कठुआ और उन्नाव मामलों को लेकर राजस्थान में गर्मा रही है राजनीति

जम्मू के कठुआ रेप केस पर तो संयुक्त राष्ट्र भी संज्ञान ले चुका है लेकिन क्या ऐसे जघन्य अपराधों पर सियासी रोटियां सेकी जानी चाहिए? लेकिन राजस्थान में राजनीतिक फायदे लेने की कोशिशें तेज हो गई हैं जो इस सियासत से चुनावी साल में वसुंधरा सरकार की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं.

News18Hindi
Updated: April 16, 2018, 8:41 PM IST
कठुआ और उन्नाव मामलों को लेकर राजस्थान में गर्मा रही है राजनीति
प्रदेश में हो रही सियासत वसुंधरा सरकार की मुश्किलें और बढ़ सकती है.
News18Hindi
Updated: April 16, 2018, 8:41 PM IST
मासूम बच्चियों के साथ रेप और हत्या जैसे घिनौने अपराध को लेकर देश ही परदेश में लोग चिंचित हैं. जम्मू के कठुआ रेप केस पर तो संयुक्त राष्ट्र भी संज्ञान ले चुका है लेकिन क्या ऐसे जघन्य अपराधों पर सियासी रोटियां सेकी जानी चाहिए? हर हाल में कतई नहीं. लेकिन कठुआ और उन्नाव रेप केस पर राजस्थान में राजनीतिक फायदे लेने की कोशिशें तेज हो गई हैं. कांग्रेस पिछले तीन दिन से कैंडल मार्च निकाल रही है और अब कई दूसरी छोटी पार्टियां और संगठन भी इसमें पीछे नहीं रहना चाहते. सोमवार को भी कई जगह धरना और प्रदर्शन जारी रहे. इस सियासत से चुनावी साल में वसुंधरा सरकार की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं.

रेप, चुनावी साल और सियासत

राजस्थान वही प्रदेश है जहां रेप के 40% मामलों में पीड़िताओं की उम्र 14 साल से भी कम होती है. पिछले 3 सालों में प्रदेश में नाबालिग बच्चियों के साथ 3897 रेप की वारदातें हुईं, हर साल ऐसे रेप के मामलों की संख्या करीब 1300 है और हर रोज प्रदेश में तीन नाबालिग बच्चियां रेप का शिकार हो रही है लेकिन उनके लिए कोई सड़क पर नहीं उतरा और न किसी ने कैंडल मार्च निकाला. लेकिन प्रदेश में इसी साल में विधानसभा चुनाव संभावित हैं और सरकार के खिलाफ विपक्ष और अन्य पार्टियां मोर्चा खोले हुए हैं. ऐसे में पहले दलित समाज का भारत बंद और अब कठुआ और उन्नाव मामलों पर सियायत तेज है.

रात 1:12 बजे कहा, बलात्कार के ख़िलाफ़ हम यहां खड़े हैं

12 अप्रैल की रात करीब सवा बजे पूर्व सीएम और कांग्रेस के राष्ट्रीय संगठन महासचिव अशोक गहलोत फेसबुक पर राहुल गांधी को टैग करते हुए लिखते हैं कि महिलाओं की हत्या के, बलात्कार के, हिंसा के ख़िलाफ़ हम यहां खड़े हैं. अगले दिन वे सभी प्रदेश कांग्रेस कमेटियों को एक सर्कुलर भेजते हैं और राजस्थान में सभी जिला मुख्यालयों पर 13 अप्रैल की शाम कैंडल मार्च निकलवाते हैं. लेकिन पार्टी के कार्यकर्ताओं पर इसका इतना असर होता है कि तीसरे दिन रविवार तक ऐसे प्रदर्शन जारी रखे जाते है.

प्रदर्शन से पहले गहलोत का सरकार पर हमला

प्रदेशभर में विरोध प्रदर्शन करवाने से ठीक एक दिन पहले गहलोत ने कहा था राजस्थान में सरकार का इकबाल खत्म हो गया है, ब्यूरोक्रेसी में कोई डर के मारे काम करने को तैयार नहीं है. उधर, राजस्थान की बीजेपी सरकार बच्चियों के साथ ऐसे अपराधों पर अपना सख्त रुख जाहिर करते हुए पहले ही बलात्कारी को फांसी की सजा का कानून पारित कर चुकी है. लेकिन इस सियासत में सरकार पर प्रदर्शन भारी पड़ रहे हैं. उधर, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट ने बयान दिया कि देश में बेटियां सुरक्षित नहीं है यह बहुत चिंताजनक और शर्म की बात है. सरकार का जो रवैया रहा वह निंदनीय है.
Loading...

और भी देखें

पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...

वोट करने के लिए संकल्प लें

बेहतर कल के लिए#AajSawaroApnaKal
  • मैं News18 से ई-मेल पाने के लिए सहमति देता हूं

  • मैं इस साल के चुनाव में मतदान करने का वचन देता हूं, चाहे जो भी हो

    Please check above checkbox.

  • SUBMIT

संकल्प लेने के लिए धन्यवाद

काम अभी पूरा नहीं हुआ इस साल योग्य उम्मीदवार के लिए वोट करें

ज्यादा जानकारी के लिए अपना अपना ईमेल चेक करें

Disclaimer:

Issued in public interest by HDFC Life. HDFC Life Insurance Company Limited (Formerly HDFC Standard Life Insurance Company Limited) (“HDFC Life”). CIN: L65110MH2000PLC128245, IRDAI Reg. No. 101 . The name/letters "HDFC" in the name/logo of the company belongs to Housing Development Finance Corporation Limited ("HDFC Limited") and is used by HDFC Life under an agreement entered into with HDFC Limited. ARN EU/04/19/13618
T&C Apply. ARN EU/04/19/13626