जयपुर: 30 साल की उम्र में हुआ शेरनी बेगम का निधन, 15 साल पहले लाई गई थी

नाहरगढ़ बायोलॉजिकल प्रशासन ने बेगम के शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद में उसका अंतिम संस्कार कर दिया है.

नाहरगढ़ बायोलॉजिकल प्रशासन ने बेगम के शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद में उसका अंतिम संस्कार कर दिया है.

जयपुर के नाहरगढ़ रेस्क्यू सेंटर (Nahargarh Rescue Center) की सबसे बुजुर्ग शेरनी की आज मौत हो गई है. बेगम की उम्र 30 साल की बताई जा रही है.

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जयपुर. राजधानी जयपुर के नाहरगढ़ रेस्क्यू सेंटर (Nahargarh Rescue Center) में आज सबसे बुजुर्ग और एकलौती बची सर्कस की शेरनी बेगम (Lioness Begum) ने भी दुनिया को अलविदा कह दिया है. बेगम की उम्र 30 साल बताई जा रही है. सर्कस से छुड़ाकर रेस्क्यू सेंटर में लाये गये शेर, शेरनी और बाघ तथा बाघिनों में बेगम आखिरी शेरनी थी. बेगम के शव का पोस्टमार्टम के बाद अंतिम संस्कार कर दिया गया है.

रेस्क्यू सेंटर के अधिकारियों के अनुसार बेगम को वर्ष 2005 में सर्कस से मुक्त करवाकर नाहरगढ़ रेस्क्यू सेंटर लाया गया था. उस दौरान सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद पूरे देश में सर्कस में शेरों और बाघों के प्रदर्शन पर पाबंदी लगा दी गई थी. तब देशभर में अलग-अलग राज्य से जयपुर में 56 शेर, शेरनी और बाघ तथा बाघिन लाए गए थे. उनमें से पिछले 15 साल में सभी शेर और बाघ एक-एक करके दुनिया को अलविदा कह चुके थे. लेकिन बेगम अभी तक जिंदा थी. यह एक अजीब कोतुहल की बात है कि रिकॉर्ड के मुताबिक बेगम की उम्र 30 वर्ष बताई जा रही है.

यह अपने आप में बड़ा अजूबा है

अगर ऐसा है तो यह अपने आप में बड़ा अजूबा है. क्योंकि जब 2005 में बेगम को सर्कस से छुड़ाकर नाहरगढ़ रेस्क्यू सेंटर लाया गया था तब रिकॉर्ड में इसकी उम्र 15 साल बताई गई थी. 2005 से लेकर अब तक तक बेगम 30 वर्ष की उम्र को पार कर चुकी थी. जबकि शेरों और बाघों की उम्र या चिड़ियाघर में 15 से 20 साल से ज्यादा नहीं होती है. नाहरगढ़ बायोलॉजिकल प्रशासन ने बेगम को आज पोस्टमार्टम कराने के बाद में उसका अंतिम संस्कार कर दिया है. बेगम के साथ-साथ नाहरगढ़ रेस्क्यू सेंटर से सर्कस के शेरों और बाघों की मौजूदगी भी आज पूरी तरह से खत्म हो गई है.
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