समाधि सत्याग्रह: दूसरे दिन भी जमीन में गड़े हुए हैं किसान

भूमि अवाप्ति के विरोध में जमीन समाधि सत्याग्रह मंगलवार को दूसरे दिन भी जारी है.
भूमि अवाप्ति के विरोध में जमीन समाधि सत्याग्रह मंगलवार को दूसरे दिन भी जारी है.

भूमि अवाप्ति के विरोध में जमीन समाधि सत्याग्रह मंगलवार को दूसरे दिन भी जारी है.

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जयपुर के नींदड़ गांव के किसानों का भूमि अधिग्रहण के विरोध में जमीन समाधि सत्याग्रह मंगलवार को दूसरे दिन भी जारी है.

गांव के किसाना और काश्तकार जमनी में गड्‌ढ़ा खोदकर बैठे हुए हैं और मंगलवार को महिलाएं भी इस सत्याग्रह में शामिल हो गई हैं. महिलाएं भी जमनी खोदकर उसमें बैठी हुई हैं. प्रदर्शनकारी किसानों के अनुसार जब तक सरकार उनकी मांगे नहीं मानती उनका सत्याग्रह जारी रहेगा.

आंदोलन की अगुवाई करने वाले संघर्ष समिति के संयोजक नगेन्द्र सिंह ने बताया कि सरकार और जेडीए ने उनकी रोजी-रोटी का एकमात्र जरिया छीनने की ठान ली है. सरकार के मंत्री से लेकर मुख्यमंत्री तक गुहार लागने के बाद भी बात नहीं सुनी गई तो खुद को (गर्दन तक) जमीन के भीतर गाड़ने की नौबत आई है.



हम सरकार से वार्ता को तैयार हैं. लेकिन पिछले 15 दिन से सरकार की ओर से कोई सुध नहीं ली गई है. जमीन समाधि सत्याग्रह के बाद भी किसी ने नहीं पूछा है.
नगेंद्र सिंह, संयोजक, संघर्ष समिति

 7 सालों से जमीन को खोने का डर 

पिछले 7 सालों से आवासीय योजना के चलते अपनी जमीनों को खोने के डर के बीच जी रहे किसानों के इस आंदोलन की शुरुआत सोमवार सुबह हुई. ऐसे 22 किसान-काश्तकार ने एक साथ जमीन में खोदे गड्ढों में बैठे गए. दिनभर किसी ने कुछ नहीं खाया.


मांगे पूरी नहीं हुई तो सत्याग्रह रहेगा जारी

संघर्ष समिति की माने तो आवासीय योजना के लिए भू-अवाप्ति को लेकर जेडीए और सरकार कोई निपटारा नहीं करती है तो यह सत्याग्रह यूं ही जारी रहेगा. बता दें कि सीकर रोड पर स्थित नींदड़ गांव में जयपुर विकास प्राधिकरण की ओर से 1350 बीघा भूमि पर आवासीय योजना लेकर आ रहा है.
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