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राज्यसभा चुनाव: सीटों का गणित देख कांग्रेस ने BJP से किया ये 'आग्रह', कहा- नहीं रही ऐसी परंपरा

डॉ. रघु शर्मा ने कहा कि राजस्थान की इस तरह की परंपरा नहीं रही है.
डॉ. रघु शर्मा ने कहा कि राजस्थान की इस तरह की परंपरा नहीं रही है.

राजस्थान में राज्यसभा (Rajya Sabha) की 3 सीटों पर आगामी 26 मार्च को होने वाले चुनाव (Election) के लिए सोमवार को नामांकन-पत्रों की जांच का काम पूरा हो गया. कांग्रेस ने बीजेपी को अपने दूसरे प्रत्याशी के बारे में विचार करने का आग्रह किया है.

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जयपुर. राजस्थान में राज्यसभा (Rajya Sabha) की 3 सीटों पर आगामी 26 मार्च को होने वाले चुनाव के लिए सोमवार को नामांकन-पत्रों की जांच का काम पूरा हो गया. इन 3 सीटों के लिए बीजेपी और कांग्रेस (BJP and Congress) ने अपने 2-2 प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतारे हैं. विधानसभा में संख्या बल के आधार पर 2 सीटों पर कांग्रेस और 1 सीट पर बीजेपी की जीत तय मानी जा रही है. लेकिन इस बीच कांग्रेस ने बीजेपी को अपने दूसरे प्रत्याशी के बारे में विचार करने का आग्रह किया है. 18 मार्च को नाम वापस लेने की अंतिम तिथि है.

जांच के दौरान ये नेता रहे मौजूद

जांच में बीजेपी और कांग्रेस के सभी चारों प्रत्याशियों के नामांकन-पत्र सही पाए गए. चारों प्रत्याशियों ने नामांकन-पत्र कुल 13 सेट दाखिल किए थे. नामांकन-पत्रों की जांच के दौरान कांग्रेस की ओर से चिकित्सा मंत्री डॉ. रघु शर्मा, मुख्य सचेतक महेश जोशी, उप मुख्य सचेतक महेन्द्र चौधरी समेत कांग्रेस के एक प्रत्याशी नीरज डांगी मौजूद रहे. वहीं बीजेपी के दोनों प्रत्याशियों के अलावा नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया और अन्य नेता मौजूद रहे.



मंत्री बोले- राजस्थान की नहीं रही यह परंपरा
इस दौरान चिकित्सा मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने नेता प्रतिपक्ष और उनके दूसरे प्रत्याशी ओंकार सिंह लखावत से आग्रह किया कि बीजेपी के पास दूसरे प्रत्याशी के हिसाब से पर्याप्त संख्याबल नहीं है. डॉ. रघु शर्मा ने कहा कि राजस्थान की इस तरह की परंपरा नहीं रही है. उन्होंने कहा कि बीजेपी के पास सरप्लस वोट भी नहीं है. ऐसे में कोई औचित्य नहीं है कि मतदान करवाया जाए. डॉ. शर्मा ने कहा कि बाकी इस पर बीजेपी को विचार करना है. यह उनकी पार्टी का मामला है.

राज्यसभा सीट के लिए यह है वोटों का गणित

राज्यसभा की 3 सीटों पर जीत के लिए प्रत्येक प्रत्याशी को 51 वोट प्रथम वरीयता के चाहिए. ऐसे में कांग्रेस के पास अपने दोनों प्रत्याशियों को जीत दिलवाने के लिए पर्याप्त संख्या में वोट हैं. वहीं बीजेपी के पास अपने एक प्रत्याशी को जीत दिलवाने के लिए पर्याप्त वोट हैं. लेकिन उसके पास अपने दूसरे प्रत्याशी के लिए सरप्लस वोट नहीं है.

विधानसभा में यह पार्टियों की स्थिति

200 सदस्यों वाली राजस्थान विधानसभा में अभी कांग्रेस के 107 सदस्य हैं. कांग्रेस का दावा है कि उसे 13 निर्दलियों समेत बीटीपी और माकपा के 5 विधायकों का भी समर्थन प्राप्त है. इस तरह उसके पास कुल 125 विधायक हैं. वहीं बीजेपी के पास 72 विधायक हैं. इसके अलावा उसके पास विधानसभा और लोकसभा चुनाव में सहयोग पार्टी रही राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के 3 विधायक हैं. उन्हें मिलाकर बीजेपी के पास कुल 75 विधायक होते हैं.

...तो मतदान की जरूरत नहीं पड़ेगी

तय फॉर्मूले के अनुसार कांग्रेस को 2 सीट जीतने के लिए प्रथम वरीयता के 102 वोट चाहिए जो कि उसके पास हैं. लेकिन बीजेपी के पास एक ही सीट जीतने लायक प्रथम वरीयता के वोट हैं. लिहाजा बीजेपी के खाते में एक सीट आने वाली है. बीजेपी अगर अपने दूसरे प्रत्याशी का नाम वापस ले लेती है, तो मतदान की आवश्यकता नहीं पड़ेगी, अन्यथा मतदान होगा.

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