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जयपुर: DGP का कार्यकाल बढ़ाने पर सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार से मांगा जवाब

Prem Meena | News18 Rajasthan
Updated: January 14, 2020, 11:34 AM IST
जयपुर: DGP का कार्यकाल बढ़ाने पर सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार से मांगा जवाब
सोमवार को सुनवाई के दौरान डीजीपी भूपेंद्र सिंह यादव और मुख्य सचिव डीबी गुप्ता सुप्रीम कोर्ट में पेश हुए थे.

राज्य के पुलिस महानिदेशक (Director General of police) के पद पर भूपेंद्र सिंह यादव (Bhupendra Singh Yadav) की नियुक्ति और सेवाकाल बढ़ाने के मामले पर सुनवाई 2 हफ्ते के लिए टल गई है. सुप्रीम कोर्ट (Supreme court) ने इस मामले में मुख्य सचिव (Chief Secretary) को 2 हफ्ते में जवाब देने का निर्देश दिया है.

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जयपुर. राज्य के पुलिस महानिदेशक (Director General of police) के पद पर भूपेंद्र सिंह यादव (Bhupendra Singh Yadav) की नियुक्ति और सेवाकाल बढ़ाने के मामले पर सुनवाई 2 हफ्ते के लिए टल गई है. सुप्रीम कोर्ट (Supreme court) के मुख्य न्यायाधीश एस ए बोबड़े (Chief Justice SA Bobde) की अध्यक्षता वाली पीठ ने इस मामले में मुख्य सचिव (Chief Secretary) को 2 हफ्ते में जवाब देने का निर्देश दिया है. राज्य सरकार (State government) की ओर से सीनियर एडवोकेट अभिषेक मनु सिंघवी (Abhishek Manu Singhvi) ने जवाब के लिए एक महीने का समय देने और दोनों अफसरों को अदालत में व्यक्तिगत हाजिरी से छूट देने का आग्रह किया है.

डीजीपी और मुख्य सचिव को व्यक्तिगत पेशी की छूट
सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान डीजीपी भूपेंद्र यादव और मुख्य सचिव डीबी गुप्ता कोर्ट में पेश हुए थे. दोनों ने कोर्ट से व्यक्तिगत पेशी से छूट की मांग की. उसके बाद कोर्ट ने दोनों को व्यक्तिगत पेशी से छूट दे दी. सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने जवाब दाखिल करने के लिए समय की मांग की. कोर्ट ने डीजीपी और मुख्य सचिव को अवमानना नोटिस जारी किया था. अवमानना याचिका नागरिक सरंक्षण समिति की ओर से कौस्तुभ दाधीच ने दायर की है. याचिका में कहा गया कि भूपेंद्र यादव का डीजीपी पद पर कार्यकाल 31 दिसंबर को खत्म होने जा रहा था. इसके बावजूद राज्य सरकार ने 28 अगस्त, 2019 को ही उनका कार्यकाल 2 साल के लिए बढ़ा दिया.

याचिका में ये तर्क दिए गए है

सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में कहा गया है कि डीजीपी पद पर यादव की नियुक्ति में प्रकाश सिंह बनाम केंद्र मामले में सुप्रीम कोर्ट के दिए गए निर्देश और संविधान के प्रावधानों सहित पुलिस एक्ट का उल्लंघन हुआ है.
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार डीजीपी पद पर नियुक्ति से 3 महीने पहले तीन योग्य वरिष्ठ दावेदार अभ्यर्थियों का पैनल स्टेट सिक्योरिटी कमिशन या यूपीएससी को भेजना जरूरी है. लेकिन सरकार ने नियुक्ति के बाद यह पैनल भेजा था.

याचिका में कहा कि शर्तों का उल्लंघन हुआ है 

नियमानुसार जिनका नाम पैनल में भेजा जा रहा है उनका सेवाकाल पैनल में नाम भेजने की तारीख से कम से कम 6 महीने होना चाहिए. डीजीपी यादव की नियुक्ति में इस शर्त का भी उल्लंघन हुआ है. क्योंकि उनका कार्यकाल 31 दिसंबर को खत्म हो रहा था. राज्य सरकार ने 28 अगस्त, 2019 को डीजीपी का कार्यकाल 2 साल के लिए बढ़ा दिया था जो कानूनी तौर पर गलत था.

 

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First published: January 14, 2020, 11:07 AM IST
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