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जयपुर: विधानसभा सत्र के दौरान RLP के दो विधायकों को पुलिस का नोटिस, बवाल

विधानसभा अध्यक्ष ने सरकार का जवाब आने के बाद कार्यवाही का आश्वासन दिया है.
विधानसभा अध्यक्ष ने सरकार का जवाब आने के बाद कार्यवाही का आश्वासन दिया है.

राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के विधायक पुखराज गर्ग और इंद्रा बावरी को नागौर में पुलिस पूछताछ (Police inquiry) के लिए पेश होने का नोटिस थमाया है.

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जयपुर. राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के विधायक पुखराज गर्ग और इंद्रा बावरी को नागौर में पुलिस पूछताछ के लिए पेश होने का नोटिस मिलने पर बवाल हो गया है. विधानसभा सत्र के दौरान विधायकों को पुलिस पूछताछ के लिए दिए गए नोटिस को विशेषाधिकार का हनन बताते हुए विपक्ष के उपनेता राजेंद्र राठौड़ (Rajendra Rathore) ने सदन में विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव पेश किया. इस मुद्दे पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीपी जोशी (Dr. CP Joshi) ने कड़ा रुख अपनाते हुए सरकार का पक्ष आने के बाद आगे की कार्यवाही करने का आश्वासन दिया है.

बंजारों की बस्ती से अतिक्रमण हटाने से जुड़ा है मामला
नागौर में गत वर्ष बंजारों की बस्ती से अतिक्रमण हटाने पर हुए उग्र आंदोलन मामले में रालोप के दोनों विधायकों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था. इस मामले की जांच के सिलसिले में विधायक पुखराज गर्ग और इंद्रा बावरी को 2 मार्च को सीआईडी सीबी नागौर में पूछताछ के लिए पेश होने का नोटिस दिया गया था. उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने चलती विधानसभा में विधायकों को पूछताछ के लिए नोटिस देने को विशेषाधिकार का हनन बताते हुए प्रस्ताव पेश किया.

विधायकों के घरों पर नोटिस चस्पा किए गए
जिस समय यह प्रस्ताव पेश किया उस वक्त आसन पर सभापति महेंद्रजीत मालवीय थे. सदन में यह प्रस्ताव आते ही आसन पर स्पीकर डॉ. जोशी आ गए. राजेंद्र राठौड़ ने कहा कि विधायकों के घरों पर नोटिस चस्पा किए गए हैं. उन्हें आरोपी लिखा गया है. यह सब भगोड़ा घोषित करने की साजिश है. राठौड़ के बाद विधायक पुखराज गर्ग और इंद्रा बावरी ने नोटिस के बारे में सदन में बताया. इंद्रा बावरी ने कहा, 'पुलिस हमारे बच्चों को धमका रही है. पुलिसवालों ने बच्चों को धमकाते हुए कहा कि मम्मी को दिखाओ. पुलिस को यह अधिकार किसने दिया? पुलिसवाले हमें जयपुर आकर धमका रहे हैं. हमारा यहां सदन में रहना जरूरी है या पुलिस के सामने पूछताछ के लिए जाना जरूरी है? एफआईआर दर्ज होना आरोप सिद्ध होना नहीं होता. हमें किस आधार पर आरोपी लिखा जा रहा है? हमारी बेइज्जती करने और धमकाने के लिए पुलिस इस तरह कर रही है.' रालोपा विधायक नारायण बेनीवाल ने भी कहा कि विधायकों को धमकाया जा रहा है.



स्पीकर बोले- यह सदन के निर्देशों का उल्लंघन
मंत्री डॉ. बीडी कल्ला और रमेश मीणा ने विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव को नियमानुसार पेश न करने की बात कहते हुए इसे गलत करार दिया. लेकिन, विधानसभा अध्यक्ष ने सरकार का जवाब आने के बाद कार्यवाही करने का आश्वासन दिया. जोशी ने कहा कि विधायकों को चलती विधानसभा में पूछताछ के लिए बुलाना सदन के निर्देशों का साफ उल्लंघन है. अब अध्यक्ष इस मामले को विधानसभा की विशेषाधिकार समिति को सौंप सकते हैं.

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