक व्यास)
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