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Jaipur: लॉकडाउन में छूट से राज्य की गहलोत सरकार भरेगी अपना खजाना ! परिणाम आने लगे सामने

Jaipur: लॉकडाउन में छूट से राज्य की गहलोत सरकार भरेगी अपना खजाना ! परिणाम आने लगे सामने

राज्य सरकार ने खाली चल रहे सरकारी खजाने को भरने की कवायद तो लॉकडाउन-2.0 के दौरान कर दी थी.

राज्य सरकार ने खाली चल रहे सरकारी खजाने को भरने की कवायद तो लॉकडाउन-2.0 के दौरान कर दी थी.

प्रदेश की अशोक गहलोत सरकार (Ashok Gehlot Government) लॉकडाउन-3.0 के तहत केंद्र सरकार की ओर से बढ़ाए गए छूट के दायरे को अवसर में बदलने की रणनीति पर तेजी से काम कर रही है.

जयपुर. प्रदेश की अशोक गहलोत सरकार (Ashok Gehlot Government) लॉकडाउन-3.0 के तहत केंद्र सरकार की ओर से बढ़ाए गए छूट के दायरे को अवसर में बदलने की रणनीति पर तेजी से काम कर रही है. कोरोना लॉकडाउन (Lockdown) ने राज्य सरकार की अर्थव्यवस्था को जबरदस्त झटका दिया है. लॉकडाउन के चलते अप्रैल में सरकार की आय में 70% की गिरावट आई है. कोरोना संकट के कारण खाली पड़े सरकारी खजाने को भरने के लिए राज्य सरकार ने वित्तीय स्रोत (Financial sources) तलाशने तेज कर दिए हैं.

शराब बिक्री के पहले दिन ही 60 करोड़ का राजस्व संग्रह हुआ
राज्य सरकार ने खाली चल रहे सरकारी खजाने को भरने की कवायद तो लॉकडाउन-2.0 के दौरान कर दी थी. लॉकडाउन-2.0 के दौरान सरकार ने शराब पर लगने वाले अतिरिक्त आबकारी शुल्क में बढ़ोतरी, पेट्रोल-डीजल की वैट दरों में बढ़ोतरी और कर्मचारियों के जीपीएफ तथा सीपीएफ की जमाओं पर ब्याज ब्याज दरों में कटौती जैसे नीतिगत अहम निर्णय लिए थे. राज्य सरकार ने जो निर्णय लिए थे उनके परिणाम लॉकडाउन-3.0 में मिलने शुरू हो गए हैं. शराब बिक्री के पहले दिन ही सरकार को 60 करोड़ का राजस्व संग्रह हुआ. वित्त विभाग के अधिकारियों ने मई महीने में शराब से 1000 करोड़ का राजस्व जुटाने का लक्ष्य रखा है.

शराब की दुकानें खोलने के पीछे सरकार का गणित
लॉकडाउन में शराब की सशर्त दुकानें खोलने की अनुमति देने के पीछे मनसा राजस्व वसूली और बजट अनुमानों के आंकड़ों को काबू करने की है. मौजूदा वित्तीय वर्ष के अकेले अप्रैल में ही राज्य सरकार के खजाने को एक हजार करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है. राज्य सरकार ने 2020-21 के बजट में राज्य आबकारी पेटे से 12500 करोड़ रुपए का अग्रिम अनुमान जताया है. इसके मुताबिक सरकार का लक्ष्य हर माह करीब 1000 करोड़ से अधिक का राजस्व जुटाना है.

सरकार का आरोप केंद्र की कंजूसी ने बिगाड़े हालात
राज्य सरकार का कहना है कि उसे विरासत में ही खजाना खाली मिला था. सरकार का आरोप है कि पिछली वसुंधरा सरकार ने चुनावी लाभ के लिए कार्यकाल के अंतिम समय में लोक लुभावनी घोषणाएं की. वसुंधरा सरकार के वित्तीय कुप्रबंधन से राज्य की वित्तीय स्थिति चरमरा गई. राज्य की माली हालत के पीछे कोरोना संकट के अलावा और भी कई कारण मौजूद हैं. सरकार का आरोप है कि राजस्थान के हिस्से का जीएसटी में करीब 4 हजार और सीएसटी में करीब 4478 करोड़ रुपए केन्द्र द्वारा रोक लिए गए हैं. पेट्रोल-डीजल पर वैट में दो बार बढ़ोतरी के बावजूद भी कमाई नहीं हुई, क्योंकि लॉकडाउन के चलते ट्रांसपोर्ट कारोबार ठप है. कोरोना के चलते मार्च के अंतिम सप्ताह में प्रदेश को 3500 करोड़ रुपए के राजस्व का नुकसान हुआ है. किसान कर्ज माफी से सरकार पर 2232.82 करोड़ का वित्तीय भार आया है.

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Tags: Jaipur news, Lockdown, Rajasthan news

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