कोरोना से मृत्यु होने पर शव का निकाय करवाएंगे अंतिम संस्कार, राजस्थान सरकार उठाएगी खर्च

स्वायत्त शासन भवन

स्वायत्त शासन भवन

राजस्थान सरकार (Rajasthan Government) की और से स्वायत्त शासन विभाग ने प्रदेश के सभी शहरी निकायों को निर्देश दिया है कि वो कोरोना संक्रमण से होने वाले व्यक्ति की मौत के बाद उसकी पार्थिव देह (Dead Body) का सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार निकाय संपन्न करवाएंगे. निकायों द्वारा इस दौरान पार्थिव देह के परिवहन के लिए वाहन का इंतजाम करना और कोरोना प्रोटॉकाल (Corona Protocol) के तहत अंतिम संस्कार करना मुख्य काम होगा

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 24, 2021, 11:52 PM IST
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जयपुर. राजस्थान में कोरोना संक्रमण (Corona Virus) की चपेट में लगातार लोग आ रहे हैं. ऐसे में उपचार के लिए बेड, इंजेक्शन और ऑक्सीजन की किल्लत को लेकर जनता में सरकारों के प्रति गहरी नाराजगी है. लोगों के गुस्से को दूर करने और सरकार की संवेदनशील छवि को दर्शाने के लिए राजस्थान सरकार (Rajasthan Government) ने एक अहम आदेश जारी किया है. सरकार की और से स्वायत्त शासन विभाग ने प्रदेश के सभी शहरी निकायों को निर्देश दिया है कि वो कोरोना संक्रमण से होने वाले व्यक्ति की मौत के बाद उसकी पार्थिव देह (Dead Body) का सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार संपन्न करवाएंगे. निकायों द्वारा इस दौरान पार्थिव देह के परिवहन के लिए वाहन का इंतजाम करना और कोरोना प्रोटॉकाल (Corona Protocol) के तहत अंतिम संस्कार करना मुख्य काम होगा.

सरकार ने राज्य के समस्त जिला कलेक्टर, नगर निगम, नगर परिषद् एवं जिला, उपजिला, सैटेलाइट चिकित्सालय वाली समस्त नगरपालिकाओं को निर्देश दिये हैं कि वो पूर्ण संवेदनशीलता के साथ पार्थिव देह के निर्धारित कोविड प्रोटोकॉल के अनुसार सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार में परिवहन की निःशुल्क व्यवस्था, अंतिम संस्कार सामग्री और अन्य व्यवस्थाएं अंतिम संस्कार स्थल पर भली-भांति सुनिश्चित करेंगे. ऐसे प्रकरणों में होने वाला समस्त व्यय संबंधित स्थानीय निकाय द्वारा वहन किया जायेगा जिसका पुनर्भरण राज्य सरकार द्वारा किया जाएगा.

मुख्यमंत्री के गृह जिले से योजना की शुरुआत

सरकार द्वारा यह निर्देश शनिवार को जारी किया गया है लेकिन इस प्रकार की पुख्ता व्यवस्था हाल ही में नगर निगम, जोधपुर (उत्तर) द्वारा प्रारंभ की गई है. सीएम अशोक गहलोत ने निर्देश दिये हैं कि पूरे प्रदेश में पार्थिव देह का चिकित्सालय से श्मशान/कब्रिस्तान/ग्रेवयार्ड तक सम्मानपूर्वक परिवहन सुनिश्चित किया जाये. परिजनों को पार्थिक देह को चिकित्सालय से श्मशान/कब्रिस्तान/ग्रेवयार्ड तक परिवहन में किसी भी प्रकार की परेशानी उत्पन्न न हो, इसके लिए आवश्यक एंबुलेंस (पार्थिव देह परिवहन) की निःशुल्क व्यवस्था में कठिनाई हो तो संबंधित जिला प्रशासन या आरटीओ/डीटीओ के माध्यम से उक्त वाहन अधिग्रहण करवाकर, उपलब्धता सुनिश्चित करेंगे.
आम लोगों को एंबुलेंस (पार्थिव देह परिवहन) की निःशुल्क व्यवस्था की जानकारी हो सके, इसके लिए नगरीय निकाय में स्थित नियंत्रण कक्ष के दूरभाष नंबर स्थानीय चिकित्सालय, पुलिस, प्रशासन और आम लोगों की जानकारी में लाने के लिए आवश्यक प्रचार-प्रसार किया जाये.

एंबुलेंस (पार्थिव देह परिवहन) की निःशुल्क व्यवस्था स्थानीय निकाय में स्थित नियंत्रण कक्ष के प्रत्यक्ष नियंत्रण में चिकित्सालय/स्थानीय निकाय में रहेगी और पार्थिव देह के परिवहन हेतु सूचना प्राप्त होते ही, इस कार्य के लिए संधारित रजिस्टर में आवश्यक जानकारी लिखने के बाद संबंधित व्यक्ति के नंबर व पता देकर, नियंत्रण कक्ष द्वारा पर्ची जारी कर, अविलंब रवाना की जायेगी. साथ ही वापसी में रजिस्टर में वापस प्रविष्टि अंकित की जायेगी. कोविड 19 जनित लावारिस लोगों की मृत्यु के प्रकरणों में पूर्व की भांति ही अंतिम संस्कार की समस्त व्यवस्था, स्थानीय निकाय द्वारा ही की जायेगी.

जिला कलेक्टर रखेंगे नजर, सरकार उठाएंगी सारा खर्च



समस्त व्यवस्थाएं संबंधित जिला कलक्टर के निर्देशन में स्थानीय निकाय द्वारा संपादित की जायेगी. एंबलेंस (पार्थिव देह परिवहन) की निःशुल्क व्यवस्था पर होने वाला खर्च, अंतिम संस्कार सामग्री और अन्य व्यवस्थाएं ऐसे प्रकरणों में होने वाला समस्त व्यय संबंधित स्थानीय निकाय द्वारा वहन किया जायेगा. समस्त व्यवस्थाएं संबंधित जिला कलक्टर के निर्देशन में स्थानीय निकाय द्वारा संपादित की जायेगी. मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद यह व्यवस्था पूरे राज्य में तुरंत प्रभाव से लागू कर दी गई है. साथ ही कहा गया है कि निकाय इस कार्य में कोई कोताही न बरते.
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