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जयपुर: पाले ने तोड़ी किसानों की कमर, बड़े दरख्त भी झुलसकर हुए ठूंठ, संकट में अन्नदाता
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Dinesh Sharma | News18 Rajasthan
Updated: January 19, 2020, 3:16 PM IST
जयपुर: पाले ने तोड़ी किसानों की कमर, बड़े दरख्त भी झुलसकर हुए ठूंठ, संकट में अन्नदाता
जो पेड़ कुछ दिनों पहले तक बिल्कुल हरे-भरे थे वो पाले के चलते सूखे ठूंठ की तरह नजर आने लगे हैं.

राजस्थान में पिछले कई दिनों तक पड़ी तेज सर्दी (Severe cold) ने किसानों पर जमकर कहर (Havoc) ढाया है. लगातार कई दिनों तक पड़े पाले के चलते किसानों (Farmers) की फसलें तबाह (Crops destroyed) हो गई हैं.

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जयपुर. राजस्थान में पिछले कई दिनों तक पड़ी तेज सर्दी (Severe cold) ने किसानों पर जमकर कहर (Havoc) ढाया है. लगातार कई दिनों तक पड़े पाले के चलते किसानों (Farmers) की फसलें तबाह (Crops destroyed) हो गई हैं. इतना ही नहीं कई दशक बाद इतने लंबे समय तक लगातार पड़े पाले के कारण बड़े दरख्त भी झुलस (Scorched) गए हैं.

किसानों को परिवार के गुजारे की चिंता सताने लगी है
प्रदेश में पिछले दिनों पड़ी कड़ाके की सर्दी ने आम जनजीवन को तो प्रभावित किया ही इस कहर ढाती सर्दी ने किसानों की भी कमर तोड़ दी है. इस बार तेज सर्दी में तापमान कई दिनों तक जमाव बिन्दू के आसपास जमा रहा. आसमान से पाले के रूप में बरसी आफत ने किसानों की फसल चौपट कर दी. जयपुर के जमवारामगढ क्षेत्र में पाले से बर्बाद हुई फसल के बाद किसान चिंता में है. यहां पाले ने ना सिर्फ खेतों में खड़ी फसल को चौपट कर दिया है बल्कि बड़े दरख्तों तक को झुलसा दिया है. जो पेड़ कुछ दिनों पहले तक बिल्कुल हरे-भरे थे वो पाले के चलते सूखे ठूंठ की तरह नजर आने लगे हैं. किसानों ने बड़ी मेहनत से अपने खेत में जो फसल तैयार की थी उस पर जाड़े ने पानी फेर दिया है. उन्हें अब आने वाले दिनों में अपने परिवार के गुजारे की चिंता सताने लगी है.

बड़े आर्थिक संकट के बोझ तले दबने जा रहे हैं किसान

किसानों का कहना है कि यूं तो पाला हर बार ही उनकी फसल में कुछ ना कुछ नुकसान जरुर करता है, लेकिन इस बार की सर्दी कुछ ज्यादा ही दर्द देने वाली थी. कई दशकों बाद इस क्षेत्र में पाले का प्रकोप इतने बड़े पैमाने पर हुआ कि उसने किसानों की कमर ही तोड़कर रख दी. किसानों ने फसल को बचाने के भरसक जतन किए, लेकिन प्रकृति के प्रकोप के आगे वो सब धराशायी हो गए. किसानों का कहना है कि कुदरत के इस कहर से वे बड़े आर्थिक संकट के बोझ तले दबने जा रहे हैं. जरुरत इस बात की है कि सरकार उनकी मदद को आगे आए. हालांकि अभी तक सरकारी विभागों के नुमाइंदे क्षेत्र में खराबे का आकलन करने नहीं पहुंचे हैं.

कई किसानों ने अपनी फसल का बीमा भी नहीं करवा रखा
इस क्षेत्र में फल और फूलों की खेती बड़े पैमाने पर होती है, उसमें पाले ने बड़ा नुकसान किया है. साथ ही सब्जियों समेत दूसरी फसलों को भी व्यापक स्तर पर प्रभावित किया है. कई किसानों ने अपनी फसल का बीमा भी नहीं करवा रखा है जिसके चलते उन्हें खराबे का मुआवजा मिलने में भी मुश्किल होगी. ऐसे में किसानों की उम्मीदें अब राज्य सरकार पर टिकी हैं. 

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First published: January 19, 2020, 3:10 PM IST
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