Rajasthan: किसान महापंचायत में पायलट को CM बनाने की उठी मांग, समर्थकों ने जमकर की नारेबाजी

इन किसान महापंचायतों पर पायलट का विपक्षी गहलोत खेमा पूरी तरह से नजर गड़ाये हुये है.

इन किसान महापंचायतों पर पायलट का विपक्षी गहलोत खेमा पूरी तरह से नजर गड़ाये हुये है.

Ashok Gehlot vs Sachin Pilot: जयपुर के कोटखावदा में आज आयोजित किसान रैली पूरी तरह से पूर्व पीसीसी चीफ सचिन पायलट के शक्ति प्रदर्शन के रूप में सामने आई है. इस महापंचायत (Kisan Mahapanchayat) में पायलट समर्थकों ने उनको सीएम (CM) बनाने की मांग को लेकर जबर्दस्त नारेबाजी की.

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जयपुर. राजधानी जयपुर के चाकसू के समीप कोटखावदा में आज आयोजित हो रही किसान महापंचायत (Kisan Mahapanchayat) पूर्व पीसीसी चीफ सचिन पायलट के शक्ति प्रदर्शन (Power show of Sachin Pilot) में बदली नजर आई. इस महापंचायत में पायलट गुट के 14 विधायक पहुंचे. वहीं अशोक गहलोत गुट (Ashok Gehlot Camp) के एक विधायक प्रशांत बैरवा ने भी इसमें शामिल हुये. महापंचायत में सचिन पायलट को सीएम बनाने की मांग को उनके समर्थकों ने जमकर नारेबाजी की. वहीं विधायक बैरवा के खिलाफ पायलट समर्थको ने खुलकर हूंटिंग की.

महापंचायत में शामिल पायलट समर्थक काफी गुस्से में नजर आये. ये समर्थक हाल ही में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के हुये राजस्थान दौरे में पायलट को तरजीह न मिलने से नाराज थे. कांग्रेस में अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच चल रही कलह महापंचायत में साफ नजर आई. इस महापंचायत का आयोजन चाकसू के विधायक और पायलट समर्थक वेदप्रकाश सोलंकी ने किया है. महापंचायत में शामिल हुए गहलोत गुट के विधायक प्रशांत बैरवा पहले पायलट गुट में थे. लेकिन विधानसभा में विश्वास प्रस्ताव से पहले वे अशोक गहलोत के साथ चले गए थे.

राहुल के दौरे के दौरान पायलट को तवज्जो नहीं दिये जाने से नाराज हैं समर्थक

उल्लेखनीय है कि गत वर्ष पायलट और सीएम अशोक गहलोत के बीच चले सियासी संघर्ष के बाद दोनों के बीच दूरियां काफी बढ़ चुकी है. हालांकि पार्टी आलाकमान दोनों के बीच पैदा हुई सियासी खाई को पाटने की पूरी कोशिश कर रहा है, लेकिन हालात को देखते हुये साफ जाहिर हो रहा है कि वह और गहरी होती जा रही है. राहुल के दौरे के दौरान पायलट को तवज्जो नहीं दिये जाने से उनके समर्थकों में खासा गुस्सा है.
अपनी राजनीतिक ताकत का अहसास करवा रहे हैं पायलट

सियासी संग्राम के बाद काफी समय से पार्टी में साइडलाइन चल रहे पायलट ने अब प्रदेशभर में अपनी सक्रियता बढ़ा दी है. पायलट पूर्वी राजस्थान में जगह-जगह किसान महापंचायतों के जरिये किसानों के बीच जा रहे हैं. इन महापंचायतों को पायलट के शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है. माना जा रहा है कि पायलट इन महापंचायतों के जरिये विपक्षी गहलोत खेमे को अपनी राजनीतिक ताकत का अहसास करवा रहे हैं.
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