Jallianwala Bagh Day: सीएम गहलोत का युवाओं को 'मंत्र', अब अंगड़ाई लेने का वक्त आ गया है

गहलोत ने कहा कि युवाओं को क्रान्ति पैदा करनी पड़ेगी और यह क्रान्ति गांधीजी के रास्ते पर चलकर भी हो सकती है.

गहलोत ने कहा कि युवाओं को क्रान्ति पैदा करनी पड़ेगी और यह क्रान्ति गांधीजी के रास्ते पर चलकर भी हो सकती है.

Jallianwala Bagh Day: सीएम अशोक गहलोत ने आज युवाओं (Youth)से संवाद करते हुये कहा कि लम्बे संघर्ष के बाद हमें आजादी (Independence) मिली है जिसे सहेजने की जिम्मेदारी युवा पीढ़ी पर है. उन्होंने कहा कि अब तरुणाई को अंगड़ाई (Action) लेने का वक्त आ गया है.

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जयपुर. जलियांवाला बाग दिवस (Jallianwala Bagh Day) पर आज सीएम अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) ने युवाओं के साथ संवाद किया. 'स्वतंत्रता संग्राम एवं हमारे युवा' विषय पर संगोष्ठी को वीसी के जरिए सम्बोधित करते हुए सीएम ने एक बार फिर बीजेपी (BJP) पर कड़ा हमला बोला. गहलोत ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि आज भी देश में धर्म को लेकर राजनीति हो रही है,

सीएम बोले जाति-धर्म के नाम पर सरकारें बन रही हैं. ऐसे लोग कामयाब भी हो रहे हैं. धर्म के बाद अब जाति के नाम पर देश को बांटा जा रहा है. यह दुर्भाग्यपूर्ण और खतरनाक है. सीएम ने कहा कि युवाओं को समझना चाहिए कि जातिवाद और साम्प्रदायिकता कितनी घातक होती है. गहलोत ने कहा कि क्या कोई इस बारे में सोच रहा है कि लोकतंत्र किस दिशा में जा रहा है.

युवाओं को क्रान्ति पैदा करनी पड़ेगी

गहलोत ने कहा कि किसान 5 महीने से आन्दोलन कर रहे हैं. क्या लोकतंत्र में लोगों की बात नहीं सुनी जानी चाहिए. सीएम ने कहा कि जो हालात बने हैं उन पर सभी को सोचने की जरुरत है और अब तरुणाई को अंगड़ाई लेने का वक्त आ गया है. युवाओं को क्रान्ति पैदा करनी पड़ेगी और यह क्रान्ति गांधीजी के रास्ते पर चलकर भी हो सकती है. सीएम ने यह भी कहा कि राज्य में ऐसा कोई प्लेटफॉर्म बनना चाहिए जिसके माध्यम से युवाओं के बीच संवाद होता रहे और उनमें मौलिक विचार उपजे. गहलोत ने कहा कि लम्बे संघर्ष के बाद हमें आजादी मिली है जिसे सहेजने की जिम्मेदारी युवा पीढ़ी पर है.
दबाव में हैं संस्थाएं

सीएम ने आरोप लगाया कि आज जूडीशरी और इलेक्शन कमीशन दबाव में हैं. इतना ही नहीं दूसरी संस्थाओं का भी दुरुपयोग किया जा रहा है. सीएम ने युवाओं से कहा कि अगर वे मानते हैं कि देश में सब सही हो रहा है तो उसका स्वागत किया जाना चाहिए लेकिन अगर गलत हो रहा है तो उसके खिलाफ आवाज उठानी चाहिए. युवाओं पर बड़ी जिम्मेदारी होती है और आज की युवा पीढ़ी पर कल का भार है. गहलोत ने कहा कि 75 साल दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र कायम रहा यह भी बड़ी बात है. अब आजादी की 75वीं वर्षगांठ मनाई जा रही है और अब लेखा-जोखा करने का वक्त आ गया है कि 75 साल में हम कहां पहुंचे.
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