पूर्व मंत्री विश्वेंद्र सिंह, रमेश मीणा ने अब तक खाली नहीं किया सरकारी बंगला, प्रतिदिन देंगे इतना जुर्माना!
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पूर्व मंत्री विश्वेंद्र सिंह, रमेश मीणा ने अब तक खाली नहीं किया सरकारी बंगला, प्रतिदिन देंगे इतना जुर्माना!
बीते जुलाई महीने में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सचिन पायलट गुट के दो मंत्रियों को अपने मंत्रिमंडल से बर्खास्त कर दिया था (फाइल फोटो)

जुलाई महीने में मंत्री पद से बर्खास्त किए जाने के बाद भी विश्वेंद्र सिंह और रमेश मीणा ने मंत्री की हैसियत से आवंटित टाइप वन श्रेणी का सरकारी बंगला (Government Bunglow) खाली नहीं किया है. साथ ही गहलोत सरकार द्वारा इनकी सुरक्षा में भी अब तक किसी प्रकार की कटौती नहीं की गई है

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  • Last Updated: September 12, 2020, 10:01 PM IST
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जयपुर. राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot Government) का पायलट खेमे (Pilot Camp) के साथ रहे पूर्व मंत्रियों विश्वेंद्र सिंह और रमेश मीणा के प्रति मेहरबानी दिखाना नियम-कायदों पर भारी पड़ रही है. जुलाई महीने में मंत्री पद से बर्खास्त किए जाने के बाद भी विश्वेंद्र सिंह और रमेश मीणा ने मंत्री की हैसियत से आवंटित टाइप वन श्रेणी का सरकारी बंगला (Government Bunglow) खाली नहीं किया है. साथ ही राज्य सरकार द्वारा इनकी सुरक्षा में भी अब तक किसी प्रकार की कटौती नहीं की गई है. हालांकि सचिन पायलट को इस नियम से छूट है, पूर्व केंद्रीय मंत्री होने के नाते वो आवंटित अपने आवास पर रह सकते हैं.

दरअसल प्रदेश में मंत्रियों को टाइप वन श्रेणी के सरकारी बंगले आवंटित किए जाते हैं. लेकिन विधायक टाइप वन श्रेणी के बंगले की जद (सीमा) नहीं आते हैं. सामान्य प्रशासन विभाग के नियमों के अनुसार यदि विधायक टाइप वन श्रेणी का बंगला खाली नहीं करते हैं तो उन्हें प्रतिदिन 10 हजार रुपए की पेनल्टी (फाइन) देनी होगी. बता दें कि सीएम गहलोत ने बीते 14 जुलाई को सचिन पायलट समेत विश्वेंद्र सिंह और रमेश मीणा को मंत्री पद से बर्खास्त कर दिया था.

GAD ने विश्वेंद्र सिंह- रमेश मीणा को नहीं दिया नोटिस



सामान्य प्रशासन विभाग ने मंत्री की हैसियत से आवंटित बंगले को खाली करने के लिए दोनों पूर्व मंत्रियों (विश्वेंद्र सिंह और रमेश मीणा) को अभी नोटिस भी नहीं थमाया है. जबकि इन दोनों को पद से हटा दो महीने पूरे होने वाले है. नियमों के अनुसार मंत्री पद जाने के दो महीने के भीतर मंत्री की हैसियत से आवंटित  सरकारी आवास खाली करना होता है. हाईकोर्ट के आदेशों के अनुसार किसी भी पूर्व मंत्री, पूर्व मुख्यमंत्री को पद से हटने के बाद दो महीने के अंदर बतौर पद मिलने वाली सुविधाओं को वापस ले लिया जाता है.
चंद दिन में विश्वेंद्र सिंह और रमेश मीणा को मंत्री पद से हटे दो महीने पूरे हो जाएंगे. मगर जीएडी अधिकारियों को निर्देशों का इंतजार है. सामान्य प्रशासन विभाग के अधिकारी ऊपर से दिशा-निर्देश नहीं मिलने के कारण दोनों पूर्व मंत्रियों को नोटिस जारी नहीं कर पा रहे हैं. अधिकारियों का कहना है कि सीएमओ स्तर से निर्णय होने के बाद ही आवास खाली करवाने के लिए नोटिस दिए जाएंगे. नियमों के अनुसार मंत्री स्तर के आवंटित आवास मंत्री पद जाने के बाद खाली करने होते हैं. ऐसा नहीं करने पर प्रतिदिन 10 हजार जुर्माने देने का प्रावधान है.

बता दें कि इससे पहले बीजेपी सांसद किरोड़ी लाल मीणा ने भी अपना सरकारी आवास आवंटित खाली कर दिया था.
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