कोरोना के बाद अब मकान मालिक का सितम, फोन पर दे रहे धमकी- किराया दो वरना सामान फेंक देंगे
Jaipur News in Hindi

कोरोना के बाद अब मकान मालिक का सितम, फोन पर दे रहे धमकी- किराया दो वरना सामान फेंक देंगे
इसी प्रकार कुलदीप सिंह (Kuldeep Singh) भी यहां पर रहकर ग्रेजुएशन की परीक्षाएं दे रहे थे. लेकिन परीक्षाओं पर ब्रेक लगा और लॉकडाउन की वजह घर चले गए थे. लेकिन...

राजस्थान बेरोजगार एकीकृत महासंघ (Rajasthan Unemployed Unified Federation) का कहना है कि स्टूडेंट्स को लगातार धमकियां भी दी जा रही हैं. उनके सामान को बाहर फिकवाया जा सकता है.

  • Share this:
  • fb
  • twitter
  • linkedin
जयपुर. राजस्थान की राजधानी जयपुर (Jaipur) में रहकर पढ़ाई करने वाले स्टूडेंट्स लॉकडाउन (Lockdown) के दौरान अपने गांव को लौट थे. लेकिन अब जैसे ही अनलॉकडाउन की घोषणा हुई मकान मालिकों ने लोकडाउन के दौरान 2 महीने के किराए की एक साथ मांग रख दी. ऐसे में रेंट पर रहकर पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए एक साथ किराया चुकाना मुश्किल हो गया है. दरअसल, जयपुर के रिद्धि सिद्धि नगर (Riddhi Siddhi Nagar) इलाके में ज्यादातर कोचिंग इंस्टिट्यूट चलते हैं. इस इलाके में पुस्तकालय सहायक भर्ती परीक्षा की तैयारी कर रहे सुरेंद्र पाल किराए पर कमार लेकर रहते हैं. उन्हें किराए के रूप में 7000 रुपए हर महीने देना पड़ता है. सुरेंद्र पाल का कहना है कि उन्हें उनके मकान मालिक ने फोन करके बीते 2 महीने के किराए की राशि एक साथ जमा कराने को कहा है.

इसी प्रकार कुलदीप सिंह (Kuldeep Singh) भी यहां पर रहकर ग्रेजुएशन की परीक्षाएं दे रहे थे. लेकिन परीक्षाओं पर ब्रेक लगा और लॉकडाउन की वजह घर चले गए थे. लेकिन उनके किराए पर ब्रेक नहीं लगा है. अब मकान मालिक द्वारा समय पर किराया (Rent) चुकाने की मांग की जा रही है. बीते कुछ समय से राजस्थान बेरोजगार एकीकृत महासंघ ने ट्विटर पर " नो रूम रेंट" नाम से अभियान भी छेड़ रखा है, जिसे ट्विटर पर ट्रेंड कराया गया. इसमें राज्य सरकार से मांग की गई है कि बेरोजगार अभ्यर्थियों के किराए में छूट दी जाने के लिए सरकार मकान मालिकों को निर्देशित करें. क्योंकि कई मकान मालिकों ने स्टूडेंट्स को मकान खाली करने और एक साथ किराया चुकाने को कहा है.

स्टूडेंट्स को लगातार धमकियां भी दी जा रही हैं
साथ ही महासंघ का कहना है कि स्टूडेंट्स को लगातार धमकियां भी दी जा रही हैं कि उनके सामान को बाहर फिकवाया जा सकता है. ऐसे में सरकार की ओर से स्टूडेंट्स को यह राहत जरूर देनी चाहिए. लेकिन इस मामले पर राज्य सरकार द्वारा किराए माफी को लेकर कोई निर्णय नहीं हुआ. हालांकि लॉकडॉउन से पूर्व सरकार की ओर से मकान मालिकों से आग्रह किया गया था कि वह बाद में किराया वसूल कर सकते हैं. इस पर मकान मालिको ने अब अपना बकाया भुगतान मांगना शुरू कर दिया है.



पानी का खर्चा उनके किराए में जोड़ा जा रहा है


वहीं, बेरोजगारों का कहना है कि जिस दौरान वे अपने घर पर निवास नहीं कर रहे थे उस समय का भी बिजली और पानी का खर्चा उनके किराए में जोड़ा जा रहा है जो पूरी तरह गलत है. इस लिहाज से मकान किराए को लेकर सरकार को स्पष्ट नियम कायदे भी तय करने चाहिए और इनकी पालना भी करानी चाहिए. दूसरी ओर, मकान मालिकों ने भी स्टूडेंट्स की इन बढ़ती डिमांड के बाद अब कोर्ट की ओर जाने की तैयारी कर ली है. क्योंकि मकान मालिकों को लगता है कि यदि किराए माफ करने जैसा कोई निर्णय सामने आया तो उन्हें नुकसान हो सकता है. ऐसे में पीजी चलाने वाले और हाउस रेंट पर देने वाले मकान वाले एकजुट होना शुरू हो गए हैं. बहराल, स्टूडेंट के किराए की माफी हो सकेगी या नहीं यह तो खैर सरकार और कोर्ट के ऊपर निर्भर करेगा. लेकिन लॉकडाउन के दौरान खाली पड़े मकान और कमरों के बिजली और पानी के बिल मांगने वाले मकान मालिकों को जरूर इस ओर विचार करना चाहिए.

ये भी पढ़ें-

लिपुलेख का सफर: पहाड़ों की गोद में बसा गुंजी है सबसे अहम पड़ाव

उत्तराखंड में प्रवासियों की वापसी जारी,टिहरी लौटे 23 हजार लोगों ने बढ़ाई चिंता
First published: June 1, 2020, 8:26 AM IST
अगली ख़बर

फोटो

corona virus btn
corona virus btn
Loading