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गहलोत सरकार ने मरीजों को दी बड़ी राहत, डॉक्टर्स अब नहीं वसूल सकेंगे मनमानी फीस

अब डॉक्टर्स को घर पर अपने परामर्श कक्ष में फीस की तख्ती लगानी होगी और उसकी प्राप्ति की रसीद भी देनी होगी.

अब डॉक्टर्स को घर पर अपने परामर्श कक्ष में फीस की तख्ती लगानी होगी और उसकी प्राप्ति की रसीद भी देनी होगी.

अशोक गहलोत सरकार (Ashok Gehlot Government) ने मरीजों को बड़ी राहत (Big relief) प्रदान करते हुए सरकारी डॉक्टर्स की फीस क ...अधिक पढ़ें

जयपुर. अशोक गहलोत सरकार (Ashok Gehlot Government) ने मरीजों को बड़ी राहत (Big relief) प्रदान करते हुए सरकारी डॉक्टर्स की फीस की मनमानी पर शिकंजा कस दिया है. सरकार ने अब डॉक्टर्स द्वारा ली जाने वाली परामर्श फीस (Consulting fees) की दरें तय कर दी है. निदेशालय, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं की ओर से इसके आदेश भी जारी (Order issued) कर दिए गए हैं. प्रदेश के सभी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों (CMHO) को निर्देश जारी कर आदेशों की सख्ती से पालना सुनिश्चित करने को कहा गया है. सरकार के इस कदम से डॉक्टर्स की मनमानी पर अंकुश लगेगा.

ये दरें की गई है तय
विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार चिकित्सा अधिकारी/ ग्रामीण चिकित्सा अधिकारी की फीस प्रति विजिट 75 रुपए और सीनियर मेडिकल अधिकारी/ जूनियर स्पेशलिस्ट/ सहायक प्रोफेसर/ ग्रामीण वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी 100 रुपए निर्धारित की गई है. इसी तरह से एसोसिएट प्रोफेसर/ सीनियर स्पेशलिस्ट की 125 रुपए, प्रोफेसर 150 रुपए और सीनियर प्रोफेसर की प्रति विजिट 200 रुपए फीस तय की गई है.

डॉक्टर्स की मनमानी पर लगेगा अंकुश
दरअसल सरकार के ध्यान में आया कि डॉक्टर्स अपने निवास पर मरीजों को देखने के लिए निर्धारित राशि से ज्यादा परामर्श फीस ले रहे हैं और शुल्क प्राप्ति की रसीद भी नहीं दी जा रहे हैं. इसके साथ ही डॉक्टर्स ने अपने घरों पर फीस संबंधी की कोई तख्ती भी नहीं लगा रखी है. अब डॉक्टर्स को घर पर अपने परामर्श कक्ष में फीस की तख्ती भी लगानी होगी. आदेश में कहा गया है कि सरकारी डॉक्टर द्वारा निवास पर ली जाने वाली फीस राज्य सरकार द्वारा निर्धारित दरों से ही वसूल की जाए. इसके साथ ही परामर्श फीस की रसीद भी रोगी को दी जाए.

'निरोगी राजस्थान' का लिया था संकल्प
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 'निरोगी राजस्थान' की पहल को जमीनी धरातल उतारने की पहल तेज कर दी है. अब डॉक्टर्स की मनमानी और मरीजों के साथ बुरे बर्ताव पर पैनी नजर रखी जाएगी. मरीजों से निर्धारित फीस से ज्यादा राशि वसूलने पर उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री ने सरकार की पहली वर्षगांठ के मौके पर निरोगी राजस्थान का संकल्प लिया था. इसके तहत प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार किया जाएगा. इसके लिए मुख्यमंत्री ने करीब 1000 करोड रुपए के बजट देने की घोषणा की थी. मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा था कि कैंसर और किडनी जैसी गंभीर बीमारियों का इलाज भी प्रदेश में निशुल्क किया जाएगा. सभी बीमारियों की जांच निशुल्क की जाएगी. मुख्यमंत्री सार्वजनिक मंचों पर भी निरोगी राजस्थान की बात कहते रहे हैं. सरकार ने अब इसी की दिशा में कदम बढ़ाते हुए डॉक्टर्स की परामर्श फीस की दरें निर्धारित कर दी है, ताकि आमजन को राहत मिल सके.





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Tags: Ashok gehlot, Health News, Jaipur news, Medical, Rajasthan news

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