जयपुर: गहलोत सरकार ने VAT की दरों में 4% की बढ़ोतरी की, महंगा हुआ पेट्रोल और डीजल
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जयपुर: गहलोत सरकार ने VAT की दरों में 4% की बढ़ोतरी की, महंगा हुआ पेट्रोल और डीजल
जानिए पेट्रोल-डीज़ल पर कितना टैक्स लगता है

VAT की बढ़ी हुई दरें शनिवार मध्‍यरात्रि से लागू हो चुकी हैं. प्रदेश सरकार का कहना है कि विकास कार्यों के लिए फंड जुटाने के लिए ऐसा किया गया है.

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जयपुर. राजस्थान में कोरोना वायरस (Coronavirus) की रोकथाम के लिए लगाए गए लॉक डाउन के बीच राज्य सरकार की अशोक गहलोत सरकार ने शनिवार आधी रात को वैट की दरों (VAT rates) में बढ़ोतरी कर दी. सरकार ने पेट्रोल पर वैट 30 से बढ़ाकर 34% कर दिया है, जबकि डीजल पर VAT 22 से बढ़ाकर 26% कर दिया गया है. राज्य के वित्त विभाग ने देर रात ही इस बाबत आदेश भी जारी कर दिए हैं. गहलोत सरकार के इस कदम से पेट्रोल और डीजल के दामों में बढ़ोतरी हो गई है. यह शनिवार मध्यरात्रि से लागू हो चुकी है.

गहलोत सरकार के इस निर्णय से पेट्रोल के दामों में 2 रुपये 80 पैसे की बढ़ोतरी हो गई है. वहीं, डीजल के दामों में करीब ढाई रुपए की बढ़ोतरी हुई है. जानकारी के मुताबिक, गहलोत सरकार ने राज्य की माली वित्तीय हालत को देखते हुए पेट्रोल एवं डीजल की दरों में बढ़ोतरी की है. सरकार का मकसद आवश्यक धन जुटाना है. प्रदेश में कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने लॉक डाउन की घोषणा की है. राज्य में 31 मार्च तक लॉक डाउन रहेगा.

वैट की दरों में किया संशोधन
माना जा रहा है कि सरकार ने अपनी वित्तीय स्थिति को ध्यान में रखते हुए वैट की दरों में संशोधन किया है. इसके लिए वैट शेड्यूल 6 में सरकार ने संशोधन किया है. कोरोना वायरस के बीच सरकार के इस कदम से जनता पर मार पड़ी है. गहलोत सरकार से पूर्व कच्चे तेल की कीमतों में कटौती के बाद सस्ते पेट्रोल-डीजल की आस लगाए बैठे देशवासियों को केंद्र सरकार ने बड़ा झटका दिया था. केंद्र सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर 3 रुपए प्रति लीटर की दर से एक्साइज ड्यूटी बढ़ा दी थी.



राजस्‍थान की माली हालत ठीक नहीं


सूत्रों के अनुसार गहलोत सरकार ने मौजूदा वित्तीय हालातों में इंफ्रास्ट्रक्चर और अन्य विकास कार्यों के लिए जरुरी राशि जुटाने के उद्देश्य से पेट्रोल-डीजल की वैट दरों में बढ़ोतरी की है. दरअसल, प्रदेश की माली हालत ठीक नहीं है. मुख्यमंत्री केंद्र सरकार पर विभिन्न योजनाओं का अनुदान रोकने का आरोप लगाते रहे हैं. राज्य सरकार का कहना है कि केंद्र सरकार राज्य के हिस्से में आने वाला बजट भी नहीं दे रही है. इसके कारण केंद्र एवं राज्य की योजनाएं संचालित करने में वित्तीय परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. सरकार ने वैट की दरों में बढ़ोतरी कर सरकारी खजाने को भरना शुरू कर दिया है.

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First published: March 22, 2020, 9:12 AM IST
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