राजस्थान उपचुनाव 2021: नामांकन के अंतिम दिन कांग्रेस-बीजेपी के प्रत्याशियों ने भरा पर्चा, की चुनावी रैलियां

अशोक गहलोत और सचिन पायलट आपसी मतभेद भुलाकर कांग्रेस की चुनावी रैलियों में मंच पर एक साथ नजर आए

अशोक गहलोत और सचिन पायलट आपसी मतभेद भुलाकर कांग्रेस की चुनावी रैलियों में मंच पर एक साथ नजर आए

कांग्रेस हाईकमान के दखल के बाद तीन विधानसभा सीटों के उपचुनाव में जीत के लिए अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) और सचिन पायलट (Sachin Pilot) एक मंच पर आए. इन दोनों दिग्गज नेताओं के बीच मनमुटाव न दिखे इसलिए प्रभारी अजय माकन रैलियों के मंच पर हर वक्त साथ रहे

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 30, 2021, 4:53 PM IST
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जयपुर. राजस्थान की तीन विधानसभा सीटों के लिए होने वाले उपचुनाव (Rajasthan Assembly Byelection) के लिए मंगलवार को नामांकन दाखिल (Nomination) किया गया. नामांकन रैलियों में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) और सचिन पायलट (Sachin Pilot) ने एक साथ हेलिकॉप्टर में यात्रा कर एक मंच से एकता का संदेश दिया. वहीं बीजेपी की नामांकन रैलियों में फूट साफ नजर आई. वसुंधरा राजे (Vasundhara Raje) पूरे परिदृश्य से गायब रहीं. लेकिन केंद्रीय मंत्री गजेंद्र शेखावत राजे विरोधी गुट के नेताओं के साथ मौजूद दिखे.

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत अपने धुर विरोधी सचिन पायलट के साथ जयपुर से चौपर में सुजानगढ़ पहुंचे. यहां कांग्रेस प्रत्याशी मनोज मेघवाल मेघवाल की नामांकन रैली के बाद इन दोनों दिग्गज नेताओं ने एक मंच से जनता को संबोधित किया. इस दौरान मंच पर कांग्रेस के राज्य प्रभारी अजय माकन और पीसीसी चीफ गोविंद डोटासरा भी मौजूद थे. पायलट समर्थक पिछले एक महीने से लगातार गहलोत पर हमला बोल रहे थे. दोनों गुट के बीच कड़वाहट इतनी बढ़ गई थी कि गहलोत-पायलट काफी वक्त से एक दूसरे के साथ नहीं दिखे. लेकिन पार्टी हाईकमान के दखल के बाद तीन विधानसभा सीटों के उपचुनाव में जीत के लिए दोनों नेता एक मंच पर आए. दोनों के बीच मनमुटाव न दिखे इसलिए प्रभारी अजय माकन हर वक्त साथ रहे.

बीजेपी की नामांकन रैलियों में नजर आई गुटबाजी 

वहीं, राजसमंद में बीजेपी की प्रत्याशी दीप्ति माहेश्वरी ने नांमाकन रैली की. रैली के मंच पर केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, विधानसभा में नेता विपक्ष गुलाब चंद कटारिया, बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया मौजूद रहे. लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे नदारद रहीं. राजे न सुजानगढ़ में थी, न राजसमंद और न ही सहाड़ा में बीजेपी की नामांकन रैली में मौजूद रहीं. लेकिन राजे विरोधी बीजेपी के अधिकतर नेता पार्टी के प्रत्याशियों की नामांकन रैलियों में मौजूद थे.
राजस्थान में 17 अप्रेल को राजसमंद, सहाड़ा और सुजानगढ़ विधानसभा सीट पर उपचुनाव होना है. मंगलवार को नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख थी. कांग्रेस और बीजेपी दोनों के प्रत्याशियों ने अंतिम दिन नामांकन रैलियां कर अपना पर्चा भरा.

वसुंधरारा राजे और राजे विरोधी नेताओं में तब ठन गई थी जब बीते आठ मार्च को उन्होंने अपने जन्मदिन पर देव दर्शन यात्रा से शक्ति प्रदर्शन किया था. बीजेपी के करीब 33 विधायक वसुंधरा राजे के शक्ति प्रदर्शन में पहुंचे थे. लेकिन उपचुनाव में राजे को अलग-थलग करने से साफ है कि उपचुनाव में पार्टी की गुटबाजी का असर पड़ सकता है. दूसरी तरफ, कांग्रेस ने गहलोत और पायलट को फिलहाल एक साथ कर गुटबाजी से होने वाले नुकसान को कम कर लिया है.
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