Rajasthan: झालावाड़ गैंगरेप की सदन में सुनाई दी गूंज, विपक्ष ने सरकार को घेरा, भाजपा विधायकों का जमकर हंगामा

राजस्थान विधानसभा में झालावाड़ गैंगरेप केस को लेकर भाजपा विधायकों  जमकर हंगामा किया.

राजस्थान विधानसभा में झालावाड़ गैंगरेप केस को लेकर भाजपा विधायकों जमकर हंगामा किया.

राजस्थान के Jhalawar gangrape case को लेकर शुक्रवार को भाजपा विधायकों ने सरकार को जमकर घेरा. स्थगन प्रस्ताव के दौरान BJP विधायक मदन दिलावर ने कई सवाल दागे. उनके समर्थन भाजपा के दो अन्य विधायकों ने भी हंगामा किया.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 19, 2021, 6:05 PM IST
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जयपुर. झालावाड़ में नाबालिग के साथ कई दिनों तक हुए गैंगरेप  ( Jhalawar gangrape case ) मामले की गूंज शुक्रवार को विधानसभा में सुनाई दी. शून्यकाल में भाजपा विधायकों ने इस मामले को उठाकर राज्य सरकार को घेरने का प्रयास किया. भाजपा विधायक मदन दिलावर ने स्थगन प्रस्ताव के जरिए यह मामला सदन में उठाया.

मदन दिलावर कि कहा कि झालावाड़ में हुई घटना हिन्दुस्तान की गैंगरेप की सबसे बड़ी घटना है. दलित युवती के साथ 40 लोगों ने गैंगरेप किया और अभी तक 28 आरोपी ही पकड़े गए. दिलावर ने कहा कि नौ दिनों तक बलात्कार होना कोई सामान्य घटना नहीं है साथ ही जिन घरों में नाबालिग को रखा गया. उन परिवारवालों को अब तक नहीं पकड़ा गया. दिलावर ने यह भी कहा कि पीड़िता अपनी मां के साथ थाने गई लेकिन मामला दर्ज नहीं किया. उसे डराया-धमकाया गया. दिलावर ने अपने वक्तव्य के दौरान एक जाति विशेष का भी नाम लिया. जिस पर स्पीकर ने उन्हें फटकार लगाई.

वेल में भाजपा विधायकों का हंगामा

शून्यकाल के दौरान ही जब भाजपा विधायक सूर्यकान्ता व्यास बोलने लगी तो भाजपा विधायक संदीप शर्मा ने यह मामला उठा दिया. उन्होंने हाथों में पर्चे लहराते हुए कहा कि नाबालिग बच्ची का देह शोषण किया गया और उसे कैद रखा गया. भाजपा विधायक प्रताप सिंह सिंघवी और चंद्रकान्ता मेघवाल ने भी संदीप शर्मा का साथ दिया. इसी दौरान विधायक वेल में आकर हंगामा करने लगे. बाद में सभापति की समझाइस के बाद सभी विधायक अपनी सीटों पर चले गए. झालावाड़ के इस मामले के जरिए विपक्ष ने बढते अपराधों पर राज्य सरकार को घेरने का प्रयास किया. विपक्ष ने जहां पुलिस का कार्यशैली पर सवाल उठाए वहीं सरकार की मंशा पर भी सवाल खड़े किए.
अलग से बने अभियोजन विभाग

शून्यकाल में ही भाजपा विधायक अनीता भदेल ने भी यह मामला उठाया. भदेल ने ऐसे मामलों में जल्द कार्यवाही के लिए अभियोजन विभाग बनाने की भी मांग रखी. अनीता भदेल ने कहा कि प्रदेश में बलात्कार की 3 हजार से ज्यादा घटनाएं हैं, लेकिन ना तो पुलिस समय पर चालान पेश नहीं करती है और ना ही अभियोजन की स्वीकृति मिलती है. उन्होंने ऐसे मामलों की रोज समीक्षा की मांग की साथ ही कहा कि तीन साल में एक भी दुष्कर्मी को फांसी नहीं हुई है. अनीता भदेल ने एनसीआरबी के आंकड़ों के जरिए भी बलात्कार के मामलों पर सरकार को घेरने का प्रयास किया.

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