मारवाड़ियों के भरोसे बंगाल फतह करने की तैयारी में बीजेपी, राजस्थान के नेताओं को मिली जिम्मेदारी

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राजस्थान (Rajasthan) के नेताओं ने बंगाल चुनाव (Election) की कमान संभाली है. 50 से ज्यादा नेताओं के जिम्मे प्रचार की जिम्मेदारी दी गई है.

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जयपुर. राजस्थान (Rajasthan) के नेताओं ने बंगाल चुनाव (Election) की कमान संभाली है.  50 से ज्यादा नेताओं के जिम्मे प्रचार की जिम्मेदारी दी गई है. पश्चिम बंगाल में मारवाड़ियों ने कारोबार में जगह बनाई तो उनके रिश्ते राजनीतिक पार्टियों के साथ भी बहुत अच्छे बने. आज पश्चिम बंगाल के उद्योग व्यापार में मारवाड़ियों की जबरदस्त धमक है और हर राजनीतिक पार्टी उन्हें अपने करीब रखना चाहती है. राजस्थानियों को अपनी तरफ लुभाने के लिए राजनीतिक पार्टियां पूरी कोशिश भी कर रही हैं. यही वजह है कि पश्चिम बंगाल में मारवाड़ी समुदाय को भाजपा के करीब लाने के लिए बड़ी संख्या में नेता पहुंचे हैं.

चुनाव में राजस्थान के  नेता इलेक्शन मैनेजमेंट की अहम भूमिका में नजर आ रहे है. करीब 50 नेता पश्चिम बंगाल में सिलिगुड़ी से लेकर कूचबिहार तक और कोलकाता से बर्दवान तक चुनाव प्रबंधन में भागीदारी निभा रहे हैं. पश्चिम बंगाल में राजस्थानी बड़ी संख्या में हैं. डेढ़ सौ साल से भी ज्यादा समय से मारवाड़ी समुदाय बंगाल में है. ऐसे में भाजपा ने कई जगहों पर राजस्थानियों को अहम जिम्मेदारी सौंपी है. प्रदेश संगठन महामंत्री  प्रदेश के उपचुनाव की चिंता छोड़ पश्चिम बंगाल में कमल खिलाने में दिन रात एक कर रहे हैं. चंद्रेशखर एक महीने से वहां डेरा डाले हुए हैं.

इन नेताओं को जिम्मेदारी

सरकार बनाने का न्योता राजस्थानी ही देगा पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ राजस्थान से है. ऐसे में किसी भी पार्टी की सरकार बने लेकिन सरकार बनाने का न्योता राजस्थान से जुड़ा व्यक्ति ही देगा. धनखड़ पूर्व में केंद्रीय मंत्री रह चुके हैं. राजस्थान में विधायक रह चुके हैं और संविधान विशेषज्ञ के रूप में उनकी पहचान रही है. दिल्ली में रहते हुए धनखड़ अमित शाह और मोदी के काफी करीब रहे. इसलिए उन्हें पश्चिम बंगाल के गवर्नर की जिम्मेदारी दी गई  ऐसे में सरकार चाहे तृणमूल की बने या बीजेपी की या फिर माकपा कांग्रेस गठबंधन की. सरकार बनाने का न्यौता जगदीप धनखड़ ही देंगे.
एक दर्जन  विधानसभा क्षेत्रों में  मारवाड़ियों व हिंदी भाषी मतदाताओं  की अच्छी खासी संख्या है.  इस हिसाब से क्षेत्रों के चुनाव प्रबंधन की जिम्मेदारी राजस्थान विधानसभा के उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ और प्रदेश संगठन के पदाधिकारी भजनलाल शर्मा के पास है. इनके अलावा संगठन से बगैर दायिव वाले लोग भी पश्चिम बंगाल में काम कर हैं. इनमें  केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत भी शामिल हैं जुगल शर्मा, चौमूं से श्याम शर्मा, धनराज सोलंकी के नाम है. इसी तरह जयपुर के पूर्व डिप्टी मेयर मनीष पारीक, अजमेर के डिप्टी मेयर नीरज जैन सहित कई लोग पहुंच चुके हैं. उधर युवा मोर्चा से भी प्रदेश महामंत्री राजकुमार बिवाल, कार्यालय मंत्री सुमित अग्रवाल, प्रदेश उपाध्यक्ष विशाल पार्थ और अभय सिंह विधुडी ने पश्चिम बंगाल में कैंप किया है. इनकी जिम्मेदारी गांव गांव जाकर माहौल बनाने की है. साथ ही वहां के युवाओं को भाजपा से जोड़ने का जिम्मा है.
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