Jaipur: राजस्थान की बेटी की ऊंची उड़ान, अमेरिकन एयरफोर्स में मिला कमिशन, भाई कैप्टन, बहिन लेफ्टिनेंट

प्रज्ञा के लिये खास बात यह रही कि इस सेरेमेनी में परिवार के अन्य लोगों के साथ उनकी 91 वर्षीय दादी भी शामिल हुईं.
प्रज्ञा के लिये खास बात यह रही कि इस सेरेमेनी में परिवार के अन्य लोगों के साथ उनकी 91 वर्षीय दादी भी शामिल हुईं.

राजस्थान की एक और बेटी ने ऊंची उड़ान भरी है. वीरों की धरा कही जाने वाली झुंझुनूं की बेटी प्रज्ञा शेखावत (Pragya Shekhawat) ने अमरिकी एयरफोर्स (American Airforce) में कमिशन प्राप्त किया है. वे वहां लेफ्टिनेंट के पद नियुक्त हुई हैं.

  • Share this:
जयपुर. देश के लिये फौजियों की खान कहे जाने वाले शेखावाटी के झुंझुनूं जिले (Jhunjhunu district) ने सफलता की एक और उड़ान भरी है. जिले के जाखल गांव की बेटी प्रज्ञा शेखावत ने अमेरिकी एयरफोर्स (American airforce) में लेफ्टिनेंट के पद पर चयनित होकर यह जता दिया कि राजस्थान की बेटे और बेटियां देश में हो चाहे विदेश में वे हर जगह अपनी सफलता का परचम लहराते रहेंगे. प्रज्ञा के भाई सुवीर सिंह शेखावत भी अमेरिकन एयरफोर्स में कैप्टन (Captain) के पद अपनी सेवाएं दे रहे हैं. दोनों भाई-बहनों की सफलता से न केवल जाखल बल्कि समूचे झुंझुनूं में खुशी ही लहर है.

Rajasthan: RAS महेन्द्र प्रताप सिंह से मिलेंगे तो जीतना सीख जाएंगे, टेरीटोरियल आर्मी में जाने वाले प्रदेश के पहले अधिकारी बने

पहला सैल्यूट अपने भाई को
जाखल निवासी एवं अमेरिका प्रवासी दुष्यंत सिंह शेखावत की बेटी प्रज्ञा और उससे पहले बेटे सुवीर ने अमेरिकन एयरफोर्स ज्वाइन कर वीरों की धरा शेखावाटी का नाम रोशन किया है. प्रज्ञा शेखावत और उसके पिता दुष्यंत सिंह का गांव की स्कूल से खास लगाव है. अमेरिकी एयरफोर्स में प्रज्ञा को सैकंड लेफ्टिनेंट के रूप में 2 दिन पहले 19 सितंबर को ​कमिशन मिला है. कोविड-19 के कारण इस बार अमेरिकी एयरफोर्स की सैल्यूट सेरेमनी सामान्य रही है. हां, प्रज्ञा के लिये खास बात यह रही कि इस सेरेमेनी में परिवार के अन्य लोगों के साथ उनकी 91 वर्षीय दादी भी शामिल हुईं. इस मौके पर प्रज्ञा ने पहला सैल्यूट अपने भाई को किया.
Rajasthan: गुर्जर आरक्षण आंदोलन फिर से खड़ा करने की तैयारी, पायलट की चिट्ठी से मिली हवा



गांव से है परिवार का लगाव
अमेरिका में जन्मे और पले बढ़े सुवीर तथा प्रज्ञा का अक्सर अपने गांव आते जाते रहते हैं. पिता दुष्यंत सिंह पहले राजस्थान में नौकरी कर चुके हैं. उन्होंने यहां एमएससी और बीएड करके सिरोही में अध्यापन का कार्य भी किया है. लेकिन बाद में वे शिक्षक की नौकरी छोड़कर अमेरिका चले गये और वहीं सैटल हो गये. वहां उन्होंने इजीनिंयरिंग की डिग्री ली और वर्तमान में बतौर वैज्ञानिक कार्यरत हैं. प्रज्ञा के दादा इन्द्र सिंह जनसंघ से जुड़े रहे हैं. इस दौरान उन्होंने जनसंघ में कई दायित्व निभाये हैं. प्रज्ञा की मां अर्चना कंवर टीचर हैं.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज