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जयपुर नगर निगम हैरिटेज में कांग्रेस बोर्ड पर संकट के बादल, बड़ा झटका देने की तैयारी में BJP

जयपुर नगर निगम हैरिटेज में कांग्रेस बोर्ड पर संकट के बादल, बड़ा झटका देने की तैयारी में BJP

Jaipur News: जयपुर हैरिटेज नगर निगम में कांग्रेस बोर्ड पर मंडराए संकट के बादल, 8 निर्दलीय पार्षद धरने पर बैठे

Jaipur News: जयपुर हैरिटेज नगर निगम में कांग्रेस बोर्ड पर मंडराए संकट के बादल, 8 निर्दलीय पार्षद धरने पर बैठे

Jaipur Heritage Nagar Nigam: जयपुर हैरिटेज नगर निगम में कांग्रेस बोर्ड पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं. दरअसल, कांग्रेस को मेयर पद दिलाने वाले 9 निर्दलीय पार्षदों ने बगावती रुख अपना लिया है. बोर्ड बनने के एक साल बाद भी संचालन समितियां नहीं बनने से खफा निर्दलीय पार्षद गुरुवार को हैरिटेज मुख्यालय पर धरने पर बैठ गए. धरने पर बैठे पार्षदों ने आरोप लगाया कि सरकार की ओर से उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही. जिस वादे के साथ कांग्रेस ने समर्थन लिया था, उसे अब पूरा करने में आनाकानी कर रही है. इसी बीच, भाजपा निर्दलीय पार्षदों और कांग्रेस के बीच दिख रहे असंतोष को भुनाने की तैयारी में जुट गई है. ऐसे में राजधानी जयपुर के हैरिटेज नगर निगम में कभी भी तख्तापलट हो सकता है.

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जयपुर. जयपुर नगर निगम हैरिटेज में इन दिनों सबकुछ ठीक नही चल रहा है. नगर निगम हैरिटेज में कांग्रेस को मेयर पद देने वाले निर्दलीय पार्षदों में भारी असंतोष व्याप्त है. निर्दलीय पार्षदों से किए वादे पुरे नही होने से उनमें आक्रोश है और वो अब कांग्रेस ने अपना समर्थन वापस लेने की तैयारी कर रहे हैं. भाजपा निर्दलीय पार्षदों और कांग्रेस के बीच दिख रहे असंतोष को भुनाने की तैयारी में जुट गई है. ऐसे में राजधानी जयपुर के हैरिटेज नगर निगम में कभी भी तख्तापलट हो सकता है. दरअसल, जयपुर के हैरिटेज नगर निगम में कांग्रेस और भाजपा दोनो ही दलों को बहुमत नहीं मिला था. ऐसे में दोनों ही दलों ने काफी रस्साकशी की लेकिन राज्य में कांग्रेस की सत्ता थी तो बोर्ड बनाने में अहम भूमिका निभाने वाले निर्दली पार्षदों ने उसे अपना समर्थन दिया.

इस दौरान जयपुर जिले के कांग्रेस नेताओं ने निर्दलीय पार्षदों को कमेटी चेयरमेन बनाने जैसे कई वादे किए थे लेकिन सत्ता में भागीदारी नहीं मिलने और निर्दलीय पार्षदों की सुनवाई नहीं होने से अब उन्होंने कांग्रेस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. निर्दलीय पार्षद अब खुल कर कहने लगे हैं कि हमे जयपुर के विधायकों ने आश्वासन दिया है लेकिन इसकी भी समय सीमा है. निर्दलीय पार्षद का कहना है कि ग्रेटर में हैरिटेज के साथ ही चुनाव हुए थे, वहां समितिया भी बन गई और सब कुछ ठीक चल रहा है और लेकिन हमारी सुनवाई नहीं हो रही है. ऐसे में समर्थन वापसी पर सभी निर्दलीय एकजुट होकर विचार करेंगे. निर्दलीय पार्षद मोहम्मद जकरिया और रोहित चांवरिया का कहना है कि समय का इंतजार नही करेंगे, अब फैसला करने जा रहे हैं ताकि सत्ता में भागीदारी मिल सकें.

हैरिटेज नगर निगम में क्यों है निर्दलीय पार्षदों की अहमियत:
हैरिटेज नगर निगम में कुल 100 वार्ड पार्षद हैं. कांग्रेस के 47 जबकि भाजपा के 42 पार्षद हैं. 11 निर्दलीय पार्षदों में से 2 ने भाजपा को अपना समर्थन दिया हुआ है तो 9 ने कांग्रेस को दे रखा है. इस तरह से अपना समर्थन देकर कांग्रेस का मेयर बनाने वाले 9 निर्दलीय पार्षदों में असंतोष है. इस अहमियत को समझते हुए जयपुर के जिला अध्यक्ष रहे और वर्तमान में खाद्य मंत्री प्रतापसिंह खाचरियावास भी खुलकर निर्दलीय पार्षदों को सत्ता में भागिदारी देने में हुई देरी को स्वीकर कर रहे हैं. साथ ही यह आश्वासन भी दे रहे है कि जल्द ही सबकुछ अच्छा होगा.

कांग्रेस और निर्दलीय में उपजे असंतोष को मध्यप्रदेश की तर्ज पर जयपुर हैरिटेज में भाजपा भुनाने की तैयारी कर रही है. भाजपा के टिकट पर हैरिटेज निगम से मेयर पद की प्रत्याक्षी रही भाजपा पार्षद कुसुम यादव तो निर्दलीय पार्षदों को भाजपा को समर्थन देकर हैरिटेज में सरकार बनाने का खुला न्योता दे रही है. कुसुम यादव का कहना है कि निर्दलीयों की सुनवाई नही हो रही है, ऐसे में भाजपा का शीर्ष नेत्तव निर्दलीयों का पुरा सम्मान रखेगा.

हाथ से निकल रहा समय
बहरहाल अगर अब भी समय रहते कांग्रेस ने निर्दलीय पार्षदों के साथ सत्ता बनाते समय किए गए वादों को पुरा नहीं किया तो निर्दलीय पार्षद के सब्र का बांध अब किसी भी समय टूट सकता है. वहीं हैरिटेज में सत्ता की ताक में बैठी भाजपा इस मौके को भुनाने की पुरी कोशिश में जुटी है.. अगर भाजपा प्रयास में सफल होती है तो राज्य और हैरिटेज में सत्ता संभाल रही कांग्रेस के हाथ से हैरिटेज निगम की बनी बनाई सत्ता छिन सकती है.

Tags: Jaipur news, Rajasthan news

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