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वल्लभनगर विधानसभा सीट उपचुनाव में कांग्रेस का कैंडिडेट कौन, टिकट के लिए पार्टी में घमासान

वल्लभनगर विधानसभा सीट से कांग्रेस का टिकट हासिल करने के लिए तमाम दावेदार मुख्यमंत्री के पास लगातार लॉबिंग कर रहे हैं

वल्लभनगर विधानसभा सीट से कांग्रेस का टिकट हासिल करने के लिए तमाम दावेदार मुख्यमंत्री के पास लगातार लॉबिंग कर रहे हैं

विधायक गजेन्द्र सिंह शक्तावत (Gajendra Singh Shaktawat) के निधन से खाली हुई वल्लभनगर विधानसभा सीट (Vallabhnagar Assembly Seat) पर टिकट हासिल करने के लिए कांग्रेस (Congress) में घमासान मचा हुआ है. इस सीट से अब तक उनकी पत्नी समेत पार्टी के टिकट के लिए सात दावेदार सामने आ चुके हैं

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जयपुर. राजस्थान में चार विधानसभा सीटों पर उपचुनाव (Rajasthan Assembly Byelection) की कभी भी घोषणा हो सकती है. इसे लेकर दावेदारों के बीच टिकट की दौड़ बड़े स्तर पर देखने को मिल रही है. विधायक गजेन्द्र सिंह शक्तावत (Gajendra Singh Shaktawat) के निधन से खाली हुई वल्लभनगर विधानसभा सीट (Vallabhnagar Assembly Seat) पर टिकट हासिल करने के लिए कांग्रेस (Congress) में घमासान मचा हुआ है. इस सीट से अब तक पार्टी के टिकट के लिए सात दावेदार सामने आ चुके हैं. खास बात है कि दिवंगत गजेन्द्र सिंह शक्तावत के परिवार और रिश्तेदारों में ही टिकट के लिए पाले खिंचे हुए हैं. चार अलग-अलग लोग उनकी विरासत के लिए दावा कर रहे हैं.

गजेन्द्र सिंह की पत्नी प्रीति शक्तावत टिकट की दावेदारी कर रही हैं. वहीं गजेन्द्र सिंह के बड़े भाई देवेन्द्र सिंह शक्तावत भी टिकट के दावेदार हं. इसके अलावा गजेन्द्र सिंह के भांजे राजसिंह झाला भी टिकट हासिल करने की रेस में दौड़ रहे हैं. रिश्ते में गजेन्द्र सिंह के भाई कुबेर सिंह चावड़ा को भी टिकट चाहिए. उद्योगपति भीमसिंह चूंडावत के अलावा पूर्व सरपंच हुंकारलाल मेनारिया भी टिकट के दावेदार हैं. जबकि पूर्व उप-प्रधान उदयलाल डांगी भी टिकट पाने के लिए तिकड़म लगा रहे हैं. इसके लिए वो मुख्यमंत्री से मिलने वाले प्रतिनिधिमंडल में रोज शामिल हो रहे हैं.

टिकट की दौड़ में शामिल दावेदार पिछले पांच-छह दिन से प्रतिनिधिमंडल लेकर सीएम अशोक गहलोत से मुलाकात कर रहे हैं और अपना-अपना दावा सबसे मजबूत बताते हैं. सात में से पांच दावेदार अपने समर्थकों के साथ अब तक मुख्यमंत्री से मुलाकात कर टिकट की मांग रख चुके हैं. शनिवार को प्रीति शक्तावत के समर्थक सीएम से मिले तो दो दिन पहले भीमसिंह चूंडावत के समर्थकों का प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री से मिला था. जबकि तीन दिन पहले देवेन्द्र सिंह शक्तावत और राजसिंह झाला का संयुक्त प्रतिनिधिमंडल सीएम से मिला था. वहीं पांच दिन पहले हुंकारलाल मेनारिया के समर्थक भी सीएम से मिले थे. यह सभी दावेदार अपने लिए टिकट मांगने के साथ ही दूसरों की टिकट कटवाने की होड़ में भी लगे हैं.



उदयपुर जिले के प्रभारी मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास का कहना है कि लड़ाई केवल टिकट मिलने तक की है, और जिसे भी टिकट मिलेगा बाद में सब उसके साथ खड़े होंगे. खाचरियावास के मुताबिक महंगाई जैसे मसलों को लेकर केन्द्र सरकार के खिलाफ लोगों में काफी आक्रोश है. कांग्रेस हर हाल में चुनाव जीतेगी इसीलिए हमारी पार्टी में टिकट के दावेदार ज्यादा हैं.
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