Lockdown: परदेसियों को सताई माटी की याद, संकट की इस घड़ी में आना चाहते हैं 'अपनों के पास'

ये लोग दुआ कर रहे हैं कि जल्द इस संकट से मुक्ति मिले और ये अपनों के पास आ जाएं.

कोरोना (COVID-19) संकट काल में राजस्थान के शेखावाटी के हज़ारों नौजवान खाड़ी देशों (Gulf countries) में बैठे हुए लॉकडाउन (Lockdown) खुलने का इंतजार कर रहे हैं. वे अनिश्चितता के इस दौर में वो 'अपनों का साथ' और 'अपनों के पास' रहना चाहते हैं.

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जयपुर. कोरोना (COVID-19) संकट काल में राजस्थान के शेखावाटी के हज़ारों नौजवान खाड़ी देशों (Gulf countries) में बैठे हुए लॉकडाउन (Lockdown) खुलने का इंतजार कर रहे हैं. इन लोगों का कहना है कि उन्हें वहां कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन महामारी और अनिश्चितता के इस दौर में वो 'अपनों का साथ' और 'अपनों के पास' रहना चाहते हैं. ये लोग खाड़ी के कतर, मस्कट, कुवैत, सऊदी अरब, दुबई या शारजाह में रहते हैं.

अपनी जड़ों की तरफ लौटना चाहते हैं
खाड़ी देशों में रह रहे इन राजस्थानियों में से सैंकड़ों लोग पिछले दिनों अपने घरों पर लौटने के लिए टिकट बुक करवा ही रहे थे कि अचानक लॉकडाउन लग गया. लिहाजा उन्हें वहां रुकना पड़ा. फिलहाल रमज़ान की शुरूआत हो चुकी है और खाड़ी देशों में अटके राजस्थान के नौजवान दुआ कर रहे हैं कि जल्दी से कोरोना महामारी का अंत हो ताकि वो अपनी जड़ों की तरफ लौट सकें.

ज्यादातर कंस्ट्रक्शन कपंनियों में हैं
रोजी-रोटी कमाने के लिए खाड़ी देशों में गए शेखावटी के इन नौजवानों ने बताया कि दुबई और सऊदिया अरेबिया में भी लॉकडाउन में सब बंद है और सिर्फ ज़रूरत का सामान ही उपलब्ध है. शेखावाटी के ये नौजवान अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इनमें से ज्यादातर कंस्ट्रक्शन कपंनियों में हैं. उसके अलावा यहां के नौजवान दुबई में मेडिकल सेक्टर में भी अपनी सेवाएं दे रहे हैं.

वहां भी जरुरी सेवाओं से जड़े लोग ही काम पर जा रहे हैं
शेखावाटी के झुंझनूं जिले के अमजद और जावेद इस समय दुबई में रह रहे हैं. ये दोनों ही ईद पर घर आना चाहते हैं, लेकिन लॉकडाउन के चलते नहीं आ पा रहे. वे चाहते हैं कि जल्द से जल्द अपने गांव वापस लौटे. उनके अनुसार वहां भी सिर्फ वे ही लोग काम पर जा रहे हैं जो ज़रूरी सेवाओं से जुड़े हुए हैं.

सरकारें पूरी तरह सहयोग कर रही है
खाड़ी में बैठे शेखावाटी के इन नौजवानों बताया कि वहां कि सरकारें उनके साथ पूरी तरह सहयोग कर रही हैं और मॉस्क तथा गलब्स लेकर खाने-पीने का सामान तक डोर-टू-डोर पहुंचा रही है. इतना ही नहीं जिनकी आमदनी रूक गई है उन्हे चिन्हित कर आर्थिक सहायता भी दी जा रही है. इनका कहना है कि अपनों से दूर चाहे कितनी भी सुविधा मिले, लेकिन परिवार का अपना महत्व है. वो ऐसे समय में अपनों के पास रहना चाहते हैं जबकि भविष्य के बारे में कुछ भी कहा नहीं जा सकता हो. महामारी के इस दौरे में वे चाहते हैं चाहे जैसे भी रहें, लेकिन अपनों के पास रहें. ये लोग दुआ कर रहे हैं कि जल्द इस संकट से मुक्ति मिले और ये अपनों के पास आ जाएं.

ट्वीट में भी हुआ है भारतीयों का जिक्र
पिछले कुछ दिनों में अरब के प्रभावशाली लोगों ने लॉकडाउन के दौरान की स्थिति को लेकर काफी ट्वीट किए हैं. इनमें भारतीयों का भी जिक्र किया गया है. दुबई की राजकुमारी प्रिसेंज हेंद-अल-कासिमी ने ट्वीट कर बताया कि उनके देश में लाखों भारतीय रहते हैं और ये उनकी आबादी का 27 प्रतिशत है.

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