राजस्थान: अब शहरों की तर्ज पर गांवों में राजस्व की जमीनों का बनेगा Land Bank

राजस्थान सरकार ने बड़ा फैसला लिया है.
राजस्थान सरकार ने बड़ा फैसला लिया है.

राजस्व विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) ने लैंड बैंक बनाने के निर्देश दिए हैं. साथ ही राजस्व रिकॉर्ड ऑनलाइन करने की प्रक्रिया जल्द पूरी करने को कहा है.

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जयपुर. राजस्थान में अब शहरों की तर्ज पर ग्रामीण इलाकों में भी राजस्व विभाग की आवंटन की जा सकने वाली जमीन का लैंड बैंक (Land Bank) बनेगा. राजस्व विभाग इसके लिए जल्द ही काम शुरू करेगा. राजस्व विभाग का लैंड बैंक बनने से सोलर, विंड सहित अन्य ऐसे उद्योगों को जमीन आवंटन में आसानी होगी जिन्हें बड़ी जमीन चाहिए. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (CM Ashok Gehlot) ने राजस्व विभाग की समीक्षा बैठक में इसके निर्देश दिए हैं. सीएम गहलोत ने राजस्व विभाग के अधीन आवंटन योग्य सरकारी भूमि का लैण्ड बैंक बनाने के निर्देश दिए ताकि राज्य स्तर पर आवंटन के लिए भूमि उपलब्ध हो सके.

सीएम अशोक गहलोत ने कृषि रहन पोर्टल का काम भी जल्दी पूरा करने को कहा है ताकि कृषि ऋण प्राप्ति की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन की जा सके. रहन इस पोर्टल के माध्यम से किसान कृषि ऋण के लिए किसी भी बैंक में ऑनलाइन आवेदन कर सकेगा. सीएम गहलोत ने कहा कि राजस्व रिकॉर्ड ऑनलाइन करने की प्रक्रिया शीघ्र पूरी की जाए ताकि आमजन को सीमाज्ञान, नामन्तरण एवं राजस्व से जुड़े अन्य दस्तावेज ऑनलाइन उपलब्ध हो सकें.

नामांतरण की पूरी प्रक्रिया जल्द पेपरलेस करने का टास्क 



नामान्तरण की पूरी प्रक्रिया को पेपरलेस करने का काम जल्दी पूरा करने के निर्देश दिए ताकि काश्तकार ई-मित्र और मोबाइल एप ’धरा’ के माध्यम से आवेदन कर ऑनलाइन नामान्तरण प्राप्त कर सकें. सीएम गहलोत ने पटवारी भर्ती की प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने के निर्देश दिए ताकि राजस्व से संबंधित कार्य समय पर पूरे हो सकें. गहलोत ने डिजिटल इण्डिया लैण्ड रिकॉर्ड मॉडर्न प्रोग्राम के तहत शेष बची तहसीलों को ऑनलाइन करने का काम जल्द पूरा करने को कहा.
समय पर ही होंगे चुनाव

बता दें कि राजधानी जयपु, जोधपुर और कोटा के नवगठित 6 नगर निगमों के चुनाव के समय पर ही होंगे. राजस्थान हाई कोर्ट  ने राज्य सरकार के उस प्रार्थना पत्र को खारिज कर दिया, जिसमें सरकार ने छह माह के लिए चुनाव टालने की मांग की थी. हाई कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि जब बिहार में चुनाव हो सकते हैं और राज्य में पंचायत चुनाव हो रहे हैं तो फिर सरकार निगम के चुनाव क्यों टालना चाहती है. सीजे इंद्रजीत माहंती की खण्डपीठ ने कहा कि बार-बार चुनाव टाले जाए इसका कोई कारण नहीं बनता है. ऐसे में अब सरकार को 31 अक्टूबर तक तीनों जगह चुनाव कराने होंगे. सुनवाई के दौरान राज्य निर्वाचन आयोग ने कहा कि वह तय समय पर चुनाव कराने के लिए पूरी तरह से तैयार है.

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जयपुर, जोधपुर और कोटा नगर-निगम में पहले अक्टूबर 2019 तक चुनाव होने थे. लेकिन राज्य सरकार ने तीनों नगर निगमों का विभाजन कर दिया था. इससे नियमों के तहत राज्य निर्वाचन आयोग को तैयारियों के लिए छह माह का समय और मिल गया था. उसके बाद 5 अप्रेल 2020 को चुनाव की तारीख तय की गई थी. लेकिन कोरोना के चलते राज्य सरकार के प्रार्थना-पत्र पर हाई कोर्ट ने चुनाव 6 सप्ताह के लिए टाल दिए थे. उसके बाद फिर सरकार ने कोरोना का हवाला देकर हाई कोर्ट से 31 जुलाई तक चुनाव टलवा लिए. जुलाई की मियाद खत्म होने से पहले सरकार ने तीसरी बार प्रार्थना-पत्र दायर करके एक बार फिर कोर्ट से चुनाव टालने की गुहार लगाई. इस पर कोर्ट ने 31 अक्टूबर तक चुनाव कराने के निर्देश दिए. लेकिन आज एक बार फिर सरकार ने प्रार्थना-पत्र लगाकर चुनाव छह माह तक टालने की मांग की थी. उसे कोर्ट ने ठुकरा दिया.
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