गहलोत सरकार आवासीय विद्यालय-हॉस्टल में नेतृत्व क्षमता का करेगी विकास

आवासीय विद्यालय छात्रावासों में नेतृत्व क्षमता एवं सहभागी कार्य पद्धति विकसित करने के उद्देश्य से प्रबंधन परिषद का गठन किया गया है (फाइल फोटो)
आवासीय विद्यालय छात्रावासों में नेतृत्व क्षमता एवं सहभागी कार्य पद्धति विकसित करने के उद्देश्य से प्रबंधन परिषद का गठन किया गया है (फाइल फोटो)

विद्यालय प्रबंधन परिषद में स्कूल गार्जियन के रूप में मनोनीत जिला प्रशासन के अधिकारी को संरक्षक, स्थानीय सरपंच, नगरीय निकाय सदस्य को उपसंरक्षक, संस्था प्रधान को संयोजक, संस्था प्रधान द्वारा मनोनीत अभिभावक प्रतिनिधि को उपसंयोजक, संस्था प्रधान द्वारा मनोनीत शिक्षक प्रतिनिधि को उपसंयोजक एवं पुस्तकालयाध्यक्ष सदस्य, शारीरिक शिक्षक, कोच सदस्य और हॉस्टल वार्डन को सदस्य बनाया गया है

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 23, 2020, 4:46 PM IST
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जयपुर. अशोक गहलोत सरकार (Ashok Gehlot Government) ने राजस्थान (Rajasthan) में जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग द्वारा संचालित आवासीय विद्यालय छात्रावासों में नेतृत्व क्षमता एवं सहभागी कार्य पद्धति विकसित करने के उद्देश्य से प्रबंधन परिषद का गठन किया है. जनजाति क्षेत्रीय विकास राज्यमंत्री अर्जुन सिंह बामनिया ने बताया कि जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग द्वारा संचालित आवासीय विद्यालयों और छात्रावासों में शिक्षकों, विद्यार्थियों और अभिभावकों की सहभागिता सुनिश्चित करने, विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, शैक्षणिक, सांस्कृतिक एवं खेलकूद संबंधी गतिविधियों के नियमित आयोजन, संस्थान परिसर में प्रकृति और पर्यावरण के संरक्षण एवं विकास तथा विद्यार्थियों में समूह भावना, नेतृत्व क्षमता एवं सहभागी कार्य पद्धति विकसित करने के उद्देश्य से विद्यालय प्रबंधन परिषद एवं छात्रावास प्रबंधन परिषद का गठन किया गया है.

जिला प्रशासन का अधिकारी संरक्षक होगा
विद्यालय प्रबंधन परिषद में स्कूल गार्जियन के रूप में मनोनीत जिला प्रशासन के अधिकारी को संरक्षक, स्थानीय सरपंच, नगरीय निकाय सदस्य को उपसंरक्षक, संस्था प्रधान को संयोजक, संस्था प्रधान द्वारा मनोनीत अभिभावक प्रतिनिधि को उपसंयोजक, संस्था प्रधान द्वारा मनोनीत शिक्षक प्रतिनिधि को उपसंयोजक एवं पुस्तकालयाध्यक्ष सदस्य, शारीरिक शिक्षक, कोच सदस्य और हॉस्टल वार्डन को सदस्य बनाया गया है. संस्था प्रधान द्वारा मनोनीत छात्र, छात्रा पदाधिकारी को साहित्यिक सचिव, उप साहित्यिक सचिव, सांस्कृतिक सचिव, उप सांस्कृतिक सचिव, क्रीड़ा सचिव, उप क्रीड़ा सचिव, परिसर सचिव, उप परिसर सचिव, भोजनालय सचिव और उप भोजनालय सचिव बनाया गया है.

सामूहिक जिम्मेदारी होगी
जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजेश्वर सिंह ने बताया कि परिषद के पदाधिकारियों की जिम्मेदारी सामूहिक होगी. साहित्यिक सचिव, कविता, कहानी, निबंध, आशुभाषण, वाद-विवाद प्रतियोगिता, सांस्कृतिक सचिव, गीत, नृत्य, नाटक, चित्रकला प्रतियोगिता, क्रीड़ा सचिव, खेलकूद संबंधी आयोजन, परिसर सचिव, स्वच्छता अभियान, वृक्षारोपण और सुपोषण वाटिका तथा भोजनालय सचिव, भोजन एवं आवासीय सुविधा की गुणवत्ता सुनिश्चित करने हेतु परिषद को सहयोग प्रदान करेंगे. प्रत्येक सचिव स्वयं को आवंटित कार्य हेतु जिम्मेदार होंगे.
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