राजस्थान में नेता प्रतिपक्ष पर क्यों फंसा है पेंच? यहां पढ़ें- वसुंधरा की पसंद और विकल्प
Jaipur News in Hindi

राजस्थान में नेता प्रतिपक्ष पर क्यों फंसा है पेंच? यहां पढ़ें- वसुंधरा की पसंद और विकल्प
पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे. (फाइल फोटो)

राजस्थान में किसी दलित विधायक को विपक्ष का नेता बनाए जाने की अटकलें लगाई जा रही है. ऐसी स्थिति में सबसे पहला विकल्प कैलाश मेघवाल हो सकते हैं. पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे का खेमा भी उनके नाम पर सहमत बताया जा रहा है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 7, 2019, 7:05 PM IST
  • Share this:
राजस्थान की 15वीं विधानसभा में सत्तारुढ़ कांग्रेस के सामने बीजेपी विपक्ष का नेता किसे बनाएगी? क्या पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे नेता प्रतिपक्ष बनेंगी? अथवा किसी अन्य नेता को यह जिम्मेदारी दी जाएगी. पिछले 20 दिन से राज्य की राजनीति खासकर बीजेपी में यही सवाल चर्चा का विषय बना हुआ है. पिछले एक सप्ताह से वसुंधरा राजे के स्थान पर किसी अन्य नेता को बीजेपी में नेता प्रतिपक्ष बनाए जाने को लेकर कयासों का बाजार भी गर्म है. लेकिन अभी तक नेता प्रतिपक्ष के नाम की घोषणा नहीं हो सकी है. सूत्रों के अनुसार इसके पीछे कई पेंच फंसे हुए हैं और पार्टी आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनजर हर वर्ग और समुदाय को ध्यान में रखते हुए नेता प्रतिपक्ष के नाम का चयन करने की कोशिश में जुटी है.

बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व के साथ प्रदेश के बड़े नेताओं की दिल्ली में बैठकों के बाद प्रदेश में नेता प्रतिपक्ष चुनने की जिम्मेदारी केंद्रीय वित्त मंती अरुण जेटली और प्रदेश प्रभारी अविनाश राय खन्ना को दी गई है. इसके लिए जब से दोनों को राजस्थान में पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है तब से नेता प्रतिपक्ष के नाम को लेकर चर्चाएं तेज हो गईं. हाल के मीडिया रिपोर्ट्स में बताया जा रहा था कि वसुंधरा राजे को विपक्ष का नेता नहीं बनाया जाएगा और उन्हें केंद्र में नई जिम्मेदारी दी जाएगी, लेकिन फिलहाल इस पर स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकती है.

ये भी पढ़ें- वर्ण आरक्षण: सीएम गहलोत ने कहा, सबसे पहले 1998 में कांग्रेस ने 14% ईबीसी बिल पारित किया



ये फंसा है नेता प्रतिपक्ष पर पेंच
सूत्रों के अनुसार राजस्थान में बीजेपी की हार की समीक्षा में एससी वोटरों की नाराजगी भी सामने आई है. 2 अप्रैल को प्रदेश में दलित संगठनों द्वारा भारत बंद के आयोजन के दौरान हुए बवाल के बाद दर्ज मुकदमों से अनुसूचित जाति के लोग नाराज थे. पार्टी नेतृत्व को लगता है कि विधानसभा चुनाव में दलितों के पार्टी से छिटकने का खामियाजा भुगतना पड़ा है और अब लोकसभा चुनाव से पहले दलितों को साधा जा सकता है. यदि वसुंधरा राजे को कोई और जिम्मेदारी दी जाती है तो विपक्ष का नेता किसी दलित विधायक को बनाया जा सकता है.

वसुंधरा की पसंद है कैलाश मेघवाल
सूत्रों की माने तो किसी दलित को विपक्ष का नेता बनाए जाने की स्थिति में सबसे पहला विकल्प कैलाश मेघवाल हो सकते हैं. पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे का खेमा भी उनके नाम पर सहमत बताया जा रहा है, लेकिन दलित विधायक से पहले राजेंद्र राठौड़ और पूर्व गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया भी नेता प्रतिपक्ष पद की दौड़ में शामिल है. पर्यवेक्षकों के सामने ऐसे में दिग्गज नेताओं को दरकिनार करना भी आसान नहीं होगा. हालांकि मेघवाल को वसुंधरा की पहली पसंद भी बताया जा रहा है.

ये भी पढ़ें-  कांग्रेस की किसान रैली की तैयारियां तेज, 9 जनवरी को जयपुर आएंगे राहुल गांधी

इसी महीने घोषणा संभव
15वीं विधानसभा का पहला सत्र इसी महीने बुलाया जाना है और बीजेपी की कोशिश है कि सत्र से पहले नेता प्रतिपक्ष की घोषणा कर दी जाए. यही कारण है कि नेता के नाम को लेकर हलचल लगातार बढ़ रही है.

एक क्लिक और खबरें खुद चलकर आएगी आपके पास, सब्सक्राइब करें न्यूज़18 हिंदी WhatsApp अपडेट्स
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज

corona virus btn
corona virus btn
Loading