राजस्थान: विधानसभा में पक्ष-विपक्ष ने एकदूसरे पर छोड़े 'व्यंग्य बाण', लांघी मर्यादा

राठौड़ ने कहा कि सीएम हॉर्स ट्रेडिंग की बात तो रोजाना करते हैं. हॉर्स ट्रेडिंग में क्या कमी रह गई.

Rajasthan Legislative Assembly: सदन में आज अनुदान की कृषि और पशुपालन की मांगों पर बहस के दौरान गधों और घोड़ों (Donkeys and horses) पर जमकर बहस हुई. इस दौरान विपक्ष और सत्ता पक्ष ने एक दूसरे पर जमकर तंज (Comment) कसे.

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जयपुर. प्रदेश में गत वर्ष अशोक गहलोत सरकार पर आये सियासी संकट (Political crisis) और उसके बाद कांग्रेस (Congress) में मचे गदर की छाया अभी भी बरकरार है. आज विधानसभा (Assembly) के सदन में सियासी संकट के समय उपयोग में ली गये 'शब्दों' पर पक्ष और विपक्ष ने एक दूसरे पर जमकर व्यंग्य बाण छोड़े. इस दौरान कई बार तो शब्द मर्यादाओं (Limits) को लांघते हुये नजर आये.

दरअसल आज सदन में अनुदान की कृषि और पशुपालन की मांगों पर बहस हो रही थी. इस दौरान विपक्ष और सत्ता की तरफ से इशारों ही इशारों में जमकर तीर चलाये गये. इसके लिये गधों और घोड़ों की आड़ लेकर एक दूसरे पर निशाने साधे गये. उपनेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ ने सदन में कहा कि प्रदेश में गधों की संख्या हो रही है. जब गधों की गणना हो रही थी तब सरकार सो नहीं रही थी. उन्होंने कटाक्ष किया कि सरकार पांच सितारा होटल में कुर्सी बचाने में लगे हुये थे. सरकार कम से कम गधों की तो चिंता करें. राठौड़ ने कहा कि गधा वह जीव है जो पूरे दिन अपने मालिक के कहने पर काम करता है और रात को वापस चला जाता है. उन्होंने आरोप लगाया कि हिंगोनिया में लगने वाला मेला बंद कर दिया है.



वह कौन से घोड़े थे जिसकी इतनी खरीद-फरोख्त करवा दी
उसके बाद राठौड़ ने फिर प्रदेश में घोड़ों की संख्या को लेकर की चर्चा की. राठौड़ ने कहा कि सीएम हॉर्स ट्रेडिंग की बात तो रोजाना करते हैं. हॉर्स ट्रेडिंग में क्या कमी रह गई. वह कौन से घोड़े थे जिसकी इतनी खरीद-फरोख्त करवा दी की उनकी संख्या भी कम हो गई. इस पर सरकार समर्थक निर्दलीय विधायक संयम लोढ़ा ने राजेन्द्र राठौड़ से कहा कि राजस्थान में घोड़े खरीदने में विफल क्यों हो गए ? राठौड़ ने कहा यक्ष प्रश्न यह है कि राजस्थान में घोड़ा खरीदने में किसकी क्या भूमिका रही ? मुख्यमंत्री जी ने घोड़े खरीदने में किस भूमिका निर्वहन किया और कितने घोड़े खरीदे. राठौड़ ने कह कि अभी तो मंत्रिमंडल का विस्तार होगा तो यह विस्फोट होगा और घोड़े अपने अस्तबल में चले जाएंगे.

यह है पूरा मामला
उल्लेखनीय है कि गत वर्ष पायलट खेमे ने गहलोत सरकार से बगावत कर दी थी. उस सीएम गहलोत ने कई बार 'हॉर्स ट्रेडिंग' का जिक्र किया था. सीएम ने कहा था कि विपक्ष हॉर्स ट्रेडिंग कर सरकार को गिराना चाहता है. उसके बाद जब-जब किसी स्टेट में कांग्रेस की सरकार गिरी तब-तब सीएम गहलोत ने हॉर्स ट्रेडिंग का हमेशा जिक्र किया. आज उसी बात को लेकर उपनेता प्रतिपक्ष ने सदन यह बहस छेड़ दी थी. उसके बाद यह बहस लंबी खींचती चली गई.

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