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जयपुर: कांग्रेस में फिर शुरू होगा प्रेरक मॉडल, RSS की तर्ज पर 40 प्रेरक उतारे जाएंगे मैदान में

कांग्रेस ट्रेनिंग सेल के समन्वयक अजीत सिंह शेखावत ने बताया कि प्रेरक बनने के लिए कार्यकर्ता का न्यूनतम ग्रेजुएट और उसकी पृष्ठभूमि कांग्रेसी होना आवश्यक है.
कांग्रेस ट्रेनिंग सेल के समन्वयक अजीत सिंह शेखावत ने बताया कि प्रेरक बनने के लिए कार्यकर्ता का न्यूनतम ग्रेजुएट और उसकी पृष्ठभूमि कांग्रेसी होना आवश्यक है.

कांग्रेस (Congress) में फिर से प्रेरक मॉडल (Motivational model) लागू किया जा रहा है. राष्ट्रीय स्वयं सेवक (RSS) की तर्ज पर प्रेरकों को शारीरिक और बौद्धिक (Physical and intellectual) ट्रेनिंग दी जाएगी. आागमी 14 जनवरी से राजधानी जयपुर (Jaipur) में स्थित प्रदेश कांग्रेस कमेटी कार्यालय (PCC) में इसके लिए साक्षात्कार (Interview) लिए जाएंगे.

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जयपुर. कांग्रेस (Congress) में फिर से प्रेरक मॉडल (Motivational model) लागू किया जा रहा है. राष्ट्रीय स्वयं सेवक (RSS) की तर्ज पर प्रेरकों को शारीरिक और बौद्धिक (Physical and intellectual) ट्रेनिंग दी जाएगी. आागमी 14 जनवरी से राजधानी जयपुर (Jaipur) में स्थित प्रदेश कांग्रेस कमेटी कार्यालय (PCC) में इसके लिए साक्षात्कार (Interview) लिए जाएंगे. साक्षात्कार के बाद 40 प्रेरकों का चयन (Selection) किया जाएगा.

एक सप्ताह की शारीरिक और मानसिक ट्रेनिंग दी जाएगी
इन चयनित 40 प्रेरकों को एक सप्ताह की शारीरिक और मानसिक ट्रेनिंग दी जाएगी. अखिल भारतीय कांग्रेस ट्रेनिंग सेल के इंचार्ज सचिन राव खुद इंटरव्यू लेकर कार्यकर्ताओं का चयन करेंगे. 40 साल से कम उम्र के जागरूक कांग्रेस कार्यकर्ताओं को ही प्रेरक बनाने के लिए चुना जाएगा. प्रेरकों की ट्रेनिंग के लिए 7 दिन का सिलेबस तैयार किया गया है. ये 40 प्रेरक ग्रांउड स्तर पर जाकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं को बीजेपी-आरएसएस से मुकाबले के गुर सिखाएंगे.

साक्षात्कार 14 जनवरी को सुबह 10 बजे से होंगे
कांग्रेस ट्रेनिंग सेल के समन्वयक अजीत सिंह शेखावत ने बताया कि प्रेरक के लिए न्यूनतम ग्रेजुएट होना जरूरी होगा. वहीं उसकी पृष्ठभूमि भी कांग्रेसी होना आवश्यक है. साक्षात्कार 14 जनवरी को सुबह 10 बजे से होंगे. इसके लिए सचिन राव के साथ अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव महेन्द्र जोशी भी आएंगे. बकौल शेखावत बीजेपी जो झूठ फैलाती हैं उसका मुकाबला कैसे किया जाए और जनता को सच्चाई कैसे बताई जाए. इसकी ट्रेनिंग प्रेरकों को दी जाएगी.



संगठन की मजबूती पर काम रही है कांग्रेस
उल्लेखनीय है कि कांग्रेस में पिछले कुछ समय से संगठन को मजबूत करने के लिए कई तरह की कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं. ये कार्यक्रम अलग-अलग स्तर पर चलाए जा रहे हैं. कांग्रेस में वर्तमान में सबसे बड़ी चुनौती खेमेबंदी पर अंकुश लगाना है. पंचायत चुनाव सिर पर हैं. वहीं उसके कुछ समय बाद ग्रामीण इलाकों में सहकारिता के चुनाव भी होने हैं. कांग्रेस इन चुनावों की तैयारियों में जुटी है.

 

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