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Kisan Aandolan: 'भारत बंद' को सफल बनाने की कवायद, राजस्थान में किसान कल दिखाएंगे ताकत

आरएसएस से ताल्लुक रखने वाले भारतीय किसान संघ ने कृषि कानूनों के प्रति अपना विरोध जताने के बावजूद बंद से अलग रहने का ऐलान किया है. (सांकेतिक तस्वीर)
आरएसएस से ताल्लुक रखने वाले भारतीय किसान संघ ने कृषि कानूनों के प्रति अपना विरोध जताने के बावजूद बंद से अलग रहने का ऐलान किया है. (सांकेतिक तस्वीर)

Bhaarat bandh: किसान कल प्रदेश में अपनी ताकत दिखायेंगे. इसके लिये तैयारियां जोरों पर है. बंद का सफल बनाने के लिये कांग्रेस (Congress) समेत आम आदमी पार्टी और वामदलों ने भी किसानों (Farmers) का अपना समर्थन दिया है.

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जयपुर. कृषि कानूनों के विरोध में पिछले कई दिनों से आन्दोलन (Kisan Aandolan) कर रहे किसान कल भारत बंद के जरिए अपनी ताकत दिखाएंगे. 8 दिसम्बर को प्रस्तावित भारत बंद (Bhaarat bandh) को लेकर किसान संगठनों द्वारा जोर-शोर से तैयारियां की जा रही हैं. प्रदेश में भी इस बंद को सफल बनाने की पुरजोर कोशिशें की जा रही हैं. खास बात यह है कि किसानों के इस आन्दोलन को तमाम विपक्षी दलों (Opposition parties) का साथ मिल रहा है.

राजस्थान की अगर बात करें तो यहां सत्तारूढ़ दल कांग्रेस ने भारत बंद को अपना समर्थन दिया है और इसे सफल बनाने के लिए अपने कार्यकर्ताओं से आह्वान भी किया है. वहीं वामदल पहले से ही कृषि कानूनों का विरोध कर रहे हैं और किसान आन्दोलन को समर्थन भी कर रहे हैं. उधर, आम आदमी पार्टी ने भी कल के भारत बंद में सक्रिय रूप से अपनी भागीदारी निभाने का ऐलान किया है. पार्टी के कार्यकर्ता एक-एक दुकान पर जाकर किसानों के समर्थन में व्यापारियों से अपने प्रतिष्ठान बंद रखने की अपील करेंगे. प्रदेश में ज्यादा वजूद नहीं रखने वाली शिवसेना भी किसानों के साथ है, तो वहीं एनडीए में शामिल राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी भी पिछले कई दिनों से अपनी आंखें तरेर रही है. पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक हनुमान बेनीवाल ने भारत बंद को अपना समर्थन देने का ऐलान किया है.

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इन संगठनों का किसानों का मिला साथ


प्रदेश के ज्यादातर किसान संगठन इस बंद को सफल बनाने में जुटे हैं।. हालांकि आरएसएस से ताल्लुक रखने वाले भारतीय किसान संघ ने कृषि कानूनों के प्रति अपना विरोध जताने के बावजूद बंद से अलग रहने का ऐलान किया है. वहीं कई जनसंगठन भी किसान आन्दोलन और भारत बंद को अपना समर्थन दे रहे हैं. लोकतांत्रिक मोर्चा और जनसंगठनों की साझा बैठक में बंद को सफल बनाने की रणनीति तय की गई है. जयपुर में कार्यकर्ता कल सुबह 10 बजे शहीद स्मारक पर एकत्रित होकर बाजारों को बंद करवाने के लिए निकलेंगे.

आवश्यक सेवाओं को बंद से मुक्त रखा गया है
किसान महापंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामपाल जाट ने इसे आजादी की दूसरी लड़ाई बताते हुए सभी किसानों से सहयोग की अपील की है. वहीं अखिल भारतीय किसान सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमराराम ने व्यापार संगठनों से बंद में साथ देने की अपील की है. साथ ही आम लोगों से भी घरों से बाहर नहीं निकलकर भारत बंद को सफल बनाने का आह्वान किया है. आवश्यक सेवाओं को बंद से मुक्त रखा गया है.

बंद रहेंगी मंडियां
राजस्थान खाद्य पदार्थ व्यापार संघ ने भी किसान आन्दोलन के समर्थन में कल प्रदेश की सभी 247 कृषि उपज मंडियां बंद रखने की घोषणा की है. संघ के चेयरमैन बाबूलाल गुप्ता ने कृषि कानूनों को काले कानून बताते हुए कहा है कि ये किसानों के साथ ही व्यापारियों के भी विरोधी हैं. वहीं राजधानी जयपुर में स्थित मुहाना फल-सब्जी मंडी भी किसानों के समर्थन में बंद रहेगी. मुहाना फल-सब्जी मंडी अध्यक्ष राहुल तंवर ने किसान आन्दोलन के समर्थन में मंडी बंद रखने की घोषणा की है.

राजनीतिक दलों के लिए किसानों को साधे रखना मजबूरी भी है
किसान अपने पक्ष में लगातार दूसरे संगठनों और राजनीतिक दलों का समर्थन जुटा रहे हैं. किसान वर्ग चूंकि देश का सबसे बड़ा वोट बैंक भी है लिहाजा राजनीतिक दलों के लिए किसानों को साधे रखना मजबूरी भी है. आवाज कहीं स्वार्थ के लिए उठ रही है तो कहीं अपने हितों को सुरक्षित रखने के लिए. लेकिन इतना जरुर है कि ये आवाजें केन्द्र सरकार की मुश्किलें बढ़ा रही हैं.
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