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Rajasthan: आखिर क्यों 9 सितंबर से शुरू होने वाला विधानसभा सत्र होगा बजट सत्र लेकिन....

Rajasthan: आखिर क्यों 9 सितंबर से शुरू होने वाला विधानसभा सत्र होगा बजट सत्र लेकिन....

राजस्‍थान विधानसभा के मानसून सत्र तकनीकी तौर पर बजट सत्र है क्योंकि ये 15वीं विधानसभा का छठा सत्र ही है. (फाइल फोटो)

राजस्‍थान विधानसभा के मानसून सत्र तकनीकी तौर पर बजट सत्र है क्योंकि ये 15वीं विधानसभा का छठा सत्र ही है. (फाइल फोटो)

राजस्‍थान विधानसभा का 9 सितंबर से सत्र शुरू होने जा रहा है, ये 15वीं विधानसभा का छठा सत्र ही होगा, ऐसे में तकनीकी तौर पर तो ये बजट सत्र होगा लेकिन फिलहाल मानसून सत्र का समय होने के चलते इसे बजट सत्र नहीं कहा जाएगा. साथ ही कई अन्य पेंच जो आपके लिए जानने जरूरी.

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जयपुर. राजस्‍थान विधानसभा का 9 सितंबर से सत्र शुरू होने जा रहा है. इस सत्र को लेकर सरकार की तैयारियां भी काफी हैं. कई बिल इस सत्र में पेश होने हैं. वहीं विपक्ष ने भी सरकार को घेरने की पूरी तैयारी कर ली है. अब इस सत्र को मानसून सत्र का नाम दिया जा रहा है. लेकिन इसमें एक पेंच है, ये मानसून सत्र तो नाम से कहलाया जाएगा लेकिन ये होगा असल में बजट सत्र का ही हिस्सा. इसको समझने के लिए हमें बजट सत्र की तरफ देखना होगा. विधानसभा का बजट सत्र 19 मार्च को अनिश्च‌ितकाल के लिए स्‍थगित कर दिया गया था. ऐसे में अब 6 माह के अंदर यानि 19 सितंबर से पहले सत्र बुलाना सरकार के लिए जरूरी था. अन्यथा राज्यपाल उसका सत्रावसान कर सकते थे.
लेकिन जब बजट सत्र का सत्रावसान नहीं हुआ तो इसे 15वीं विधानसभा के छठे सत्र के तौर पर ही जारी किया जाएगा. 15वीं विधानसभा का छठा सत्र बजट सत्र था. ऐसे में तकनीकी तौर पर ये बजट सत्र ही होगा.

फिर मानसून सत्र कैसे
यदि समयावधि के तौर पर देखा जाए तो बजट सत्र पहले खत्म हो जाना चाहिए था लेकिन स्‍थगित होने के चलते उसका सत्रावसान नहीं हुआ. यदि सत्र को छह महीने तक नहीं बुलाया जाता है तो राज्यपाल उसका सत्रावसान कर सकते थे. लेकिन अब सरकार ने सत्र को 9 सितंबर से फिर शुरू करने का निर्णय लिया है. ऐसे में ये 15वीं विधानसभा का छठा यानि बजट सत्र ही कहलाएगा. लेकिन अब कैलेंडर के हिसाब से मानसून सत्र का समय है इसलिए इसे मानसून सत्र के नाम से जाना जाएगा.

छोटा रखा जाएगा सत्र
बताया जा रहा है कि कोरोना संक्रमण को देखते हुए सत्र को छोटा रखा जाएगा. हालांकि यदि सामान्य परिस्थितियों में भी सत्र शुरू किया जाता तो ये ज्यादा लंबा नहीं होता. क्योंकि सरकार को इस दौरान बजट सत्र में पेश किए जाने वाले बिल सदन में रखने थे और उन पर बहस होनी थी. इसलिए ये सत्र सामान्य सत्र जितना लंबा नहीं होता. इसमें एक और खास बात ये है कि अब सरकार को सत्र शुरू करने के लिए राज्यपाल की मंजूरी भी नहीं लेनी होगी. इसका कारण है कि बजट सत्र के लिए राज्यपाल पहले ही मंजूरी दे चुके हैं और ये उसी का हिस्सा है. ऐसे में बिना राज्यपाल की मंजूरी के सिर्फ कैबिनेट बैठक बुला कर विधानसभा सत्र को बुलाए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी जाएगी. बताया जा रहा है कि ये कैबिनेट बैठक बुधवार को होगी.

Tags: Budget Session, CM Ashok Gehlot, Rajasthan news, Rajasthan Politics, Rajasthan vidhan sabha

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