मंत्री की मौजूदगी में भी नहीं सुलझ पाया जेडीए और नगर निगम का विवाद

जेडीए और नगर निगम के बीच जयपुर शहर में 60 फीट या उससे चौड़ी सड़कों के रखरखाव को लेकर चल रहा विवाद नहीं सुलझ पा रहा है. मंत्री की मौजूदगी में हुई बैठक में भी इसका हल नहीं निकला.

Lovely Wadhwa | ETV Rajasthan
Updated: February 15, 2018, 9:54 PM IST
मंत्री की मौजूदगी में भी नहीं सुलझ पाया जेडीए और नगर निगम का विवाद
जेडीए और नगर निगम के बीच जयपुर शहर में 60 फीट या उससे चौड़ी सड़कों के रखरखाव को लेकर चल रहा विवाद नहीं सुलझ पा रहा है. मंत्री की मौजूदगी में हुई बैठक में भी इसका हल नहीं निकला.
Lovely Wadhwa | ETV Rajasthan
Updated: February 15, 2018, 9:54 PM IST
जयपुर शहर में 60 फीट या उससे चौड़ी सड़कों के रखरखाव का विवाद यूडीएच मंत्री श्रीचंद कृपलानी की मौजूदगी में भी नहीं सुलझ पाया. जेडीए और नगर निगम दोनों ही विभागों के अधिकारियों ने मंत्री की मौजूदगी में सड़क का रखरखाव करने से मना कर दिया.

सूत्रों के मुताबिक नगर निगम ने शर्त रखी कि जब तक ट्रांसफर हुई तमाम कॉलोनियों की सम्पूर्ण सम्पत्तियां और पैसा निगम को नहीं मिलेगा, तब तक निगम प्रशासन इन सड़कों का रखरखाव नहीं करेगा.  जेडीए अधिकारियों का तर्क था कि कॉलोनी ट्रांसफर के जो पैसा दिया जाना है वह दे दिया है. दरअसल पिछले साल नवंबर अंत में जेडीए ने नगर निगम को एक पत्र लिखकर शहर की करीब तीन दर्जन से ज्यादा सड़कों का रखरखाव करने से मना कर दिया था. इसके बाद नगर निगम आयुक्त ने यूडीएच मंत्री को पत्र लिखकर इन सड़कों का रखरखाव करने में असमर्थता जताते हुए मामले का निस्तारण करने की गुहार लगाई थी.

बैठक में निगम प्रशासन ने फायर सेस के बकाया राशि को भी जल्द से जल्द देने की बात कही. इस पर मंत्री ने निर्णय किया कि जेडीए और नगर निगम के वित्त शाखा के उच्च अधिकारी और अन्य अधिकारी मिलकर बैठक करें और रिपोर्ट तैयार करें. रिपोर्ट में जेडीए ने निगम को अब तक कितना पैसा दिया. कॉलोनियों की कितनी सम्पत्तियां हस्तांतरित की गईं. पिछले दिनों जेडीए सचिव ने एक पत्र लिखकर कहा कि गत वर्ष नवंबर में एसीएस यूडीएच की अध्यक्षता में बैठक में हुई थी, जिसमें निर्णय हुआ था कि आगे से नगर निगम क्षेत्र की 80 फीट या उससे चौड़ी सड़कों का रखरखाव जेडीए नहीं करेगा.
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