JLF News: युवाओं को कालबेलिया डांस सिखाना चाहती हैं पद्मश्री गुलाबो, जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में साझा किए अनुभव

उन्होंने कहा कि यह मेरा सपना है कि हर घर में एक गुलाबो हो. (फाइल फोटो)

उन्होंने कहा कि यह मेरा सपना है कि हर घर में एक गुलाबो हो. (फाइल फोटो)

पद्मश्री से सम्मानित कालबेलिया नृत्यांगना गुलाबो सपेरा (Dancer Gulabo Sapera) ने कहा कि उनकी अकादमी लोक संस्कृति को जिंदा रखने के लिए हस्तशिल्प व पारंपरिक वाद्य यंत्रों का प्रदर्शन भी करेगी.

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जयपुर. जानी-मानी कालबेलिया नृत्यांगना गुलाबो सपेरा (Dancer Gulabo Sapera) नृत्य की परंपरा व संस्कृति को युवा पीढ़ी को सौंपने का सपना देखती हैं. उनकी पुष्कर में नृत्य अकादमी (Dance Academy) शुरू करने की योजना है. उन्होंने कहा, 'यह मेरा सपना है कि हर घर में एक गुलाबो हो. मैं नृत्य जारी रखना चाहती हूं और इस कला को युवा पीढ़ी को सिखाना चाहती हूं. मेरी पुष्कर में नृत्य अकादमी खोलने की योजना है और मेरे विद्यार्थियों को विश्व की यात्रा पर ले जाना चाहती हूं.'

पद्मश्री से सम्मानित गुलाबो ने कहा कि उनकी अकादमी लोक संस्कृति को जिंदा रखने के लिए हस्तशिल्प व पारंपरिक वाद्य यंत्रों का प्रदर्शन भी करेंगी. गुलाबो ऑनलाइन चल रहे जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल (JLF) के अतिथियों में शामिल हैं. इसके साथ ही गुलाबो ने कोरोना महामारी के एक साल को कलाकारों के लिए कठिन दौर बताया और कहा कि उनके लिए काम पाना मुश्किल हो गया था.

गुलाबो के नाम से मिली पहचान

राजस्थान की प्रसिद्ध पद्मश्री महिला कलाकार, अब प्रदेश के कलाकारों के हक के लिए संघर्ष करने को तैयार है. कालबेलिया नृत्य को ना केवल देश, बल्कि विदेशों में पहचान दिलाने वाली नृत्यांगना पद्मश्री गुलाबो सपेरा ने कलाकारों के लिए संघर्ष करने का पूरा मन बना लिया है. हर कोई जानता है कि गुलाबो ना केवल इस राजस्थान की सबसे बड़ी और ख्यातनाम नृत्यांगना है, बल्कि देश और विदेश में कालबेलिया नृत्य को गुलाबो के नाम से ही जाना-पहचाना जाता है.
बिग बॉस में भी की थी शिरकत

टीवी के मशहूर रियलिटी शो बिग बॉस में भागीदार बनने से तीन साल पहले गुलाबो को पद्मश्री सम्मान से भी नवाजा जा चुका है. पिछले माह जापान में यूनेस्को पुरस्कार भी गुलाबो को मिला था. जिसके बाद से न केवल गुलाबो, बल्कि पूरे प्रदेश के लोक कलाकार काफी खुश थे.
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