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जयपुर: राज्य सरकार ने CEC के समक्ष स्वीकारा, राजस्थान में 'नासूर' बन चुका है अवैध बजरी खनन

जयपुर: राज्य सरकार ने CEC के समक्ष स्वीकारा, राजस्थान में 'नासूर' बन चुका है अवैध बजरी खनन

अब सेंट्रल एम्पावर्ड कमेटी कभी भी राजस्थान का दौरा कर अवैध बजरी के मामले को खुद देख सकती है.

अब सेंट्रल एम्पावर्ड कमेटी कभी भी राजस्थान का दौरा कर अवैध बजरी के मामले को खुद देख सकती है.

राजस्थान में अवैध बजरी खनन (Illegal gravel mining) पर सुप्रीम कोर्ट की सेंट्रल एम्पावर्ड कमेटी (Central Empowered Committee) की पहली बैठक गुरुवार को राजधानी दिल्ली (Delhi) में चाणक्य भवन में हुई.

जयपुर. राजस्थान में अवैध बजरी खनन (Illegal gravel mining) पर सुप्रीम कोर्ट की सेंट्रल एम्पावर्ड कमेटी (Central Empowered Committee)  की पहली बैठक गुरुवार को राजधानी दिल्ली (Delhi) में चाणक्य भवन में हुई. बैठक में राजस्थान सरकार की ओर से खान विभाग के प्रिंसिपल सेक्रेट्री कुंजीलाल मीणा और खान विभाग के निदेशक गौरव गोयल ने स्वीकार (Accept) किया कि प्रदेश में यह समस्या नासूर (Canker) बन चुकी है. बैठक में याचिकाकर्ता नवीन शर्मा भी शामिल हुए.

सुप्रीम कोर्ट और सीईसी जो भी निर्देश देगी उसे तत्काल लागू किया जाएगा
बैठक में सभी पक्षों से जानकारी लेने के बाद अब सेंट्रल एम्पावर्ड कमेटी कभी भी राजस्थान का दौरा कर अवैध बजरी के मामले को खुद देख सकती है. प्रदेश सरकार की ओर से कहा गया कि अवैध खनन को रोकने के तमाम प्रयास किए जा रहे हैं. मांग और पूर्ति को मैनेज करने के लिए पर्यावरण अनुकूल लीगल माइनिंग शुरू हो इसके लिए भी सरकार लगातार कोशिश कर रही है. इसके लिए सुप्रीम कोर्ट और सीईसी जो भी निर्देश देगी उसे तत्काल लागू किया जाएगा.

लीगल कार्य करने वाले बुरे दौर से गुजर रहे हैं
माइनिंग विभाग के प्रिंसिपल सेक्रेट्री कुंजीलाल मीणा ने कहा कि सीईसी ने बैठक में सभी हितधारकों का पक्ष भी समझा है. उम्मीद है सीईसी इसके बाद इस संबंध में उचित निर्णय करेगी. वहीं मुख्य याचिकाकर्ता नवीन शर्मा ने सीईसी के समक्ष लीगल बजरी खनन करने वाले हितधारकों और ट्रक संचालकों का पक्ष रखा. उन्होंने कहा कि प्रदेश में इस समय लीगल कार्य करने वाले बुरे दौर से गुजर रहे हैं. आज प्रदेश सरकार ने सीईसी के समक्ष अवैध ख़नन की समस्या को स्वीकार किया है.

बजरी पर पूरे प्रदेश में युद्ध चल रहा है
सीईसी के समक्ष याचिकाकर्ता आनंद सिंह ने कहा कि नदियों का संरक्षण करना आवश्यक है. अवैध खनन से सबसे ज्यादा नुकसान पर्यावरण को हो रहा है. बजरी पर पूरे प्रदेश में युद्ध चल रहा है. बड़े स्तर पर अवैध बजरी माफिया हावी हो गए हैं. उन्हें रोका जाए.



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Tags: Jaipur news, Rajasthan news

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