जयपुर: टिटहरी ने 5 अंडे देकर फिर दिए अच्छे मानसून के संकेत ! क्या है मान्यता यहां पढ़ें
Jaipur News in Hindi

जयपुर: टिटहरी ने 5 अंडे देकर फिर दिए अच्छे मानसून के संकेत ! क्या है मान्यता यहां पढ़ें
हालांकि इसके पीछे कोई वैज्ञानिक तथ्य नहीं है, लेकिन बरसों के अनुभवों के आधार पर परंपरगत रूप से ग्रामीण लोग टिटहरी के अंडों से मौसम की भविष्यवाणी करते आ रहे हैं.

राजस्थान (Rajasthan) के ग्रामीण अंचल में आमजन और किसान मौसम वैज्ञानिकों की मानसून संबंधी सूचना के साथ-साथ ज्योतिषिय वायु परीक्षण, रोहणी नक्षत्र में नौतपा के तपने और टिटहरी पक्षी के अंडों को भी अच्छी या कमजोर बरसात का संकेत (Sign) मानते हैं.

  • Share this:
जयपुर. इन दिनों राजस्थान (Rajasthan) सहित पूरे उत्तर भारत में गर्मी का दौर शुरू हो गया है. कोरोना प्रकोप और लॉकडाउन (Lockdown) के बीच किसान रबी फसलों को निकालने में जुटे हुए हैं. दुनिया के ज्यादातर देशों व भारत में लंबे लॉकडाउन के चलते आबोहवा में भी सुधार हुआ है. लोग शीघ्र इस महामारी से उबरने व इस साल भी अच्छी बरसात (Good rain) की उम्मीद लगाए बैठे हैं. ग्रामीण अंचल में आमजन और किसान मौसम वैज्ञानिकों की मानसून संबंधी सूचना के साथ-साथ ज्योतिषिय वायु परीक्षण, रोहणी नक्षत्र में नौतपा के तपने और टिटहरी पक्षी के अंडों को भी अच्छी या कमजोर बरसात का संकेत मानते हैं.

टिटहरी के अंडों से भी बरसात का अनुमान लगाते हैं
बूंदी के वन्यजीव विशेषज्ञ पृथ्वी सिंह राजावत ने बताया कि बूंदी जिले के गुढ़ानाथावतान कस्बे के खेतों में लगातार दूसरे साल टिटहरी ने 5 अंडे दिए हैं. गत वर्ष भी जिले में टिटहरी ने 5 अंडे दिए थे और कई दशकों बाद मानसून ने भरपूर मेहरबान होकर पूरे देश को तरबतर कर दिया था. मानसून से पूर्व मौसम विभाग हर साल मानसून की भविष्यवाणी करता है. लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में किसान और ग्रामीण प्राकृतिक संकेतों के साथ-साथ टिटहरी के अंडों से भी बरसात का अनुमान लगाते हैं. इस बार भी टिटहरी के 5 अंडे देने के बाद किसानों का अनुमान है कि भरपूर बरसात होगी.

जितने अंडे उतने महीने बारिश का होता है अनुमान
पृथ्वी सिंह राजावत ने बताया कि आमधारणा है कि प्रकृति और कुछ जीव-जंतु भविष्य की किसी प्राकृतिक घटना का पहले से संकेत देते हैं. टिटहरी के अंडों की संख्या से बरसात का अनुमान भी ऐसी ही एक लोक मान्यता कही जा सकती है. ग्रामीण और किसान मानते हैं कि टिटहरी जितने अंडे देती है उतने महीने तक बारिश होती है. हालांकि इसके पीछे कोई वैज्ञानिक तथ्य नहीं है, लेकिन बरसों के अनुभवों के आधार पर परंपरगत रूप से ग्रामीण लोग टिटहरी के अंडों से मौसम की भविष्यवाणी करते आ रहे हैं.



कभी पेड़ पर नहीं बैठती है टिटहरी
टिटहरी एक ऐसा पक्षी है जो कभी पेड़ पर नहीं बैठता और अपनी पूरी जिंदगी जमीन पर ही गुजार देता है. टिटहरी गर्मी के दिनों में मानसून के आने से पहल खुले मैदान या खेत में अंडे देती है. टिटहरी रात के समय जंगल या खेत में किसी जानवर की आहट पर तेज आवाज कर सभी को सचेत कर चौकीदार की भी भूमिका निभाती है. समान्य तौर पर टिटहरी 3 या 4 अंडे देती है. लेकिन कभी-कभी इसे 5 या 6 अंडे भी देते देखा गया है. तेज घूप में नर व मादा बारी-बारी से अंडों की धूप व जानवरों से सुरक्षा करते हैं.

मॉडिफाइड लॉकडाउन गाइडलाइन, सचिवालय में आम जनता के प्रवेश पर रहेगा प्रतिबंध

Lockdown: SDM की पत्नी रोज अलसुबह उठकर बनाती हैं 100 मजदूरों के लिए खाना
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज

corona virus btn
corona virus btn
Loading