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पहलू खां के बेटे ने कहा-30 महीने बाद हमारे साथ न्याय हुआ, पढ़ें- अब तक क्या-क्या हुआ?

पहलू खान, उसके दो बेटों और एक ट्रक चालक के खिलाफ गोकशी के लिए गायों को अवैध तरीके से ले जाने के मामले को राजस्थान हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया.
पहलू खान, उसके दो बेटों और एक ट्रक चालक के खिलाफ गोकशी के लिए गायों को अवैध तरीके से ले जाने के मामले को राजस्थान हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया.

ढाई साल पुराने पहलू खां (Pehlu Khan) मॉब लिंचिंग केस में पहलू, उसके दो बेटों और एक ट्रक चालक के खिलाफ गोकशी के लिए गायों को अवैध तरीके (Cow Smuggling) से ले जाने के मामले को राजस्थान हाईकोर्ट (Rajasthan High Court) ने रद्द कर दिया. यहां पढ़ें, पिछले 30 महीने में क्या-क्या हुआ?

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जयपुर. राजस्थान हाईकोर्ट (Rajasthan High Court) ने ढाई साल पुराने पहलू खां (Pehlu Khan) मॉब लिंचिंग केस में पहलू, उसके दो बेटों और एक ट्रक चालक के खिलाफ गोकशी के लिए गायों को अवैध तरीके (Cow Smuggling) से ले जाने के आरोप में दर्ज मामले को रद्द कर दिया. बेटे इरशाद खान ने इस फैसले के बाद कहा है कि उन्हें कोर्ट पर यकीन था और आज 30 महीने बाद उनके साथ इंसाफ हुआ है. पहलू और उसके दोनों बेटों पर गो तस्करी का आरोप था और कथित गो रक्षकों की पिटाई से अप्रैल 2017 में उसकी मौत हो गई थी. हालांकि इन आरोपों को पुलिस कोर्ट में साबित नहीं कर पाई. जस्टिस पंकज भंडारी की एकल पीठ ने ‘राजस्थान गोवंश संरक्षण कानून’ और अन्य धाराओं के तहत चारों के खिलाफ दर्ज मामले और आरोप पत्र को बुधवार को रद्द करते हुए कहा कि ऐसा कोई सबूत नहीं है जो रेखांकित करता हो कि गायों को गोकशी के लिए ले जाया जा रहा था.

2018 में चार्जशीट दाखिल हुई, वकील के जरिए ऐसे जीते पहलू के बेटे 
पिछले साल अलवर पुलिस ने पहलू खां के बेटे इरशाद खान, आरिफ खान और ट्रक चालक खान मोहम्मद के खिलाफ निचली अदालत (बहरोड़) में आरोप पत्र दाखिल किया था. इसके बाद तीनों आरोपियों ने मामले को रद्द करवाने के लिए उच्च न्यायालय में गुहार लगाई. आरोपियों की ओर से वकील कपिल गुप्ता ने पक्ष रखा और बताया कि आपराधिक मामला कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग है क्योंकि ऐसा कोई सबूत नहीं है जिससे साबित हो कि गायों को गोकशी के लिए ले जाया जा रहा था. कोर्ट में कपिल ने दावा किया कि चिकित्सा विशेषज्ञों ने साबित किया था कि गायें दुधारू थीं और उनके बछड़े केवल एक महीने के थे. उन्होंने कहा कि स्थानीय बाजार से गायों को खरीदा गया, यह साबित करने के लिए उनके पास रसीद भी थी. इन आधार पर पहलू खां के बेटों के खिलाफ दर्ज केस को रद्द कर दिया गया.

पढ़ें, पिछले 30 महीने क्या-क्या हुआ?
> पहलू खां पर 1 अप्रैल 2017 को भीड़ ने हमला किया गया


> पुलिस ने 2 अप्रैल को 7 अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गईं
> एक एफआईआर पहलू खां की हत्या की और छह गोतस्करी करने की एफआईआर दर्ज की गईं
> 4 अप्रैल को इलाज के दौरान पहलू खां की अस्पताल में मौत हो गई
> 7 अप्रैल को 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया
> 21 अप्रैल को जांच सीबीसीआईडी को सौंप दी गई
> 31 मई 2017 को बहरोड़ पुलिस ने 4 आरोपियों के खिलाफ पहली चार्जशीट पेश की
> 5 जनवरी 2018 को जांच के बाद अन्य तीन आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट पेश की गई
> 24 मई 2019 को चार्जशीट पेश की, जिसमें पहलू के बेटे को गोतस्करी का आरोपी बनाया
> 11 जुलाई को इस मामले में फिर से जांच के आदेश दिए गए
> 14 अगस्त पहलू हत्या मामले में अलवर एडीजे कोर्ट ने सभी आरोपियों को बरी कर दिया
> 30 अक्टूबर 2019 को राजस्थान हाईकोर्ट ने पहलू के बेटों के खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द कर दिया.

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